राजधानी

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संपत्ति के वैधानिक मालिक बनेंगे 48.32 लाख परिवार, मप्र मंत्रि-परिषद ने लिया बड़ा फैसला-‘स्वामित्व योजना’ में भूमि पंजीयन और स्टाम्प शुल्क माफ करेगी सरकार

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भोपाल। केन्द्र सरकार की ‘स्वामित्व योजना’ के तहत प्रदेश के लाखों परिवारों को उनकी आबादी वाली जमीन के अधिकार अभिलेखों पर लगने वाली स्टॉम्प ड्यूटी और पंजीयन शुल्क को मध्यप्रदेश सरकार माफ करेगी। प्रदेशभर में लगभग 48 लाख 32 हजार से अधिक परिवारों को अपनी आवासीय भूमि का मालिकाना हक मिल जाएगा। वह इसे वैधानिक रूप से बेच और ऋण भी ले सेंगे। इस भूमि के पंजीयन पर अनुमानित 3800 करोड़ से अधिक खर्च आएगा, जिसे राज्य सरकार स्वयं वहन करेगी। यह निर्णय मंगलवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में लिया गया। 

एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप ने मंत्रि-परिषद के निर्णयों की जानकारी देते हुए बताया कि मंत्रि-परिषद ने स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना-2026 की स्वीकृति दी है। इस योजना के तहत ड्रोन और सैटेलाइट सर्वे के माध्यम से 55 जिलों के आबादी क्षेत्रों में अब तक कुल 68.11 लाख अधिकार अभिलेखों का निर्माण किया गया है। इनमें 48.32 लाख निजी संपत्तियां और लगभग 19.79 लाख सरकारी संपत्तियां शामिल हैं। चिन्हित निजी संपत्ति स्वामियों को स्वामित्व पत्र दिए गए थे। अब सरकार इन संपत्तियों का पंजीयन कराकर पंजीकृत दस्तावेज भी उपलब्ध कराएगी। योजना के प्रचार-प्रसार, मुद्रण व्यय एवं जन-जागरुकता गतिविधियों के संचालन के लिए राज्य स्तर पर 10 करोड़ रुपये भी स्वीकृत किए गए हैं। 

मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर दी जानकारी 

स्वामित्य योजना सहित मंत्रि-परिषद के अन्य फैसलों की जानकारी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्वयं ट्वीट के माध्यम से दी। उन्होंने लिखा, कि इस फैसले से 48.32 लाख निजी संपत्ति धारक वैधानिक अधिकार पाकर मालिक बन जाएंगे। बैठक में प्रदेश के चहुंमुखी विकास, जन-कल्याण और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के लिए कुल 21,485 करोड़ की स्वीकृति दी।

राशि नहीं अब स्कूली विद्यार्थियों को मिलेगी सिली गणवेश 

मंत्रि-परिषद ने स्कूल शिक्षा विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए कक्षा एक से 8वीं तक के विद्यार्थियों को तैयार गणवेश देने का फैसला किया है। अभी तक विद्यार्थियों के खातों में डीबीटी के माध्यम से 600 रुपए भेजे जाते थे, लेकिन शिकायतों के बाद व्यवस्था में बदलाव किया गया है। नई व्यवस्था के तहत टेंडर के जरिए कपड़ा खरीदा जाएगा। विद्यार्थियों के लिए गणवेश सिलवाकर उपलब्ध कराई जाएगी। 

न्यायिक जांच आयोग करेगा बरगी जलाशय दुर्घटना की जांच

मंत्रि-परिषद ने बरगी बांध, जबलपुर में 30 अप्रैल 2026 को क्रूज दुर्घटना के कारण हुई मौतों की न्यायिक जांच के लिए सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति, उच्च न्यायालय जबलपुर संजय द्विवेदी की अध्यक्षता में एकल सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग गठित किए जाने के संबंध में 10 मई 2026 को जारी आदेश का अनुसमर्थन किया। 

17.59 करोड़ से मजबूत होगी स्वास्थ्य व्यवस्था

मंत्रि-परिषद ने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के लिए लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत लगभग 17 हजार 59 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है। पांच साल तक निशुल्क स्वास्थ्य सुविधाओं एवं 12 जिला मुख्यालयों पर चिकित्सा महाविद्यालयों एवं संबद्ध चिकित्सालयों के के संचालन के लिए 14,363.95 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। 657 करोड़ रुपये पी.जी. पाठ्यक्रम के सुदृढ़ीकरण एवं 1200 करोड़ रुपये नवीन चिकित्सा महाविद्यालयों के निर्माण से संबंधित योजना के लिए तथा 838 करोड़ रुपये एमबीबीएस सीटों में वृद्धि की योजना के लिए स्वीकृत किए हैं। 

मंत्रि-परिषद में यह भी हुए निर्णय 

- जिला न्यायालय भवन, पिपल्याहाना, इंदौर के निर्माण के लिए पुनरीक्षित लागत 626 करोड़ 61 लाख रूपये की स्वीकृति

- मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 (संशोधन) अध्यादेश, 2026 के प्रारूप को मिली स्वीकृति। 

- मध्यप्रदेश उपकर (संशोधन) अध्यादेश, 2026 के प्रारूप का अनुमोदन

- अनुपम खेर की फिल्म ‘तन्वी द ग्रेट’ और आशीष मल्ल की फिल्म ‘शतक: संघ के 100 वर्ष’ को एस.जी.एस.टी. से छूट के निर्णय का अनुसमर्थन। इस संबंध में विभाग के आदेश 24 जुलाई 2025 और 3 मार्च 2026 को जारी हुए थे। 

इन मुद्दों पर भी हुई चर्चा 

मंत्रि-परिषद की बैठक में मप्र में सबसे अधिक गेहँू खरीदी  होने एवं समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर भी चर्चा हुई। इसके अलावा मप्र में दूध उत्पादन 9 लाख लीटर से बढक़र 11 लाख लीटर प्रतिदिन होने सहित अन्य जानकारी भी दी गई। इसके अलावा पीएम सूर्यघर योजना, जल गंगा संवर्धन अभियान को लेकर भी बैठक में चर्चा हुई। राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने खेतों और तालाबों से मिट्टी निकालने पर किसानों को खनिज विभाग और जिला प्रशासन द्वारा रोके जाने का मुद्दा भी उठाया। मुख्यमंत्री ने परीक्षण के बाद व्यावहारिक व्यवस्था के निर्देश अधिकारियों को दिए।