राजनीति

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राज्यसभा चुनाव:भाजपा आश्वस्त लेकिन आशंकित नजर आ रही कांग्रेस, 8 जून तक भाजपा और कांग्रेस के सभी विधायकों का राजधानी मेंं डेरा

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भोपाल। मध्यप्रदेश की तीन रिक्त होने जा रही राज्यसभा सीटों के लिए भाजपा के दो प्रत्याशी तरुण चुग और रजनीश अग्रवाल नामांकन दाखिल कर चुके हैं। कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन वरिष्ठ नेताओं के साथ आज नामांकन भरेंगी। मीनाक्षी को टक्कर देने के लिए भाजपा के तीसरे प्रत्याशी की घोषणा पर संशय बना हुआ है। हालांकि भाजपा मौन, लेकिन पूरी तरह आश्वस्त नजर आ रही है, वहीं कांग्रेस की बेचैनी और आशंका उसके नेताओं के बयानों से स्पष्ट उजागर हो रही है। 

मप्र की तीसरी राज्यसभा सीट को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल नपा-तुला और संतुलित बयान दे चुके हैं। उन्होंने कहा था कि तीसरी सीट को लेकर पार्टी का अभी ऐसा कोई विचार नहीं है। लेकिन कांग्रेस फिर भी आशंकित है कि नामांकन दाखिली के अंतिम समय तक भाजपा तीसरा प्रत्याशी उतार सकती है। कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन की निश्चत जीत और एकजुटता का दावा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और कुछ विधायक कर रहे हैं, लेकिन साथ ही भाजपा द्वारा तीसरा प्रत्याशी उतारे जाने की आशंका भी व्यक्त कर रहे हैं। हालांकि भाजपा ने तीसरे प्रत्याशी को लेकर स्पष्ट रूप से अपने पत्ते नहीं खोले हैं। सोमवार, 8 जून को नामांकन का समय खत्म होने के बाद ही यह तय हो सकेगा कि कांग्रेस की मीनाक्षी को भाजपा की ओर से टक्कर मिलेगी अथवा नहीं। 

आज के बाद ही तय होगी विधायकों की निगरानी 

राज्यसभा की दो सीटों पर नामांकन भर चुके भाजपा के दोनों प्रत्याशियों की जीत तय है। विधायक संख्या के हिसाब से तीसरी सीट बचाने को लेकर कांग्रेस की ओर से इन सीटों के लिए नामांकन दाखिल करना संभव नहीं है। तीसरी सीट पर भाजपा अगर प्रत्याशी उतारती है तो नामांकन के बाद से ही भाजपा और कांग्रेस दोनों ही अपने विधायकों की निगरानी शुरू कर देंगी। 11 जून को भी तीसरे प्रत्याशी ने नामांकन वापस नहीं लिया तो 18 जून को मतदान होगा। मतदान होने तक दोनों पार्टियां अपने-अपने विधायकों को निगरानी में सहेजकर रखेंगी। हालांकि भाजपा द्वारा तीसरा प्रत्याशी घोषित ही नहीं किए जाने की स्थिति में 8 जून को तस्वीर साफ हो जाएगी और 11 जून को नामांकन वापसी की अवधि के बाद नामांकन भरने वाले तीनों प्रत्याशी भारत निर्वाचन आयोग की ओर से विजयी घोषित कर दिए जाएंगे। 

315 विधायक कहां से लाएंगे जीतू! 

अंक गणितीय दृष्टि से निश्चित अंकों अथवा संख्या का प्रतिशत में आंकड़ा सौ से अधिक नहीं हो सकता। लेकिन कांग्रेस की राज्यसभा प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन की जीत को लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी का दावा 500 प्रतिशत का है। कांग्रेस के मतदान के लिए पात्र सभी 63 विधायक भी मीनाक्षी को समर्थन दें तब भी उनकी जीत शत-प्रतिशत ही हो सकेगी, लेकिन पांच सौ प्रतिशत जैसी बड़ी जीत के लिए कांग्रेस को कुल 315 विधायकों के मतों की जरूरत होगी जो मप्र विधानसभा की कुल विधायक संख्या से भी 85 अधिक है। 

क्रॉस वोटिंग पर भी बची रहेगी विधायकी

राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस भलें अपने सभी विधायकों के लिए व्हिप जारी करे, लेकिन विधायकों के टूटने की आशंका इसलिए कम नहीं हो रही है, क्योंकि कांग्रेस विधायक अगर क्रॉस मतदान करते हैं तो भी दल-बदल कानून के तहत उनकी विधायकी नहीं जाएगी। क्योंकि यह कानून राज्यसभा के लिए लागू नहीं होता है। बीना विधायक निर्मला सप्रे को कांग्रेस भाजपा के कोटे में ही देख रही है। इसके बावजूद यह देखने लायक होगा कि मतदान हुआ तो वे किसके लिए मतदान करेंगी।