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खनन माफिया में पुलिस-प्रशासन का खौफ आखिर क्यों नहीं? अवैध खनन पर सख्त बोले-मुख्य सचिव ने एसपी कलेक्टर को सौंपी जिम्मेदारी
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भोपाल। अवैध खनन करने वालों में आखिर पुलिस और प्रशासन का खौफ क्यों नहीं है? ऐसे कैसे कोई भी व्यक्ति ट्रैक्टर या बाइक चढाने की हिम्मत कर सकता है। स्थानीय कलेक्टर-एसपी की जिम्मेदारी है कि ऐसा करने वाले चालकों और वाहन मालिकों पर भी सख्त एक्शन लें, जिससे फिर से ऐसी घटनाएं न हों और समाज में सुशासन का संदेश जाए। यह बात मप्र शासन के मुख्य सचिव अनुराग जैन ने बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से ली गई कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस में अवैध खनन पर चर्चा के दौरान कही।
कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस के एजेंडों पर की गई कार्यवाही की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव श्री जैन ने कहा कि कानून व्यवस्था पर खास ध्यान देने की जरूरत है। अगले तीन साल में प्रदेश को नारकोटिक्स और ड्रग्स से मुक्त करने का काम करना है, इसलिए अधिकारी अभियान चलाकर इसके विरुद्ध कार्रवाई करें। बैठक में प्रदेश के सभी जिलों के कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षक, नगर निगम आयुक्त और मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत वर्चुअली शामिल हुए।
प्रदूषण रोकने फैक्ट्रियों का निरीक्षण करें कलेक्टर
मुख्य सचिव श्री जैन ने कहा कि इन दिनों सबसे अधिक प्रदूषण मैहर व सिंगरौली जिले में है। अभी गर्मी का मौसम है, जब गर्मी में यह स्थिति है तो ठंड में तो और भी स्थिति बिगड़ेगी। मुख्य सचिव ने इन जिलों के कलेक्टरों से कि वे अपने क्षेत्र की फैक्ट्रियों का निरीक्षण करें। देखें कि वहां प्रदूषण रोकने के प्रयास किए गए हैं अथवा नहीं। प्रदूषण नियंत्रण संबंधी आवश्यक उपकरण अगर फैक्ट्री में नहीं लगे हैं तो कार्रवाई करें।
नरवाई जलाने पर दो कलेक्टरों को लगी फटकार
बैठक में नरवाई जलाने की घटनाओं को लेकर मुख्य सचिव ने जबलपुर और नरसिंहपुर कलेक्टर को फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि यह अच्छी बात नहीं है, इसमें कमी आने के बजाय ऐसे मामले बढ़े हैं। किसानों को हार्वेस्टर के बजाय सीडर से कटाई कराने के लिए प्रोत्साहित करें और जागरुकता के कार्य को भी बढ़ावा दें ताकि इसमें सुधार आए।
निजी कब्जे में सार्वजनिक हैंडपंप, जताई नाराजगी
पेयजल की समीक्षा के दौरान बताया गया कि प्रदेश में अलग-अलग जिलों में 104 हैंडपंप निजी लोगों के कब्जे में हैं। मुख्य सचिव श्री जैन ने इस बात पर नाराजगी जताई कि ऐसा कैसे हो सकता है कि कोई सरकारी हैंडपम्प को ही कब्जा कर ले। ऐसे मामलों में सख्त कार्यवाही होना चाहिए और पानी सभी को मिलना चाहिए। संबंधित कलेक्टर ऐसे मामले में जल्द कार्यवाही करें। उन्होंने शहरों में पेयजल व्यवस्था दुरुस्त बनाए रखने के निर्देश भी कलेक्टरों को दिए।
एनपीके के लिए भी दें किसानों को टोकन
खरीफ सीजन के लिए खाद वितरण की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव श्री जैन ने कहा कि खाद का पर्याप्त भंडारण है। किसानों को ई विकास पोर्टल के माध्यम से पंजीयन कर खाद दिया जाए। खाद लिए जो टोकन दिए जाते हैं उसमें सिर्फ डीएपी के लिए ही टोकन न दें बल्कि एनपीके के लिए भी टोकन दें ताकि भीड़ की स्थिति न बने। उन्होंने दुग्ध उत्पादन के लिए क्षीर धारा कार्यक्रम और नस्ल सुधार के कार्यक्रम भी ग्रामीण इलाकों में तेजी से करने के लिए कहा।
मुख्य सचिव ने यह भी दिए निर्देश
- बैंक ऋण के लिए तेजी से काम करराएं कलेक्टर और विकास को बढ़ावा दें।
- जिलों में बारिश के मौसम से पहले पुल-पुलिया की मरम्मत और नवीनीकरण का काम पूरा करा लें। पुल पुलिया पर संकेतक भी लगाएं।
- लोगों की शिकायतों का निराकरण समय सीमा में करें। किसी को भी बार-बार शिकायत करने का मौका न दें। समस्या निराकरण के लिए तेजी से निर्णय लें।
- बरगी क्रूज दुर्घटना को ध्यान में रखते हुए मुख्य सचिव ने कलेक्टरों से कहा है कि वे अपने जिले में जलाशयों में पहुंचने वाले पर्यटकों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखें और पूरी तरह सुरक्षित रखकर पर्यटन का लाभ लेने के लिए प्रेरित करें।
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