राजनीति

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डॉ.मुखर्जी की बनाई उद्योग नीति से विकसित राष्ट्र बना भारत, प्रदेश भाजपा कार्यालय में हुआ पार्टी की जिला इकाई का कार्यकर्ता सम्मेलन में बोले शिवप्रकाश

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भोपाल। आजाद भारत में तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के नेतृत्व वाली सर्वदलीय सरकार में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी उद्योग मंत्री बनाए गए थे। भारत आज जिस उद्योग नीति का अवलोकन कर विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है, वह डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की बनाई उद्योग नीति है। यह बात भाजपा के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश ने रविवार को प्रदेश भाजपा कार्यालय में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर स्मरण पक्ष के तहत आयोजित जिला कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कही। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल सहित अन्य नेता शामिल रहे। 

उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने छोटे, लघु और बड़े  उद्योगों के विकास के लिए लघु उद्योग निगम नामक एक संस्था की स्थापना की थी। देश को स्वावलंबी बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कार्य कर रहे हैं, वह कार्य डॉ. मुखर्जी ने ही शुरू किया था। डॉ. मुखर्जी ने भारत को स्वावलंबी बनाने के लिए हाथकरघा, व लघु उद्योगों की स्थापना का वृहद अभियान चलाया था। देश के आजाद होने के बाद भारत की शिक्षा प्रणाली को देश की भाषा में और रोजगारपरक बनाने के लिए भी डॉ. मुखर्जी ने कार्य किया, लेकिन जम्मू-कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग बनाने के लिए उनका बलिदान हो गया। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में में लागू राष्ट्रीय शिक्षा नीति को भी सबसे पहले डॉ. मुखर्जी ने ही लागू करने की योजना बनाई थी। वह अद्वितीय प्रतिभा के धनी थे, 33 वर्ष की आयु में बंगाल के कोलकाता विश्वविद्यालय के कुलपति बन गए थे। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद देश की अखंडता के लिए पहला बलिदान डॉ. मुखर्जी ने ही दिया था।

देश के बंटवारे के दौरान नेहरू-लियाकत समझौता जिसे दिल्ली पैक्ट भी कहा जाता है, उसका भारत तो पालन कर रहा था, लेकिन पाकिस्तान पालन नहीं कर रहा था। डॉ. मुखर्जी इस बात से नाराज थे कि पंडित नेहरू बहुसंख्यक समाज की सुरक्षा और सम्मान के लिए कोई कार्य नहीं कर रहे थे, सिर्फ अल्पसंख्यकों के हितों के कार्यों में लगे थे। 

देश को दिशा दे रहा डॉ. मुखर्जी का राष्ट्रवादी चिंतन: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी दूरदर्शी राष्ट्र नायक थे, जिन्होंने देश के भविष्य की चुनौतियों को समय रहते पहचाना और राष्ट्र की एकता, अखंडता एवं सांस्कृतिक अस्मिता के पक्ष में निर्भीकता से आवाज बुलंद की। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी मात्र 33 वर्ष की आयु में कलकत्ता विश्वविद्यालय के सबसे कम उम्र के कुलपति बने। उन्होंने ब्रिटिश शासन की विभाजनकारी नीतियों का विरोध किया तथा बंगाल के विभाजन सहित राष्ट्र विरोधी षड्यंत्रों के खिलाफ निर्णायक संघर्ष किया। स्वतंत्रता के बाद उन्होंने केंद्र सरकार में उद्योग, आपूर्ति एवं अन्य महत्वपूर्ण दायित्व निभाए, लेकिन राष्ट्रहित के मुद्दों पर कभी समझौता नहीं किया। उनका संघर्ष भारत की अखंडता और संविधान की समानता के सिद्धांत के लिए था। डॉ. मुखर्जी का बलिदान देश की एकता और अखंडता के इतिहास में सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में धारा-370 और 35, को समाप्त कर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के संकल्प को साकार किया गया। इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर पूर्ण रूप से भारत की संवैधानिक व्यवस्था से जुड़ा और राष्ट्र की एकता को नई मजबूती मिली। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के राष्ट्रवादी विचारों को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाकर राष्ट्र निर्माण के इस अभियान को और अधिक सशक्त बनाएं।

डॉ. मुखर्जी ने रखी राष्ट्रवादी राजनीति की नीव:खंडेलवाल 

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि देश की एकता और अखंडता को मजबूत बनाने में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का महत्वपूर्ण योगदान है। डॉ. मुखर्जी के विचारों ने राष्ट्रवादी राजनीति की मजबूत नींव रखी है। डॉ. मुखर्जी के बताए मार्ग पर चलकर भाजपा विश्व का सबसे बड़ा राजनीतिक दल बना है। भाजपा विचारधारा और कार्यकर्ता आधारित, अनुशासित संगठन है। भाजपा की सबसे बड़ी ताकत उसके संस्कार, विचार, कार्यपद्धति और समर्पित कार्यकर्ता हैं। उन्होंने बताया कि मप्र के सभी 62 जिलों में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के अवसर पर कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं, जिनके माध्यम से उनके राष्ट्रवादी विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है। कार्यक्रम का संचालन जिला अध्यक्ष रविन्द्र यति ने किया तथा आभार राजकुमार विश्वकर्मा ने व्यक्त किया। इस अवसर पर मंत्री विश्वास सारंग, श्रीमती कृष्णा गौर सहित पार्टी के प्रदेश एवं जिले के पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।