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अलग-अलग देय तिथि नहीं, किसान अब 12 महीने में चुका सकेंगे ऋण, अल्पावधि ऋणों की अदायगी में सरकार ने किसानों को दी राहत
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समय पर ऋण अदायगी तो 4 प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज अनुदान भी मिलेगा
भोपाल। मध्यप्रदेश के किसानों को वर्ष 2026-27 के लिए शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर दिए जाने वाले अल्पावधि फसल ऋण दिए जाने की योजना में सरकार ने किसानों के हित में निर्णय लिया है। मंत्रि-परिषद ने खरीफ और रबी सीजन के लिए पृथक-पृथक देय तिथि (ड्यू डेट) को समाप्त कर, उसके स्थान पर वार्षिक एकल ऋण सीमा रखी जाएगी। अब ऋण आदायगी की देय तिथि (डयू डेट) कृषकों को स्वीकृत वार्षिक एकल लिमिट से प्रथम ऋण आहरण से 12 माह निर्धारित की जाएगी और अल्पावधि फसल ऋण लेने वाले किसानों को 1.25 प्रतिशत (सामान्य) ब्याज अनुदान तथा निर्धारित देय तिथि तक ऋण की अदायगी करने वाले किसानों को राज्य सरकार द्वारा 4 प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज अनुदान दिया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि मप्र में जिला सहकारी केन्द्रीय बैंकों से संबद्ध बहुउददेशीय प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर अल्पावधि फसल ऋण दिए जाते हैं। योजना में खरीफ एवं रबी सीजन की निर्धारित तिथि (ड्यू डेट) तक ऋण की अदायगी करने वाले किसानों से 3 लाख रुपये तक के अल्पावधि फसल ऋण पर कोई ब्याज नहीं लिया जाता है।
225 माध्यमिक शाला बनेंगी हाई स्कूल, 300 हाई स्कूल हायर सेकेण्डरी
प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में पढऩे वाले विद्यार्थियों की शैक्षणिक पहुंच एवं गुणवत्ता में सुधार के लिए प्रदेश की 225 शासकीय माध्यमिक शालाओं का हाई स्कूल एवं 300 हाई स्कूल का हायर सेकेण्डरी में उन्नयन किए जाने की योजना को सैद्धांतिक स्वीकृति दी। वर्ष 2026-27 में 75 माध्यमिक शालाओं का हाई स्कूल तथा 100 हाई स्कूल का हायर सेकेण्डरी स्कूल में उन्नयन किया जाएगा। आगामी 2 वर्षों 2027-28 एवं 2028-29 में भी इसी प्रकार प्रतिवर्ष 75 माध्यमिक एवं 100 हाईस्कूलों के उन्नयन पर सैद्धांतिक सहमति दी गई है। साथ ही विद्यालयों के उन्नयन के लिए अनुमानित व्यय राशि 635 करोड़ 24 लाख रुपये के प्रस्ताव पर सहमति दी। मापदण्डों के आधार पर जिला स्तर से मैपिंग अनुसार 315 हाई स्कूल एवं 214 हायर सेकेण्डरी स्कूल खोले जाने की आवश्यकता है। सांदीपनि विद्यालयों के आसपास विद्यालयों का उन्नयन नहीं किया जाएगा।
मंत्रि-परिषद ने यह भी लिए निर्णय
- सत्र 2026-27 में शुजालपुर (शाजापुर) में नवीन शासकीय विधि महाविद्यालय प्रारंभ किए जाने की स्वीकृति। शैक्षणिक वर्ग के 9 पद और अशैक्षणिक वर्ग के 8 पदों का सृजन एवं व्यय राशि 2 करोड़ 39 लाख 92 हजार रुपये की स्वीकृति।
- सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत परिवहन, कमीशन व्यय की प्रतिपूर्ति आदि कामों के लिए 3 हजार 580 करोड़ 7 लाख रुपये की स्वीकृति।
- मुख्यमंत्री कन्या विवाह और कल्याणी विवाह सहायता योजना के आगामी 5 वर्षों तक संचालन के लिए 1,740 करोड़ 57 लाख रूपये की स्वीकृति।
- प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान एवं धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान अंतर्गत विद्युतीकरण कार्य के लिए भारत सरकार द्वारा दिए गए केन्द्रांश पर देय एसजीएसटी की राशि राज्य शासन द्वारा वितरण कंपनियों को अंश पूँजी के रूप में दी जाएगी।
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