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स्वदेशी सामान खरीद दीनदयाल जी ओर मोदी का सपना साकार करें कार्यकर्ता
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भाजपा ने प्रत्येक बूथ पर मनाई पं. दीनदयाल उपाध्याय की जयंती, प्रदेश कार्यालय में स्वदेशी अभियान पर संगोष्ठी
भोपाल। एकात्म मानव दर्शन के प्रणेता, जनसंघ के संस्थापक पं. दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर भारतीय जनता पार्टी ने प्रदेशभर में बूथ स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए। वहीं भाजपा प्रदेश कार्यालय में स्वदेशी अभियान पर केन्द्रित जिला स्तरीय संगोष्ठी का आयोजन किया।
प्रदेश कार्यालय में संगोष्ठी को संबोधित करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि पं. दीनदयाल उपाध्याय ने ऐसे समय में अंत्योदय का विचार दिया, जब देश में कांग्रेस की विचारधारा फैली थी। उनके इस विचार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी साकार कर रहे हैं। पार्टी कार्यकर्ता कुछ भी खरीदने से पहले एक मिनट सोचें कि जो खरीद रहे हैं, वह स्वदेशी है या विदेशी। स्वदेशी वस्तुएं खरीदकर पं. दीनदयाल उपाध्याय के आदर्शों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के सपनों को साकार करें। संगोष्ठी को जिलाध्यक्ष रवींद्र यति ने भी संबोधित किया।
राष्ट्र को बहुत कुछ दे गए दीनदयाल जी
खण्डेलवाल ने कहा कि पं. दीनदयाल उपाध्याय राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक रहे। उन्होंने बहुत सादगी के साथ अपना जीवन जीया। उन्होंने चुनाव हारना स्वीकार किया, लेकिन चुनाव में जाति का उपयोग करना स्वीकार नहीं किया। वर्ष 1940 के आसपास जब देश के मीडिया में कम्युनिस्ट और कांग्रेसी विचारधारा का प्रभाव था, उन्होंने राष्ट्रधर्म, पांच्चजन्य और स्वदेश जैसे पत्रों का संपादन किया, जो राष्ट्रवादी विचारधारा के वाहक बने। वर्ष 1951 में उन्होंने डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी के साथ जनसंघ की स्थापना की। पार्टी एक परिवार है, अनुशासन सर्वोपरि और पार्टी सबसे पहले जैसे विचार पं. उपाध्याय ने ही दिये, जिनका अनुसरण आज भारतीय जनता पार्टी करती है। वे 52 वर्ष जीवित रहे और इतने कम समय में राष्ट्र और समाज को एक विचारधारा दे पाना अत्यंत कठिन होता है। उन्होंने एकात्म मानववाद का विचार दिया। वो मानते थे कि व्यक्ति और समाज अलग नहीं, बल्कि जीवन के ही दो रूप हैं।
भाजपा सरकारों ने किया गरीब कल्याण
खण्डेलवाल ने कहा कि कांग्रेस ने अपने शासनकाल में गरीबों कल्याण के लिए कुछ भी नहीं किया। पूर्व प्रधानमंत्री अटलजी की सरकार ने गांव-गांव को पक्की सडक़ों से जोड़ा। गरीबों को पक्की छत, बिजली, पानी, अनाज जैसी मूलभूत चीजें उपलब्ध कराने तथा उनके जीवनस्तर को उठाने का काम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी कर रहे हैं। मोदी जी के प्रयासों से देश के लगभग 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आने में सफल रहे हैं।
पडित जी ने दिया स्वदेशी और विकेंद्रीकरण का विचार
खण्डेलवाल ने कहा कि भारत की संस्कृति उसकी आत्मा में बसती है। वो कहते थे कि राष्ट्र उसकी परंपरा और संस्कृति एकसाथ चलनी चाहिए। इसी क्रम में उन्होंने आत्मनिर्भर भारत का विचार दिया, जिसे कांग्रेस की सरकारों ने कमजोर किया। दीनदयाल जी ने स्वदेशी और विकेंद्रीकरण के विचार दिए। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि सादा जीवन, गहन चिंतन, भारतीय संस्कृति की चिंता और विकेंद्रीकरण जैसे पं. दीनदयाल उपाध्याय के मूल्यों को अपने जीवन में उतारें, ताकि राष्ट्र को बुलंदियों पर पहुंचाया जा सके। कार्यशाला में प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीमती सीमा जादौन, कांतदेव सिंह, विधायक भगवानदास सबनानी सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
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