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हंगामेदार रहा मप्र विधानसभा के मानसून सत्र का पहला दिन, यूसीसी विधेयक सदन में पेश, चर्चा आज

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भोपाल। विधानसभा के मानसून सत्र का पहला दिन हंगामेदार रहा। कांग्रेस विधायक दल की ओर से उज्जैन भूमि खरीद मामले में स्थगन की मांग को विधानसभा अध्यक्ष द्वारा अस्वीकार किए जाने के बाद विपक्ष ने आसंदी के पास पहुंचकर हंगामा किया और सदन के बाहर भी नारेबाजी की। वहीं  पहले ही दिन सरकार की ओर से ‘समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक 2026 सहित 16 अन्य विधेयक और संशोधन विधेयक पेश कर दिए गए।  विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने इन पर मंगलवार को चर्चा का समय दिया है। 

मप्र विधानसभा सचिवालय द्वारा एक दिन पहले जारी कार्यसूची में शामिल दो संशोधन विधेयकों के बाद, सोमवार को सदन की कार्यवाही के बीच सचिवालय ने एक पूरक कार्यसूची भी जारी की। राज्य सरकार की ओर से  इस सूची में शामिल 14 अन्य विधेयकों और संशोधन विधेयकों को भी सदन में पेश किया गया। एक साथ इतने विधेयक पेश करने पर कांग्रेस विधायक बाला बच्चन ने अध्यक्ष श्री तोमर से पूछा कि जब यह विधेयक कार्यसूची में शामिल नहीं थे, तो इन्हें अचानक क्यों लाया गया। क्या इन पर चर्चा हो सकेगी। अध्यक्ष श्री तोमर ने कहा कि कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में इस पर चर्चा हुई थी। इसके बाद यह विधेयक सदन में ले आए हैं। कल इन पर चर्चा होगी। उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद कांग्रेस विधायक सचिन यादव, बाला बच्चन ने कहा कि अगर सदन को विश्वास में नहीं लिया जाएगा तो यह परंपरा ठीक नहीं है। संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि कार्य मंत्रणा समिति के बाद विधेयक टेबल पर आते हैं। विधेयक की पूरी जानकारी विधायक दिनभर पढ़ सकते हैं।

पहले ही दिन पेश हुए ये 16 विधेयक /अध्यादेश

- मध्यप्रदेश समान नागरिक संहिता विधेयक, 2026

- मप्र कार्यस्थल सशक्तिकरण संहिता (श्रम शक्ति संहिता) विधेयक, 2026

- मप्र धन्वंतरि स्वस्थ्य विश्वविद्यालय विधेयक, 2026

- मध्यप्रदेश अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा विधेयक, 2026

- मप्र ईज ऑफ डूइंग बिजनेस विधेयक, 2026

- मध्यप्रदेश उपकर (संशोधन) विधेयक, 2026

- भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (मध्यप्रदेश संशोधन) विधेयक, 2026

- मध्यप्रदेश राजमार्ग (संशोधन) विधेयक, 2026

- मप्र निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन)(संशोधन) विधेयक, 2026

- मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज (संशोधन) विधेयक, 2026 

- मध्यप्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, 2026

- मध्यप्रदेश वेट (संशोधन) विधेयक, 2026

- मध्यप्रदेश माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक, 2026 

- मध्यप्रदेश निरसन विधेयक, 2026

- मप्र पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज (संशोधन), आध्यादेश, 2026

- मप्र उपकर (संशोधन) आध्यादेश, 2026

विपक्ष का हंगामा, प्रश्रकाल के बाद स्थगित हुई कार्रवाई 

दिवंगतों को श्रद्धांजलि और प्रश्नकाल के तुरंत बाद नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने उज्जैन भूमि मामले में स्थगन पर चर्चा की मांग की। संसदीय कार्यमंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने पुरानी घटना से जुड़े विषय को स्थगन के माध्यम से उठाने पर आपत्ति ली। अध्यक्ष ने भी विपक्ष की मांग को अनुचित बताया। इसके बाद कांग्रेस विधायकों ने आसंदी के पास पहुंचकर हंगामा किया। कार्यवाही बाधित होते ही अध्यक्ष श्री तोमर ने विपक्ष की मांग पर नियम 139 के तहत किसानों से जुड़े विषयों पर चर्चा का समय दिया। हालांकि विपक्ष स्थगन मी मांग को लेकर हंगामा करता रहा तो अध्यक्ष श्री तोमर ने दोपहर 12.08 विधानसभा की कार्रवाई को आधा घंटे के लिए स्थगित किया। कार्रवाई शुरू होते ही विधायक अर्चना चिटिनिस ने ध्यानाकर्षण के माध्यम से महाराष्ट्र के पंढरपुर स्थित मप्र सदन के वारकरी के श्रद्धालुओं हेतु मरम्मत एवं विकास कार्य कराए जाने का विषय उठाया। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने अच्छी व्यवस्था करने के निर्देश प्रमुख सिचव शिवशेखर शुक्ला को दिए। विधायक देवेन्द्र पटेल ने तेज आवाज में डीजे सिस्टम लगाने वालों पर कार्रवाई का मुद्दा ध्यानाकर्षण के माध्यम से उठाया। लेकिन वे स्वयं उपस्थित नहीं थे, इस कारण चर्चा नहीं हो सकी।  

विपक्ष की स्थगन की मांग अस्वीकार 

उज्जैन भूमि मामले में चर्चा के लिए नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और विधायक दिनेश जैन (बोस) की स्थगन प्रस्ताव की सूचना को अस्वीकार करते हुए अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने व्यवस्था देते हुए कहा कि स्थगन प्रस्ताव की सूचनाओं की विषय वस्तु का मेरे द्वारा अवलोकन किया गया। स्थगन इसलिए अस्वीकार किया गया क्योंकि वह तत्कालीन विषय नहीं है। सामान्यत: स्थगन प्रस्ताव प्रदेश में तत्कालीन घटनाओं एवं कानून व्यवस्था के संबंध में उत्पन्न स्थिति पर लाया जाता है और उस पर ही चर्चा कराये जाने की परम्परा रही है। अनेक ऐसे अवसर आएंगे, जब सदन में इस विषय को उठाया जा सकता है। पूर्व की परम्पराओं में भी यह देखने में आया है कि यदि किसी विषय पर अन्य माध्यमों से चर्चा हो सकती हो तो उस विषय पर स्थगन प्रस्ताव नहीं लिया गया है। इस सत्र में भी विधेयक/विनियोग विधेयक एवं अनुपूरक बजट पर चर्चा के समय इस विषय पर आपको अवसर रहेगा।

भोजनावकाश के बाद किसानों के मुद्दों चली चर्चा 

विधानसभा सत्र के पहले दिन भोजनावकाश के बाद दोपहर 3 बजे से नियम 139 के अधीन अविलम्बनीय लोक महत्व के विषय ‘मध्यप्रदश्ेा में किसानों को खरीफ फसल हेतु खाद/बीज नहीं मिलने एवं अवर्षा से उत्पन्न स्थिति के संबंध में’ चर्चा चली। यह विषय नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार की ओर से सदन में उठाया गया। सत्तापक्ष के विधायकों ने सरकार द्वारा किसानों के हित में किए जा रहे कामों और योजनाओं का उल्लेख किया तो वहीं विपक्ष के विधायकों ने किसानों को खाद-बीज नहीं मिलने सहित उनकी अन्य समस्याओं को सदन में उठाया।