राजनीति

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आधा दर्जन नेताओं पर कार्रवाई की तैयारी में संगठन और सरकार, प्रधानमंत्री के आह्वान को अनसुना कर निकाली वाहन रैलियां

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भोपाल।वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा विगत 10 मई को देशवासियों से किए गए डीजल-पेट्रोल के संयमित उपयोग के आह्वान के बावजूद रैलियों में सैकड़ों वाहनों का काफिला निकालने वाले दो भाजपा नेताओं पर कार्रवाई हो चुकी है। भिण्ड किसान मोर्चा जिलाध्यक्ष सज्जन सिंह यादव को पद से हटाया गया है तो मप्र पाठ्यपुस्तक निगम के अध्यक्ष सौभाग्य सिंह ठाकुर को भी कारण बताओ सूचना पत्र जारी कर उन्हें निगम कार्यालय में प्रवेश एवं सुविधाओं के उपयोग से वंचित रखा गया है। अब भाजपा संगठन और राज्य सरकार ऐसे आधा दर्जन अन्य नेताओं पर भी कार्रवाई की तैयारी में हैं, जिन्होंने प्रधानमंत्री के आह्वान को अनसुना कर बड़ी वाहन रैलियां निकालीं।  

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वयं इस आह्वान के बाद अपने काफिले में वाहनों की संख्या सीमित की है तो मप्र के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर पर कई जन-प्रतिनिधियों ने शासकीय वाहनों के उपयोग को सीमित किया है। राज्य सरकार के विभागों ने राज्य स्तरीय बैठकों और कार्यक्रमों में बदलाव कर ऑनलाइन करना शुरू कर दिया है। वहीं भाजपा के कई सांसद, मंत्री विधायकों ने अपने निजी कामों के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग करना भी शुरू किया है। देश और प्रदेश की जनता से भी ऐसा करने का आह्वान किया जा रहा है। 

इन पर हो सकती है कार्रवाई 

प्रीतम सिंह लोधी, विधायक, पिछोर : 12 मई को लगभग दो सैकड़ा दो पहिया वाहनों की रैली लेकर करैरा के बगीचार सरकार मंदिर पहुंचे। 

टिकेंद्र प्रताप सिंह, देवास किसान मोर्चा जिलाध्यक्ष: 12 मई को लगभग एक सैकड़ा से अधिक कारों के काफिले के साथ पदभार ग्रहण करने जिला मुख्यालय देवास पहुंचे। 

पवन पाटीदार, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा ओबीसी मोर्चा: चंबल प्रवास के दौरान दो दर्जन से अधिक वाहनों के काफिले के साथ स्वागत कराते हुए निकले। 

वीरेन्द्र गोयल, अध्यक्ष-सिंगरौली विकास प्राधिकरण : 14 मई को पदभार ग्रहण करने स्वयं तो ई-रिक्शा में सवार होकर निकले, लेकिन पीछे दो दर्जन से अधिक कारों का काफिला रेंगता रहा। 

रेखा यादव, अध्यक्ष- मप्र राज्य महिला आयोग: छतरपुर में आधा सैकड़ा से अधिक वाहनों के काफिले के साथ रैली निकाली। काफी समय तक भाजपा कार्यालय के सामने सडक़ पर वाहनों की लंबी कतार लगी रही। 

सत्येंद्र भूषण सिंह, अध्यक्ष मप्र लघु उद्योग निगम: स्वयं ई-रिक्शा में बैठकर पदभार ग्रहण करने पहुंचे, लेकिन पीछे दर्जनों कारों और दो पहिया वाहनों का काफिला रेंगता रहा। 

‘पार्टी पदाधिकारियों और नव नियुक्त निगम-मंडल अध्यक्षों द्वारा वाहन रैली निकाले जाने के जो भी मामले सामने आ रहे हैं। उन्हें कार्यालय बुलाकर स्पष्टीकरण लिया जाएगा।उसके बाद पार्टी कार्रवाई के संबंध में उचित निर्णय लेगी।

हेमंत खंडेलवाल

प्रदेश अध्यक्ष, मप्र भारतीय जनता पार्टी