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ए-प्लस निगरानी प्रकरणों की समीक्षा बैठक में सख्त दिखे मुख्यमंत्री,बोले-शनिवार तक जारी हो जाएं ए-प्लस निगरानी वाले सभी लंबित स्थानांतरण आदेश

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भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को ए-प्लस निगरानी वाले लंबित स्थानांतरण आदेशों की समीक्षा की। बैठक में लंबित प्रकरणों को लेकर उन्होंने अधिकारियों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए अगले एक दिन में अर्थात शनिवार तक हर हाल में सभी लंबित स्थानांतरण आदेश जारी करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने जिलों की घोषणाओं के क्रियान्वयन की रिपोर्ट भी अगले तीन दिन में भेजने के निर्देश दिए।

कई विभागों से जारी नहीं हो सके आदेश 

विगत 20 मई को जारी हुई मप्र सरकार की नई स्थानांतरण नीति को लेकर मंत्रि-परिषद ने निर्णय लिया था कि ए-प्लस निगरानी वाले सभी स्थानांतरण प्रकरण 31 मई से पहले निपटा लिए जाएं। एक से 15 जून के बीच इसके आदेश जारी होने थे। मुख्यमंत्री ने एक दिन और समय भी बढ़ाया था, लेकिन कई विभागों ने मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाले आदेश अब तक जारी नहीं किए। अधिकारियों की इसी लापरवाही को लेकर मुख्यमंत्री नाराज हुए। उन्होंने कुछ विभाग प्रमुखों को फटकार भी लगाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके लिए अब और इंतजार नहीं कर सकते। साथ ही कहा कि कल (शनिवार) तक हर हाल में ए-प्लस निगरानी वाले सभी लंबित स्थानांतरण आदेश जारी हो जाएं। 

क्या है ए-प्लस निगरानी फाइल

ए-प्लस निगरानी में मुख्यमंत्री की प्राथकिता वाली वे फाइलें होती हैं, जिन्हें सरकार उच्च प्राथमिकता पर रखती है। इनमें मुख्यमंत्री की घोषणाएं और प्राथमिकता वाले बड़े निर्णय आते हैं। इनकी निगरानी सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय से होती है और मुख्यमंत्री स्वयं इन प्रकरणों की समय-समय पर समीक्षा करते हैं। ऐसे प्रकरणों में लापरवाही पर अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई भी हो सकती है।