राजनीति

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चुनावी मंच से नरोत्तम ने दतिया एसपी को दी चेतावनी, मैं भूलने वाला इंसान नहीं, दोस्ती-दुश्मनी दोनों याद रखता हूं

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भोपाल।  दतिया उप चुनाव में भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के समर्थन में आयोजित आमसभा में संबोधित करते हुए भाजपा नेता नरोत्तम मिश्रा ने दतिया पुलिस अधीक्षक मयूर खंडेलवाल को मंच से ही चेतावनी दे दी। उन्होंने कहा कि वे कार्यकर्ताओं पर हुई पुलिसिया कार्रवाई और लाठीचार्ज को भूलने वाले नहीं हैं। 

कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए श्री मिश्रा ने कहा कि तुमने प्रदर्शन की दिशा ही मोड़ दी। उस दिशा ने दशा मोड़ दी। बोले दादा के एक-एक आंसू की बदला भाजपा से लेंगे। कैसे होगा? बदला लेना है कांग्रेस से, कह रहे हो भाजपा से। बदला लेना है पुलिस-प्रशासन से,कह रहे हो आशुतोष से। ये आना चाहिए कि हमें बदला किससे लेना है। उन्होंने कहा कि जिसने हमारे कार्यकर्ताओं पर लाठियां भांजीं और आंसू गैस के गोले छोड़े। उन्होंने कहा, ‘एसपी साहब ध्यान से सुनना... आपने कार्यकर्ताओं को डंडे मारे थे।  मैं भूलने वाला प्राणी नहीं हूं। दोस्ती और दुश्मनी दोनों बहुत अच्छे से याद रखता हूं। चक्का जाम खुलवाना था तो आप जाम खुलवाते, लेकिन बीजेपी कार्यालय में घुसकर अश्रुगैस के गोले फेंकने की क्या जरूरत थी? मैं सब कुछ याद रखता हूं। 

आशुतोष की क्षमता है टिकट काटने की

नरोत्तम मिश्रा ने आगे कहा, कि आप लोग कह रहे थे, आशुतोष ने टिकट काट दी। आशुतोष की क्षमता है टिकट काटने की। टिकट काटने वाले कोई और हैं, वहां तक जाने की तुम्हारी क्षमता नहीं है। वहां हमें बात करनी है। तुम जानते हो, हम बात करेंगे। अपनी गुस्सा गलत जगह पर नहीं निकालो। ब्रह्मास्त्र कहीं और मत दागो मेरे मित्रो। ब्रह्मास्त्र गलत जगह दाग दिया तो, जो मैन युद्ध है, वहां से चूक जाओगे। आप मेरे दिल के बहुत करीब हो न, पूरा शहर दिल के नजरीक है, ये सब ने साबित कर दिया। इससे बड़ी और क्या उपलब्धि किसी व्यक्ति को चाहिए। काहे का एमएलए लगता है। एमएलए तो 230 हैं न, हैं कि नहीं हैं, मप्र में, चर्चा में तुम हो। ये प्रेम है, रिस्ता है, आपसे, दतिया से मेरे दिल का। रिस्ता है कि नहीं है। ये रिस्ता साबित हुआ। कहां लग रही है, विधायिकी इसके आगे, लग रही है। तुम अगर स्पेस दोगे तो दूसरा आएगा। 

भाजपा के खिलाफ गलत मत लिखना

मिश्रा ने अपने संबोधन में कार्यकर्ताओं से कहा, ‘ आज के बाद फेसबुक पर भाजपा के खिलाफ कुछ लिख मत देना। दोनों हाथ जोडक़र प्रार्थना है। अपना विजन, अपना मिशन आशुतोष के लिए लगाओ यह प्रार्थना कर रहा हँू। बाकि मेरे पर छोड़ दो। मुझ पर भी विश्वास करते हो या नहीं।