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एलयूएन के माध्यम से तस करें गेहूं की जींस प्रोसेसिंग, मुख्यमंत्री ने की खाद्य विभाग के कामों की समीक्षा

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भोपाल। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अधिकारी ऐसा मॉडल विकसित करें, जिससे गेहूं की जींस की प्रोसेसिंग, ग्रेडिंग आदि के कार्य लघु मध्यम और सूक्ष्म विभाग के सहयोग से किए जा सकें। इस कार्य में स्व-सहायता समूह की भूमिका भी हो सकती है। इस तरह के निर्देश मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की समीक्षा बैठक में दिए। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि खाद्य विभाग अन्य विभागों से बेहतर समन्वय स्थापित कर उपभोक्ता हित में कार्य करे। नवाचारों को लेकर मुख्यमंत्री ने खाद्य विभाग की प्रशंसा की। उचित मूल्य दुकानों का जन पोषण मार्ट के रूप में उन्नयन किए जाने, अन्न सेवा जागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को मोबाइल पर संदेश भेजकर राशन प्रदाय और वितरण की सूचना देने का प्रावधान की प्रशंसा करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री युवा अन्नदूत योजना के परिवहनकर्ता के रूट ऑप्टिमाइजेशन के कार्य से परिवहन लागत में सरकार को 42 लाख रुपए प्रति माह की बचत हुई। 

कर्मचारियों के कौशल उन्नयन की गितिविधियां रखें जारी

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि निगम कर्मियों के कौशल उन्नयन की गतिविधियां जारी रखी जाएं। इसी तरह उपार्जन, मिलिंग और परिवहन के लिए उपयोग में लिए जा रहे वाहनों का यूलिप सॉफ्टवेयर से सत्यापन किया जा रहा है। समर्थन मूल्य पर खाद्यान्न उपार्जन के लिए जूट कमिश्नर से खाली बारदाने विक्रय करने के लिए सीसी लिमिट से भुगतान की व्यवस्था लागू की गई है। यह व्यवस्था लागू करने वाला मध्यप्रदेश, उड़ीसा और पंजाब के पश्चात तीसरा प्रांत है। इस प्रणाली से 18 करोड़ रुपए की ब्याज राशि की बचत करने में सफलता मिली है।