राजनीति

Image Alt Text

कांग्रेस अध्यक्ष पटवारी को अप्रत्यक्ष रूप से दलाल-ब्लैकमेलर कहकर फंसे दिग्विजय, अब दी सफाई, बोले आरोपों की जांच के बाद ही मैने तथ्यों के साथ रखी बात

राजनीति

भोपाल। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी पर अप्रत्यक्ष रूप से दलाली और ब्लैकमेलिंग के आरोप लगाकर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय ङ्क्षसह फंसते नजर आ रहे हैं। गुटबाजी और पटवारी पर लगाए गंभीर आरोपों की बात पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व के पास पहुंचने के बाद दिग्विजय सिंह ने अपने आरोपों पर सफाई दी है। 

दिग्विजय ङ्क्षसह ने कहा कि पटवारी के भूमि आवंटन संबंधी आरोपों के संदर्भ में उन्होंने स्वयं उपलब्ध दस्तावेजों की जांच कराई। जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि जिस न्यास को भूमि आवंटित की गई है, वह एक सरकारी ट्रस्ट है तथा उसके अध्यक्ष पदेन मुख्यमंत्री, उपाध्यक्ष पदेन संस्कृति मंत्री और सचिव सरकारी अधिकारी होते हैं। उन्होंने कहा कि तथ्यों की जानकारी मिलने के बाद इस विषय पर स्थिति स्पष्ट कर दी गई है। उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि इसका अर्थ यह नहीं है कि प्रदेश में भ्रष्टाचार के अन्य गंभीर मामलों की अनदेखी की जा सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि मध्यप्रदेश में अवैध रेत खनन, अवैध शराब कारोबार, कृषि भूमि का आवासीय एवं व्यावसायिक उपयोग में परिवर्तन तथा सडक़ निर्माण से जुड़े मामलों में बड़े स्तर पर अनियमितताओं की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। उल्लेखनीय है कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने विगत दिनों मुख्यमंत्री पर आरोप लगाए थे कि उन्होंने एक ट्रस्ट को एक रुपये में भूमि आवंटित की है। जिस ट्रस्ट को भूमि दी है, उसके अध्यक्ष मुख्यमंत्री के सांस्कृतिक सलाहकार हैं। इसके बाद दिग्विजय सिंह ने मीडिया के सामने दस्तावेज प्रस्तुत कर जीतू पटवारी के आरोपों को न केवल झुटलाया, बल्कि पटवारी का नाम लिए बिना उन्होंने यह भी कह दिया कि कुछ दलाल लोग झूठे आरोप लगाकर ब्लैकमेलिंग का खेल खेलते हैं।