Breaking News:
राजधानी
जीतू पटवारी को भेजा 5 करोड़ का मानहानि नोटिस, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के झूठे आरोपों पर वीर भारत न्यास के सचिव श्रीराम तिवारी ने शुरू की विधिक कार्रवाई
राजधानी
भोपाल। वीर भारत न्यास को 500 करोड़ रुपये की भूमि एक रुपये में भूमि आवंटित किए जाने को लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी द्वारा लगाए गए आरोपों को लेकर न्यास के सचिव श्रीराम तिवारी ने अभिभाषक हरीश मेहता की ओर से पटवारी को पांच करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस भेजा है।
वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश मेहता और गुंजन चौकसे ने श्री तिवारी के मानहानि नोटिस की जानकारी मीडिया से साझा करते हुए बताया कि न्यास के सचिव और मुख्यमंत्री के सांस्कृतिक सलाहाकार श्रीराम तिवारी पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने 26 जून 2026 को न्यास को लेकर पक्षकार पर 500 करोड़ के घोटाला तथा एक रुपये में जमीन दिए जाने का मिथ्या लांक्षन लगाया, जिससे उनकी प्रतिष्ठा को हानि पहुंची।
श्री मेहता ने बताया कि अभी पटवारी को मानहारि नोटिस भेजा गया है, जिसमें बिना तथ्यों, जानकारी व बिना प्रमाणों के आरोप लगाए जाने का उल्लेख किया गया है। जल्द ही यह नोटिस उन्हें मिल जाएगा। इस नोटिस के बाद 3 दिन में श्री पटवारी सार्वजनिक रूप से मिथ्या कथन पर स्पष्टीकरण और माफी नहीं मांगते हैं। मीडिया में खेद व्यक्त एवं विज्ञप्ति जारी कर माफी नहीं मांगेगे तो 5 करोड़ की मानहानि का प्रकरण दर्ज कराया जाएगा।
अभिभाषक श्री मेहता ने कहा कि मेरे पक्षकार का पूरा जीवन सत्य, निष्ठा और ईमानदारी का रहा। इस झूठे लांछन से मेरे पक्षकार की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची, धब्बा लगा। इसके लिए नोटिस में पटवारी से 5 करोड़ की क्षति भी मांगी गई है। श्री मेहता ने स्पष्ट कया कि नोटिस के बाद यदि पटवारी माफी मांगते हैं तो पक्षकर से चर्चा के बाद मानहानि का आंकलन कर आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि 2012 में गठित न्यास निजी नहीं होकर पूरी तरह शासकीय और संस्कृति विभाग के अधीन है, जिसमें मुख्यमंत्री पदेन अध्यक्ष और मुख्य सचिव सहित 6 विभागों के सचिव पदेन न्यासी हैं।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, पूर्व मुख्यमंत्री का मान भी नहीं रखा
अभिभाषक गुंजन चौकसे ने कहा कि जीतू पटवारी के मनगढ़त आरोपों का कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय ङ्क्षसह द्वारा खंडन कर न्यास को लेकर स्थिति स्पष्ट की थी। न्यास को लेकर पूरी जानकारी ऑनलाइन सार्वजनिक है। इसके बाद भी जीतू पटवारी ने अपनी ही पार्टी के वरिष्ठ नेता पूर्व मुख्मयंत्री का ही मान नहीं रखते हुए और न्यास के संबंध में तथ्य और सत्य जाने बिना फिर से यही कहा कि वे उनके द्वारा लगाए गए आरोपों पर कायम हैं। श्रीमती चौकसे ने पटवारी से चार सवाल भी पूछे। न्यास की भूमि के लिए एक रुपये दिए जाने को लेकर आपके पास क्या दस्तावेज हैं? राज्यपाल के अभिभाषण, कलेक्टर के आदेश तथा जानकारी सार्वजनिक होने के बाद भी तथ्यों को नजर अंदाज क्यों किया? पूव्र मुख्यमंत्री न्यास के पदेन अध्यक्ष होते हैं तो क्या उनके घोटालों के आरोपों में कांग्रेस के मुख्यमंत्री भी शामिल हैं?क्या दिग्विजय सिंह के खंडन किए जाने के बाद भी वे अपनी बात पर कायम हैं? एवं क्या वीरों के सम्मान में उनकी गाथाओं के बनाए गए संग्रहालय के वे विरोध में हैं? श्रीमती चौकसे ने कहा कि इस प्रकरण में आगे सिविल, अपराधिक प्रकरण भी दर्ज कराए जाएंगे।
ट्रेंडिंग खबरें
राजधानी
अंशुमन यादव बने एडीजी इंटेलीजेंस, चंचल शेखर डायरेक्टर खेल विभाग, मप्र में बदलीं वरिष्ठ आईपीएस...
29-08-26
मध्यप्रदेश
ठेकेदार गटक रहे मासूमों का पोषण आहार, ग्वालियर में मासूमों को गर्म भोजन और महिला...
29-08-26
अपराध
बजरंग दल नेता के भाई की गोली मारकर हत्या, ठेले पर मोमोज खाने के दौरान...
27-08-26
मध्यप्रदेश
भोपाल में दो नए होम्योपैथी कॉलेजों की मंजूरी, देशभर में 8 नए होम्योपैथ कॉलेजों की...
19-08-26
राजधानी
सुचिस्मिता सक्सेना गृह विभाग में उप सचिव, मनीषा सेंतिया को पर्यटन भेजा, भारतीय प्रशासनिक सेवा...
19-08-26