राजधानी

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भूमि खरीद मामले में स्थगन की मांग अस्वीकार, किसानों के मुद्दे पर विपक्ष ने मुखौटा लगाकर किया प्रदर्शन

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भोपाल। मुख्यमंत्री पर भूमि खरीद मामले में लगाए आरोपों पर कांग्रेस सदन में स्थगन प्रस्ताव लाकर चर्चा कराना चाहती थी, लेकिन स्थगन की मांग सदन संचालन प्रक्रिया के अनुरूप नहीं होने के चलते विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने विपक्ष की इस मांग को अस्वीकार कर दिया। वहीं कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा की कार्यवाही से पहले किसानों के मुद्दों पर विधानसभा परिसर में गांधी प्रतिमा के सामने मुखौटा पहनकर प्रदर्शन किया। 

उज्जैन भूमि मामले में चर्चा के लिए नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और विधायक दिनेश जैन (बोस) ने स्थगन प्रस्ताव की सूचना दी। जिसे अस्वीकार करते हुए अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने व्यवस्था दी। उन्होंने कहा कि स्थगन प्रस्ताव की सूचनाओं की विषय वस्तु का मेरे द्वारा अवलोकन किया गया। स्थगन इसलिए अस्वीकार किया गया क्योंकि वह तत्कालीन विषय नहीं है। सामान्यत: स्थगन प्रस्ताव प्रदेश में तत्कालीन घटनाओं एवं कानून व्यवस्था के संबंध में उत्पन्न स्थिति पर लाया जाता है और उस पर ही चर्चा कराये जाने की परम्परा रही है। अनेक ऐसे अवसर आएंगे, जब सदन में इस विषय को उठाया जा सकता है। पूर्व की परम्पराओं में भी यह देखने में आया है कि यदि किसी विषय पर अन्य माध्यमों से चर्चा हो सकती हो तो उस विषय पर स्थगन प्रस्ताव नहीं लिया गया है। इस सत्र में भी विधेयक/विनियोग विधेयक एवं अनुपूरक बजट पर चर्चा के समय इस विषय पर आपको अवसर रहेगा।

मप्र सदन में होगी मरम्मत, विकास कार्य

विधायक अर्चना चिटिनिस ने ध्यानाकर्षण के माध्यम से महाराष्ट्र के पंढरपुर स्थित मप्र सदन के वारकरी के श्रद्धालुओं हेतु मरम्मत एवं विकास कार्य कराए जाने का विषय उठाया। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने अच्छी व्यवस्था करने के निर्देश प्रमुख सचिव शिवशेखर शुक्ला को दिए। विधायक देवेन्द्र पटेल ने तेज आवाज में डीजे सिस्टम लगाने वालों पर कार्यवाही  का मुद्दा ध्यानाकर्षण के माध्यम से उठाया। लेकिन वे स्वयं उपस्थित नहीं थे, इस कारण चर्चा नहीं हो सकी।  

दिवंगतों को श्रद्धांजलि पर हुई बहस 

विधानसभा में दिवंगतों को श्रद्धांजलि को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष में तीखी बहस हुई।  नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने बरगी क्रूज दुर्घटना में 13 लोगों की मौत और आत्महत्या करने वाले नीट परिक्षार्थियों का नाम श्रद्धांजलि सूची में शामिल नहीं करने पर आपत्ति ली।  जवाब में संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि यह विधानसभा सचिवालय पर टिप्पणी है। इस पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा- विधानसभा सचिवालय ने ऐसी गलती क्यों की है? विजयवर्गीय ने कहा कि सिंघार ने एक गलत परंपरा चालू कर दी है। ऐसा नहीं किया जाना चाहिए। वहीं, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा- विधानसभा का सचिवालय सभी सदस्यों का है। अगर उनके पास कोई बड़ी घटना की जानकारी होती है तो वे सचिवालय को सदन की कार्यवाही शुरू होने के पहले जानकारी दे सकते हैं ताकि ऐसे लोगों के नाम भी जोड़े जा सकें।

यूसीसी पर मसूद मुखर, कांग्रेस मौन 

मप्र में समान नागरिक संहिता विधेयक पर कांग्रेस विधायक दल की अगुवाई विधायक आरिफ मसूद कर रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष सहित कांग्रेस के अन्य विधायक इस विषय पर खुलकर बोलने से बच रहे हैं। वहीं आरिफ मसूद ने आरोप लगाया कि यूसीसी विधेयक पहले सदन के पटल पर रखा गया और बाद में उसे अनुपूरक कार्यसूची में जोड़ा गया। कांग्रेस ने इसका कड़ा विरोध किया है और मंगलवार को भी विरोध जारी रहेगा। मसूद ने बताया कि उन्होंने विधेयक पर संशोधन का प्रस्ताव भी दिया है। अध्यक्ष यदि अनुमति देंगे तो कांग्रेस इस पर विस्तार से अपनी बात रखेगी। भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि कांग्रेस विरोध करती रहे, इससे यूसीसी लागू होने से नहीं रुकेगा। कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने कहा कि प्रदेश को यूसीसी नहीं, बल्कि यूनिफॉर्म एजुकेशन कोड की जरूरत है, ताकि सभी बच्चों को समान शिक्षा मिल सके।

कार्यमंत्रणा समिति की बैठक हुई 

विधानसभा सत्र की शुरूआत से पहले विधानसभा परिसर में अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर के सभापतित्व में कार्यमंत्रणा समिति की बैठक हुई। इस बैठक में जुलाई सत्र,2026 के कामकाज के संबंध में विचार विमर्श हुआ। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव,नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष डॉ.सीतासरन शर्मा,  संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, विधायक गोपाल भार्गव, हेमंत खण्डेलवाल, अजय विश्नोई, सोहनलाल बाल्मीक, यादवेंद्र सिंह, लखन घनघोरिया, हेमंत सत्यदेव कटारे उपस्थित रहे।