राजधानी

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नशा माफिया के प्रति नरमी छोड़े, गरमी से पेश आए पुलिस, मुख्यमंत्री ने की ‘नशे से दूरी है जरूरी 2.0’ अभियान की शुरूआत

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भोपाल। नशा ऐसे ही परिवार को बर्बाद करता है जैसे जुए की लत लगने के बाद कोई भी व्यक्ति अपने परिवार को बर्बाद कर देता है। पुलिस टीम नशे के समूचे रैकेट को पकडऩे के लिए काम करे। अवैध कारोबार, ड्रग माफिया के खिलाफ पुलिस नरमी छोड़ें और गरमी से पेश आए। यह बात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को राजधानी भोपाल के रविन्द्र भवन में ‘नशे से दूरी है जरूरी 2.0’ अभियान की शुरूआत करते हुए कही। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने पुलिस को इसके लिए फ्री हैंड दिया है। हमारी सरकार अन्य राज्यों से हमारी सरकार तालमेल कर रही है। भावी पीढ़ी की सुरक्षा और समाज में जागृति के लिए एकजुट होकर काम करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि लाल सलाम के कारण स्मगलरों पर काम नहीं कर पा रहे थे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नक्सलवाद को खत्म करने जो डेटलाइन दी थी, उसके पहले ही मप्र पुलिस ने लाल सलाम को खत्म करने का काम किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मप्र में नशा करने वालों के पुनर्वास का कार्यक्रम भी चल रहा है। 19 शहर और गांव में नशाबंदी का काम सरकार ने किया है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने नशा मुक्ति के लिए रवीन्द्र भवन में मौजूद अफसरों, स्कूली छात्रों को शपथ भी दिलाई।

पदोन्नति के कारण विभागों में उत्साह का माहौल 

मुख्यमंत्री ने कहा कि पदोन्नतियों के कारण पुलिस के साथ सभी विभागों में उत्साह का माहौल बना है। ऐसे संस्कार युक्त सामाजिक अभियान का स्वागत करते हैं। 

पूरे परिवार को बर्वाद करता है नशा:कुशवाह 

कार्यक्रम में उपस्थित प्रदेश के सामाजिक न्याय मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने कहा कि नशा मुक्त भारत अभियान के लिए सामाजिक न्याय विभाग काम कर रहा है। नशा नाश की जड़ है। नशा एक व्यक्ति को नहीं बल्कि पूरे परिवार को बर्बाद करता है। नशा करने वाले भी नशे से दूर होकर दूसरे नशा पीड़तों को नशा मुक्त करने का काम करते हैं। इनका सहयोग लिया जाता रहेगा।

15 से 65 साल तक के नागरिकों को करेंगे जागरुक 

स्पेशल डीजी पंकज श्रीवास्तव ने कहा कि 15 से 65 साल तक की उम्र के नागरिकों तक पुलिस पहुंचेगी और नशे के गंभीर दुष्प्रभाव की जानकारी देगी और बचने के उपाय बताने के लिए काम करेगी। सरकार की मंशा के अनुसार पिछले साल चलाए गए अभियान ने वर्ल्ड बुक ऑफ रिकार्ड में स्थान बनाया। ब्रिटेन की संसद में पिछले अभियान के बाद एमपी पुलिस को विशेष सम्मान दिया गया था। उन्होंने बताया कि नशे की लत से 33 करोड़ से अधिक दुनिया भर में पीडि़त हैं। 25 करोड़ लोग गांजे का नशा करते हैं। 6 करोड़ से अधिक लोग अफीम और अन्य मादक पदार्थों का सेवन करते हैं। ऐसे काम के लिए संगठित गिरोह चलाने वालों पर कार्यवाही करना जरूरी है।