अपराध

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हमीदिया में उपचार के नाम पर ठगी, सौदेबाजी का ऑडियो भी आया सामने

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भोपाल। गांधी मेडिकल कॉलेज से संबंद्ध राजधानी के शासकीय अस्पताल हमीदिया में फर्जीवाड़े का ऑडियो सामने आया है। ऑडियो आने के बाद आरोपी से पुलिस पूछताछ कर रही है, जिसमें पता चला कि वह खुद को हमीदिया का डॉक्टर बताकर लोगों का भरोसा जीतता था।

आरोपी जितेंद्र खागरे और पीडि़त के बीच में फोन पर हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग का एक ऑडियो उजागर हुआ है।  एक पीडि़त ने पुलिस को बताया कि उनके बच्चे के दिल में छेद था। जिसके इलाज के लिए बच्चे को हमीदिया में भर्ती कराया था। जितेंद्र ने अस्पताल में भी डॉक्टर बनकर उनसे मुलाकात की थी। उसे बच्चे की बीमारी की पूरी जानकारी थी। बेहतर इलाज का भरोसा दिलाकर आरोपी ने 10 हजार रुपए की मांग की थी। 8 हजार लेने के बाद भी बच्चे की मौत हो गई। बाद में उसने पत्नी की जान को खतरा बताकर 3 हजार रुपए और मांगे थे।

पुलिस ने आरोपी जितेंद्र खाकरे को 5 फरवरी को इंदौर से गिरफ्तार कर लिया है। शनिवार को उसे भोपाल के कोहेफिजा थाने लाया गया था। इसके बाद से पुलिस उससे पूछताछ में जुटी है। आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद पीडि़त परिवार और उसके बीच हुई बातचीत की ऑडियो सामने आई हैं। 

ईको के लिए दस हजार, शेष इलाज मुफ्त

एक ऑडियो में आरोपी बच्चे के पिता को भरोसा दिला रहा है कि दस हजार रुपए दे दो, इससे ईको करा देंगे। बच्चे के पिता ने जवाब दिया कि आईसीयू वाले बोल रहे हैं कि एक महीने बाद ही जांच होगी। इससे पहले नंबर नहीं आएगा। आरोपी बोला कि आप सब छोड़ो मेरा काम करो। तत्काल करा दूंगा। यहां तक की बाद में भी आपका साथ दूंगा। घर जाने के लिए एम्बुलेंस फ्री में दिला दूंगा। मेरे नंबर पर डेढ़ बजे तक पैसा डलवा देना। कहो तो बारकोड सेंड कर देता हूं। बच्चे के पिता ने जवाब दिया कि आप फिक्र मत करो डेढ़ बजे से पहले ही रकम आप तक पहुंच जाएगी, पैसा मेरे भाई के नंबर से डलवा रहा हूं।

सामने नहीं फोन से होती थी बातचीत 

आरोपी जितेंद्र मरीजों के परिजनों के सामने नहीं आता था। वह फोन पर ही इलाज से संबंधित जानकारियां परिजनों को देता था। बच्चे के परिजनों को उस पर भरोसा नहीं हुआ तो आरोपी ने भरोसा जीतने के लिए वार्ड में भर्ती 2 मरीजों से मुलाकात करवाई। उन्होंने बताया था कि जितेंद्र के कारण बेहतर इलाज हुआ है, और हमारी जान बच सकी है। अब पुलिस हमीदिया के स्टाफ की मिलीभगत और आरोपी के पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है। पुलिस के अनुसार आरोपी जितेन्द्र पिछले 45 दिन में 10 मरीजों के परिजनों से पैसा ऐंंठ चुका है। ऑनलाइन राशि ट्रांसफर होने के बाद वह फोन नहीं उठाता था। सप्ताहभर पहले ठगी का शिकार हुए बच्चे के परिजनों ने अस्पताल अधीक्षक डॉ. सुनीत टंडन से शिकायत की। इसके बाद और भी कई परिजन शिकायत करने पहुंचे।