राजनीति

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विशेष विमान की पंखुड़ियों में फंसकर टूट गया कांग्रेस विधायकों का परिवार सहित बेंगलुरु जाने का सपना

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भोपाल। राज्यसभा चुनाव के मतदान से पहले विधायकों की खरीद फरोख्त (हॉर्स ट्रेडिंग )के भय से कांग्रेस अपने विधायकों को बेंगलुरु 

(कर्नाटक)भेजने वाली थी। कर्नाटक सरकार ने 75 सीट वाला विशेष विमान भी भेज दिया था। लेकिन 8 दिन मुफ़्त का शानदार टूर सो विधायक जो तो पहुंचे ही, कई अपनी पत्नी बच्चों और दोस्तों तक को लेकर पहुंच गए। कांग्रेस इसे बीजेपी की साजिश बता रही है। भाजपा विधायकों की विथ फैमिली रवानगी का मोह। विधायकों ने बैठने में देरी की तो विमान स्टाफ ने पहले लंच टाइम तो बाद में एटीसी की अनुमति नहीं मिलने को कारण बताकर 2 बजे की फ्लाइट को 6 बजे रवानगी की अनुमति दी। विमान के पहिए रेंगने शुरू होते ही कांग्रेस कार्यालय से मैसेज पहुंच गया कि प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त हो चुका है। इसलिए विधायक गण बंगलुरू नहीं, फ्लाइट से उतरकर निर्वाचन आयोग के कार्यालय के सामने धरने पर पहुंचे। बेचारे 38 कांग्रेसी विधायकों को विमान से उतरकर धरने पर रवानगी डालनी पड़ी।


पत्नी बच्चों से कहा अभी घर या होटल पहुंचे बेंगलुरु फिर कभी अपने खर्चे पर चलेंगे। इस तरह कई माननीयों का विथ फैमिली मुफ्त टूर का सपना विमान की पंखुड़ियों में उलझकर ही टूट गया।