राजधानी

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सिफारिश के साथ मंत्रियों के पास पहुंचे हजारों आवेदन, मप्र में कल से खुलेंगे तबादले, ऑनलाइन होंगे अधिकांश विभागों के आवेदन

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भोपाल। मध्यप्रदेश की 2026-27 की स्थानांतरण सूची के अनुसार राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में पदस्थ अधिकारी - कर्मचारियों के स्थानांतरण एक जून से 15 जून तक होंगे। अधिकांश विभागों में स्थानांतरण की प्रक्रिया के लिए विभागीय पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इसके बावजूद स्वेच्छा से स्थानांतरण चाहने वाले अधिकारी-कर्मचारियों ने अपने आवेदन सिफारिशों के साथ विभागीय मंत्रियों और अधिकारियों के पास भेज दिए हैं। 

मध्यप्रदेश सरकार द्वारा जारी नई स्थानांतरण नीति के अनुसार राज्य और जिला स्तर पर एक जून से 15 जून तक स्थानांतरण  किए जाएंगे। इस बीच सरकार सभी विभागों में स्थानांतरण पर लगा प्रतिबंध हटाएगी। स्थानांतरण प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन होगी और यह प्रशासनिक कोटा, स्वैच्छिक आवेदनों तथा गंभीर लक्ष्यों के आधार पर लागू की जाएगी।

सिफारिशों को नियंत्रित करने का प्रयास

स्थानांतरण खुलते ही ऑनलाइन आवेदनो के साथ-साथ ऑफलाइन सिफारिशों का क्रम भी शुरू हो जाता है। आवेदन शुरू होने से पहले ही विभगीय मंत्रियों और अधिकारियों के पास आवेदनों का पहुचना शुरू हो गया है। इन सिफारिशों को नियंत्रित रखने के लिए सामान्य प्रशासन विभाग ने दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही आवेदन स्वीकार किए जाने के निर्देश सभी विभागों को दिए हैं। विभागों में स्थानांतरण का कोटा पहले ही तय किया जा चुका है।

इन श्रेणियों में स्थानांतरण को मिलेगी प्राथमिकता 

प्रशासनिक आधार : जिन अधिकारियों या कर्मचारियों का प्रदर्शन ठीक नहीं है उन्हें प्रशासनिक आधार पर प्राथमिकता से हटाया जाएगा।

त्रि-वर्षीय नियम: पदस्थापना के तीन वर्ष पूरे करने वालों के स्थानांतरण होंगे।

महिला कर्मचारी: महिला कर्मचारी अथवा पति-पत्नी की को एक ही स्थान (जिले/संभाग) में पदस्थ किए जाने के मामलों को प्राथमिकता दी जाएगी।

सेवानिवृत्ति का आधार: जिन कर्मचारियों/अधिकारियों की सेवानिवृत्ति में एक वर्ष से कम का समय बचा है, सामान्य उनके स्थानांतरण नहीं किए जाते हैं। 

स्वैच्छिक तबादलों के लिए इन्हें प्राथमिकता 

पारिवारिक कारणों, माता-पिता की देखभाल, बच्चों की शिक्षा अथवा अन्य व्यक्तिगत परिस्थितियों के कारण स्थानांतरण चाहते हैं, उनसे तीन पसंदीदा स्थानों के विकल्प मांगे गए हैं। उपलब्ध रिक्तियों और प्रशासनिक आवश्यकता के अनुसार उन्हें पदस्थ करने की तैयारी है। इसके अलावा  40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांग कर्मचारी और गंभीर बीमारी से पीडि़त कर्मचारी भी स्वैच्दिक स्थानांतरण के लिए आवेदन कर सकेंगे। प्रशासनिक आधार पर स्थानांतरण में इन्हें छूट मिलेगी। 

इन विभागों में सबसे अधिक हलचल

स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा, राजस्व, पुलिस, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, नगरीय विकास, लोक निर्माण, जल संसाधन तथा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा। 

प्रदेशभर में सक्रिय हुए स्थानांतरण दलाल 

नई स्थानांतरण सूची जारी होने के साथ ही प्रदेशभर में दलाल सक्रिय हो गए हैं। विभिन्न विभागों में स्थानांतरण चाहने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों से संपर्क कर इन्होंने स्थानांतरण के ठेके लेने भी शुरू कर दिए हैं।