मध्यप्रदेश

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बस्ताबंद हड़ताल पर पटवारी, राजस्व मंत्री को सौंपा मांग पत्र, भोपाल की हुजूर तहसील सहित तीन जिलों में दूसरे गुट की हड़ताल से दूरी

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भोपाल। लंबित पांच सूत्रीय मांगों के समर्थन में मध्यप्रदेश के पटवारी सोमवार, 3 अगस्त से बस्ता बंद हड़ताल पर चले गए हैं। मध्यप्रदेश पटवारी संघ के बैनर पर आयोजित हड़ताल में शामिल पटवारियों के प्रतिनिधि मंडल ने मंगलवार को राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा से भेंटकर बैठक की एवं मांग पत्र सौंपा। 

मप्र पटवारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष उपेन्द्र ङ्क्षसह बघेल के अनुसार राजस्व मंत्री के साथ बैठक सकारात्मक रही तथा उन्होंने पटवारियों की मांगों के प्रति सहानुभूतिपूर्ण रुख अपनाते हुए उन्हें मुख्यमंत्री के समक्ष गंभीरता से रखने का आश्वासन दिया।

यह हैं मप्र पटवारी संघ की मांगें

- कैडर रिव्यू, समयमान वेतनमान की विसंगति का निराकरण एवं पदोन्नति व्यवस्था लागू की जाए। 

- नायब तहसीलदार की विभागीय परीक्षा आयोजित की जाए। 

- जज प्रोटेक्शन एक्ट में पटवारियों को शामिल किया जाए। 

-  विभिन्न विभागों की योजनाओं के क्रियान्वयन के बदले देय मानदेय का नियमित भुगतान किया जाए। 

- नियम विरुद्ध हुए पटवारियों के स्थानांतरण निरस्त किए जाएं। 

दो मांगों को लेकर प्रमुख सचिव ने जारी किए निर्देश 

पटवारियों की कुछ मांगों पर सकारात्मक पहल करते हुए प्रमुख सचिव, राजस्व डॉ. रमेश कुमार ने निर्देश जारी किए हैं कि पटवारियों के विरुद्ध बिना प्रारंभिक जांच के एफआईआर दर्ज नहीं की जाएगी, साथ ही कृषि एवं अन्य विभागों की योजनाओं में कार्य करने वाले पटवारियों के लंबित मानदेय के शीघ्र भुगतान के निर्देश भी जारी किए गए हैं। संघ के प्रदेशाध्यक्ष बघेल ने कहा कि सरकार का रुख सकारात्मक है, किंतु पटवारियों की सबसे महत्वपूर्ण मांग कैडर रिव्यू एवं समयमान वेतनमान का समाधान अब तक नहीं हो सका है। उन्होंने बताया कि शासन द्वारा तैयार किए गए कैडर रिव्यू प्रस्ताव पर पटवारी संघ अपनी सहमति पहले ही दे चुका है, लेकिन अब तक उस प्रस्ताव को लागू नहीं किया गया है। 

तीन जिलों, राजधानी की हुजूर तहसील में हड़ताल नहीं

मप्र पटवारी संघ के प्रतिद्वंदी प्रांतीय पटवारी संघ ने इस हड़ताल का समर्थन नहीं किया है। इस संघटन के प्रांताध्यक्ष अशोक सेनी गुट के पटवारियों ने भोपाल की हुजूर तहसील, खंडवा, पन्ना और आगर मालवा में हड़ताल नहीं होने दी।