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ब्रिक्स मंथन के केन्द्र में होंगे युवा, महिला और लघु-सीमांत किसान, इंदौर में 5 दिवसीय ब्रिक्स सम्मेलन आज से, 20 देशों के प्रतिनिधि और कृषि मंत्री होंगे शामिल

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-  केन्द्रीय कृषि मंत्री ने मीडिया से चर्चा में दी सम्मेलन की विस्तृत जानकारी 

भोपाल। भारत की अध्यक्षता में 9 से 13 जून तक इंदौर में आयोजित होने जा रही ब्रिक्स देशों के कृषि मंत्रियों और कृषि कार्य समूह की बैठक में खाद्य सुरक्षा, किसानों की आय बढ़ाने, कृषि व्यापार, जलवायु अनुकूल खेती और कृषि नवाचार जैसे मुद्दों पर मंथन होगा। इस सम्मेलन के केन्द्र में लघु-सीमांत किसानों का सशक्तिकरण और तकनीकी का लाभ सीधा उस तक पहुंचना होगा। खेती में महिलाओं की भूमिका, युवाओं का खेती के प्रति रुझान और उनके माध्यम से खेती में नवाचार, नवीन कृषि पद्यति और तकनीकी के उपयोग पर भी बैठक में मंथन होगा। यह बात केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इंदौर ब्रिक्स सम्मेलन के संबंध में सोमवार को राजधानी भोपाल में मीडिया से चर्चा में कही। पत्रकार वार्ता में केन्द्रीय कृषि मंत्रालय के संयुक्त सचिव अजीत साहू भी उपस्थित रहे। 

केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री चौहान ने बताया कि ब्रिक्स की शुरुआत 2006 में हुई थी और आज 11 सदस्य देशों व 10 साझेदार देशों के साथ यह विश्व के सबसे प्रभावशाली समूहों में से एक बन गया है। वैश्विक दृष्टिकोण से यह समूह बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि दुनिया की लगभग 42 प्रतिशत कृषि भूमि, 68 प्रतिशत कृषि जोतें और करीब 42 प्रतिशत खाद्य उत्पादन इन्हीं ब्रिक्स देशों के पास है । उन्होंने कहा कि हमारी प्रत्येक नीति नवाचार के केंद्र में छोटे जोत वाले किसान रहे हैं, इनकी अपनी समस्याएं हैं। शोधों का लाभ उन्हें मिले, अंतर्राष्ट्रीय बाजार तक इनकी पहुंच आसान हो। कृषि क्रेडिट का प्रवाह इनकी तरफ बढ़े।सम्मेलन में किसानों की आय रोजगार आजीविका और सतत कृषि विकास पर चर्चा होगी।बैठक में कृषि कार्य समूह के अंतर्गत 4 सत्रों में 8 सफल बैठकें होंगी। 9 से 11 जून तक कृषि कार्य समूह (अधिकारियों) की बैठक होगी। 12 और 13 जून को मंत्री समूह की बैठक होगी। 

भारत ने की है तीन सम्मेलनों की अध्यक्षता

श्री चौहान ने कहा कि ब्रिक्स के मंच पर होने वाला सहयोग पूरी दुनिया की खाद्य सुरक्षा को प्रभावित करता है । भारत इससे पहले भी साल 2012, 2016 और 2021 में ब्रिक्स की अध्यक्षता कर चुका है, जिसके दौरान 2016 में ‘ब्रिक्स कृषि अनुसंधान मंच’ जैसी बड़ी पहल शुरू की गई थी।

श्री चौहान ने बताया कि ब्रिक्स के अधिकारी समूह ने अब तक आठ बैठकें की हैं, जिनमें खाद्य सुरक्षा फिशरीज पशुपालन जैसे विषयों पर विमर्श हुआ है। 

इन चार बिन्दुओं पर होगी चर्चा 

श्री चौहान ने बताया कि बैठक में इस बार मुख्य रूप से चार विषयों—खाद्य सुरक्षा, पोषण एवं आजीविका (कृषि व्यापार एवं सहयोग) जलवायु अनुकूलन एवं सतत कृषि तथा कृषि एवं खाद्य प्रणालियों में नवाचार व साझेदारी को सशक्त बनाने पर विशेष रूप से चर्चा होगी। बैठक में खाद्य हानि को कम करने, पशुपालन, मत्स्य पालन और किसानों के अधिकारों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी गंभीर मंथन होगा ।

ब्रिक्स बाटिका बनेगी, वृक्षारोपण भी करेंगे

श्री चौहान ने कहा कि इंदौर की ब्रिक्स बैठक में भारत की प्रकृति से जुड़ी संस्कृति को दर्शाने के लिए इस भव्य आयोजन के दौरान सदस्य देशों के मंत्रियों और प्रतिनिधियों की सहभागिता से एक विशेष ‘ब्रिक्स वाटिका’ का निर्माण किया जाएगा और सामूहिक वृक्षारोपण होगा, जो पर्यावरण संरक्षण के प्रति हमारी साझी प्रतिबद्धता का प्रतीक बनेगा । इसके अलावा विदेशी महमानों को राजवाड़ा, छप्पन दुकान और मांडू जैसे ऐतिहासिक व प्रसिद्ध स्थलों का भ्रमण भी कराया जाएगा।