राजधानी

Image Alt Text

राजधानी की झील, तालाबों में अवैध मत्स्याखेट, खतरनाक बांधों और गहरे तालाबों में छड़ी के सहारे पकड़ी जा रही मछलियां

राजधानी

भोपाल। मानसून के तीन महीनों में जहां प्रदेशभर में मत्स्याखेट पर वैधानिक रोक लगी है। वहीं राजधानी के झील-तालाबों में खुलेआम अवैध मत्स्याखेट जारी है। झीलों-तालाबों के किनारों पर बैठे सैकड़ों मछलीमार बांस की छड़ी के सहारे मछलियों का शिकार कर रहे हैं। 

राजधानी भोपाल के बड़ा तालाब, छोटा तालाब सहित शाहपुरा तालाब, शिवाजी नगर स्थित जवाहर बाल उद्यान झील, मोतिया तालाब सहित अन्य तालाब-झीलों के किनारे बड़ी संख्या में मछलीमार अपनी छड़ी के साथ नजर आ रहे हैं।खास बात यह है कि सुबह से शाम तक मछलियां पकडऩे के लिए ये गहरे तालाबों के किनारों पर बिना किसी सुरक्षा-व्यवस्था के बैठे हैं। 


शाहपुरा झील की जालियां टूटीं, अंदर घुसे मछली मार 

शाहपुरा झील के प्रशासन अकादमी के सामने वाले किनारे पर हर दिन लगभग 500 की संख्या में मछली मार पहुंच रहे हैं। सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे के बाद तक यहां मछलियों को पकडऩे के लिए छड़ी डालते और पकड़ी गई मछलियों को थैलों में भरते देखा जा सकता है। झील-तालाबों में कई युवा और  बुजुर्ग तो कई 8-10 साल तक के बच्चे भी मछली पकडऩे पहुंच रहे हैं। पुलिस-प्रशासन, नगर निगम के कई अधिकारी इस रास्ते से गुजरते हैं, लेकिन इन्हें यहां से भगाया या रोका नहीं जा रहा है। इस कारण यहां मछलीमारों की संख्या हर दिन बढ़ती जा रही है। 

असुरक्षित बांधों में भी डाल रहे डोरियां    

राजधानी का कलियासोत बांध, जिसमें मगरमच्छ मौजूद हैं। इस बांध में हर साल दुर्घटनाएं और मौतें भी होती हैं। फिर भी इस बांध के खुले हिस्सों के किनारों पर बैठकर मछली पकड़ी जा रही हें। यहां भी पुलिस या जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ओर से रोकटोक नहीं है। शहर के भदभदा और केरवा बांध के किनारों की स्थिति भी यही है। 

यह हैं शहर के प्रमुख तालाब और झीलें

झील और तालाबों का शहर कही जाने वाली राजधानी भोपाल में लगभग एक दर्जन झील-तालाब हैं। यहां शहर की सीमा में तीन बांध कलियासोत, केरवा, भदभदा और शहर से 20 किमी की दूरी पर चौथा और भोपाल का सबसे बड़ा बांध कोलार मौजूद है। प्रमुख झील-तालाबों में यहां बड़ा तालाब, छोटा तालाब, शाहपुरा झील, नवाब सिद्दीकी हसन झील, मुंशी हुसैन खान झील, लेंदिया झील,सारंगपानी झील, मैनिट झील, मोतिया तालाब, जवाहर बाल उद्यान झील शामिल हैं।