राजधानी

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किसानों से चर्चा कर समाधान निकालने मंत्रियों की समिति गठित, किसानों के सकारात्मक सुझावों के साथ है सरकार: मुख्यमंत्री

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भोपाल। राजधानी में किसानों के प्रदर्शन पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी प्रतिक्रिया दी। बुधवार को कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में मीडिया से चर्चा में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार कृषक कल्याण वर्ष में सभी अन्नदाता बंधुओं के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश के किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंषाना ने कल भी किसानों से बातचीत की थी। किसानों से जुड़े विषयों को लेकर मंत्रियों की एक समिति गठित की गई है, जो किसान भाइयों से संवाद करेगी।  राज्य सरकार सदैव किसानों के सकारात्मक सुझावों के साथ है। हम संवाद के माध्यम से सभी समस्याओं का हल निकालने का प्रयास कर रहे हैं। हम किसानों और आम नागरिकों की बेहतरी के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएंगे। जनता को कष्ट न हो इसकी चिंता सभी को करना चाहिए। 

समिति में ये मंत्री शामिल 

किसानों से जुड़े मुद्दों पर उनसे चर्चा एवं समाधान निकालने के लिए मुख्यमंत्री द्वारा गठित समिति में कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना, लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग और पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर समिति में विधायक रामेश्वर शर्मा को भी शामिल किया गया है। 

किसान संघ के साथ किसानों से चर्चा करेगी समिति

किसानों से चर्चा के लिए मुख्यमंत्री द्वारा गठित मंत्रियों की समिति भारतीय किसान संघ के साथ मिलकर प्रदर्शनकारी किसानों के प्रतिनिधियों से उनकी मांगों पर चर्चा करेंगी और समस्या का हल निकालने का प्रयास करेगी। 

मुख्य सचिव ने सचिव को किया तलब

राजधानी के नर्मदापुरम मार्ग पर किसानों द्वारा पुलिस बेरीकेटिंग तोडक़र आगे बढऩे की सूचना लगते ही मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल ने शाम करीब 5 बजे कृषि विभाग के सचिव निशांत वरवड़े सहित विभाग के अन्य अधिकारियों को तलब किया।  

शोर करते हुए बसों को फांद गए किसान 

मंगलवार रात भोपाल पहुंच चुके प्रदर्शनकारी किसान रातभर एवं बुधवार दिनभर नर्मदापुरम मार्ग पर पुलिस बेरीकेटिंग के कारण ठहरे रहे। बुधवार शाम 4 बजे किसानों ने नारेबाजी करते हुए बेरीकेट्स तोड़ दिए। साथ ही बसों पर चढक़र प्रदर्शन करते हुए किसान चेतक पुल से होते हुए मुख्यमंत्री निवास की ओर बढ़े। शाम करीब 6 बजे केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के निवास के सामने हलका प्रदर्शन किया। इसके बाद रोशनपुरा पर पुलिस ने उन्हें फिर से रोक लिया। 

किसानों की मांग-शत-प्रतिशत मूंग खरीदे सरकार 

प्रदर्शन में शामिल किसानों का कहना है कि समर्थन मूल्य पर सरकार कुल 25 प्रतिशत मूंग की खरीदी कर रही है। प्रति एकड़ लगभग 5-6 क्विंटल मूंग पैदा होती है। जबकि सरकार 1.20 क्विंटल प्रति एकड़ के अनुपात में खरीद रही है। प्रदर्शन में नर्मदापुरम, हरदा, सीहोर, टिमरनी, खातेगांव, सिवनी-मालवा, सोहागपुर और जबलपुर तक के किसान पहुंचे हैं। 

मर्थन मूल्य पर मूंग खरीदी का गणित

- मूंग उपार्जन के लिए कुल पंजीकृत किसान 3.47 लाख 

- 29 जुलाई तक किसानों से कुल 60,668 मी.टन मूंग खरीदी जा चुकी है।  

- अब तक कुल 86,352 किसानों से मूंग खरीदी गई है। 

- मप्र को केन्द्र से मिला मूंग खरीदी का लक्ष्य- 4.54 लाख मी.टन।

- मूंग खरीदी के लिए मप्र की केन्द्र से मांग-4.60 लाख मीट्रिक टन। 

- मप्र में अनुमानित कुल उत्पादित मूंग-20.16 लाख मी.टन।  

- खरीदी 1 जुलाई  से 10 अगस्त तक होना है।  

- मूंगा का समर्थन मूल्य -8,768 प्रति क्विंटल है।