राजधानी

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‘समान नागरिक संहिता’ विधेयक से पहले राज्यपाल से किया विमर्श, लोकभवन पहुंचे मुख्यमंत्री, राज्य सरकार से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर हुई चर्चा

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भोपाल। मध्यप्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने के लिए राज्य सरकार 20 जुलाई से शुरू होने जा रहे मानसून सत्र में विधेयक लाने वाली है। विधेयक से संबंधित जमीनी और कागजी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। इसकी पूरी जानकारी के साथ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को लोकभवन पहुंचकर राज्यपाल मंगुभाई पटेल से इस पर विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री ने राज्य से जुड़े अन्य विषयों पर भी राज्यपाल से चर्चा की और महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। 

राज्यपाल से भेंट के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि राज्यपाल से भेंट के दौरान उन्हें प्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने को लेकर 9 लाख से अधिक प्राप्त सुझावों, व्यापक जनसमर्थन एवं आगामी कार्ययोजना से अवगत कराया।

विधानसभा में 21 जुलाई को आ सकता है यूसीसी विधेयक

मप्र विधानसभा के बजट सत्र के दौरान राज्य सरकार 21 जुलाई को समान नागरिक संहिता विधेयक प्रस्तुत कर सकती है। 20 जुलाई से शुरू होने जा रहे 5 दिवसीय सत्र में 22 एवं 23 जुलाई को सदन में चर्चा के बाद 24 जुलाई को बहुमत के आधार पर इसे पास कराने की तैयारी में है। 

उद्योग और निवेश को लेकर भी हुई चर्चा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्यपाल श्री पटेल से प्रदेश में उद्योग और निवेश के लिए सरकार के प्रयासों और राज्य की औद्योगिक उपलब्यिों से अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) तथा स्टार्ट-अप को सरकार द्वारा दिए जा रहे प्रोत्साहन, राज्य में औद्योगिक निवेश और उससे सृजित हो रहे रोजगार तथा इससे संबंधित प्रयासों व उपलब्धियों की भी जानकारी दी। 

अभियान और कार्यक्रमों पर भी हुई चर्चा 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि राज्यपाल को जल गंगा संवर्धन अभियान के सफल क्रियान्वयन की जानकारी साझा करते हुए  गुरु पूर्णिमा पखवाड़ा में प्रस्तावित सरकार की शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों, 4 कृषि उपजों को प्राप्त जीआई टैग से किसानों को मिलने वाले लाभ, सौर ऊर्जा परियोजनाओं के विस्तार की जानकारी देकर विस्तृत चर्चा की। 

9.50 लाख से अधिक सुझाव, ज्यादातर समर्थन में 

मप्र में समान नागरिक संहिता को लेकर तैयार किए जा रहे विधेयक से पहले इसके लिए उच्चतम न्यायालय की सेवानिवृत्त न्यायाधीश श्रीमती रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में गठित उच्च स्तरीय समिति जमीनी और कागजी तैयारियां लगभग पूरी कर चुकी है। समिति ने राज्य के सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक विषयों को ध्यान में रखते हुए कानून का मसौदा तैयार किया है। प्रदेश के सामान्य जन से समिति को लगभग 9.5 लाख सुझाव प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 93 प्रतिशत से अधिक लोगों ने यूसीसी का समर्थन किया है।