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लाइफगार्ड के हाथों में सेलिंग प्रशिक्षक की कमान

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प्रदेशभर से बच्चों को भोपाल बुलाकर एशियन की तैयारी के बहाने तीनों प्रशिक्षक मुंबई में 

भोपाल। बड़े तालाब जैसी बड़ी और सुव्यवस्थित जल संरचना के चलते जलक्रीड़ा (वाटर स्पोर्ट्स)का केन्द्र बनी मप्र की राजधानी भोपाल में देश-प्रदेश के खिलाड़ी प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं में शामिल होने आते हैं। दीपावली के पहले से एक हरियाणा और प्रदेशभर के 8 बच्चे राजधानी में नौकायन (सेलिंग) का प्रशिक्षण लेने पहुंचे हैं, लेकिन उन्हें प्रशिक्षण देने वाले नौकायन प्रशिक्षक चयनित 30 बच्चों को एशियन खेलों की तैयारी कराने के बहाने मुंबई चले गए हैं। राजधानी में भौतिक और मैदानी प्रशिक्षण की कमान वाटर स्पोर्ट्स के जीवन रक्षक (लाइफगार्ड)ने संभाल रखी है। 

दीपावली से चल रहा बिना कोच का प्रशिक्षण

राजधानी में नौकायन प्रशिक्षण विगत तीन सप्ताह से अर्थात दीपावली के बाद से चल रहा है। शहर के बाहर से प्रशिक्षण लेने आए इन प्रशिक्षु खिलाडिय़ों के रहने खाने पर हो रहा महंगा खर्च भी सरकार बहन कर रही है। लेकिन अकादमी में पदस्थ तीन में से एक भी प्रशिक्षक को प्रशिक्षण के लिए नहीं छोड़ा गया है। तालाब में अपरलेक गहरे पानी के बीच चल रहा नौकायन का प्रशिक्षण और सुरक्षा दोनों की जिम्मेदरी लाइफ गार्ड शेखर बाथम के भरोसे है। 

अकादमी में पदस्थ हैं तीन सेलिंग प्रशिक्षक

खेल विभाग की ओर से जलक्रीडा नौकायन के लिए तीन प्रशिक्षक नरेन्द्र राजपूत, अनिल शर्मा और जीएल यादव नियुक्त किए गए हैं। दीपावली के सप्ताहभर पहले से मप्र के 30 बच्चों को लेकर प्रशिक्षक नरेन्द्र राजपूत और अनिल शर्मा मुंबई में हैं। इसके बाद मुख्य कोच जीएल यादव भी मुंबई चले गए। प्रशिक्षक अपने साथ सहायक प्रशिक्षकों को भी ले गए हैं। दीपावली के पहले से प्रशिक्षण की जिम्मेदारी लाइफ गार्ड ही संभाले हैं।  

महीनेभर में एक बच्चे पर 75 हजार खर्च 

सूत्रों के अनुसार मुंबई प्रशिक्षण के लिए गए प्रत्येक बच्चे के रहने-खाने एवं सुविधाओं पर प्रतिदिन का खर्च ढाई हजार और महीने का 75 हजार रुपये बताया जा रहा है। इस हिसाब से मुंबई गए कुल 30 बच्चों पर हर दिन 75 हजार और महीने में सवा दो लाख रुपये खर्च बताया जा रहा है।  

‘भोपाल में तो बच्चों को बेसिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जो लाइफगार्ड दे रहा है। देश और प्रदेश को लीड करने वाले बच्चों का मुंबई में ट्रायल है। तीनों सीनियर प्रक्टिकल कोच एशियन के जूनियर और सीनियर खिलाडिय़ों को प्रशिक्षण देने मुंबई गए हैं। यहां से अधिक समुद्र में बच्चों की सुरक्षा अधिक जरूरी है।’

डॉ. शिल्पा श्रीवास्तव

प्रभारी अधिकारी, वॉटर स्पोर्ट्स

‘तीनों कोच मुंबई में बच्चों को प्रशिक्षण देने गए हैं, इसलिए भोपाल में मेरे द्वारा ही प्रशिक्षण दिया जा रहा है। आपको जो भी जानकारी लेनी है, अधिकारी से ले लें।’

शेखर बाथम, लाइफगार्ड, वॉटर स्पोर्ट्स