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5 हजार डिफाल्टर किसानों को ऋण मुक्त करेगी सरकार, जमा कराई राशि की बैंक अधिकारियों ने नहीं दी रसीद, इससे डिफाल्टर हुए किसान

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भोपाल। सहकारी बैंकों के खातेदार किसानों द्वारा लिए गए ऋण की वापसी की राशि को उनके ऋण खातों में जमा नहीं कराकर बैंक प्रबंधकों एवं सचिवों तथा अन्य कर्मचारियों द्वारा किए गए गबन व अनियमितताओं के मामलों में सरकार ने किसानों को राहत देने की योजना बनाई है। इस तरह के प्रकरणों में डिफाल्टर हो चुके किसानों की लंबित ऋण राशि को सरकार स्वयं जमा कराकर उन्हें ऋण मुक्त कराएगी। इस संबंध में सहकारिता विभाग की ओर से रखे गए ‘कवच’ योजना के प्रस्ताव को मंत्रि-परिषद ने मंगलवार को मंजूरी दे दी। 

क्या है सहकारिता विभाग की कवच योजना 

सहकारिता विभाग की ‘कवच योजना’ सहकारी समितियों के ऐसे लगभग 5 हजार किसानों के लिए है, जिनके ऋण खाते में गड़बडिय़ां हुई हैं और जांच में देरी की वजह से किसान सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। अब ऐसे किसानो को मुख्य धारा में लाकर योजना के तहत नया ऋण मिल सकेगा। निर्णय के अनुसार प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए अपेक्स बैंक और जिला सहकारी बैंकों द्वारा अपने स्तर से 50 करोड़ रुपये की सीमा तक की नीधि का निर्माण किया जाएगा। राज्य सरकार भी एक बार 25 करोड़ रुपये की अंशपूजी की सहायता उपलब्ध कराएगी। 

विकास-जन कल्याण के लिए 32 हजार करोड़ की मंजूरी 

मंत्रि-परिषद ने प्रदेश के सर्वांगीण विकास और जन-कल्याण के कामों को आगे बढ़ाने के लिए 32,070 करोड़ रुपये की योजनाओं और प्रस्तावों को स्वीकृति दी है। जिला एवं सिविल अस्पतालों व औषधालयों के सुचारू संचालन के लिए 12517.99 करोड़ रुपये, प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल की पहुंच बढ़ाने के लिए 11,812.02 करोड़ रुपये, प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन के तहत स्वास्थ्य आपदाओं से निपटने व लैब नेटवर्क निर्माण के लिए 2,449 करोड़ रुपये तथा मलेरिया एवं वेक्टर जनित रोगों के प्रभावी नियंत्रण के लिए 1,705 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। प्रदेश में अंतर्राष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाओं, स्टेडियम, खेल अधोसंरचना निर्माण के लिए 2,460 करोड़ 57 लाख रुपये की योजना को मंजूरी। स्टेट डाटा सेन्टर के उन्नयन, परिचालन एवं संधारण के लिए 1099 करोड़ 58 लाख रुपये की मंजूरी। जनजातीय कार्य विभाग शिक्षकों को 35 वर्ष की सेवा पूर्ण करने पर 1 जुलाई 2023 से चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान का निर्णय भी मंत्रि-परिषद ने लिया। 

मंत्रि-परिषद में यह महत्वपूर्ण निर्णय 

- खेल स्टेडियम और अधोसंरचना निर्माण के लिए 2,460.57 करोड़ रूपये की स्वीकृति

- जिला और सिविल अस्पताल एवं औषधालयों के संचालन के लिए 12,517.99 करोड़ रूपये की स्वीकृति

- मलेरिया सहित अन्य वेक्टर जनित रोगों के नियंत्रण के लिए 1,704.81 करोड़ रुपये की स्वीकृति

- प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (पीएमअभीम) के संचालन के लिए 2,448 करोड़ 79 लाख रूपये की स्वीकृति

- नागरिकों के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल सुनिश्चित करने के लिए 11 हजार 812.02 करोड़ रुपये की स्वीकृति

- स्टेट डाटा सेन्टर के उन्नयन, परिचालन एवं संधारण के लिए 1,099 करोड़ 58 लाख रूपये की स्वीकृति। 

- जनजातीय कार्य विभाग के शैक्षणिक संवर्ग के लिए चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान की स्वीकृति। 

7 अगस्त से शुरू होगा जन विश्वास अभियान 

मध्यप्रदेश सरकार आगामी 7 अगस्त से मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान शुरू करने जा रही है। इसके अंतर्गत प्रति शुक्रवार को मुख्यमंत्री, मंत्री, विधायक सहित राज्य एवं जिलों के अधिकारी वार्ड और पंचायत स्तर पर पहुंचकर आम नागरिकों की समस्याएं सुनेंगे और उसका समाधान भी करेंगे। पिछली कैबिनेट में इस अभियान का प्रजेंटेशन होने के बाद इसे मंजूरी दी गई थी। इस बार की बैठक में इस पर चर्चा के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रियों को अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए प्रभार के जिलों में जाने और निगरानी के निर्देश दिए।