मध्यप्रदेश

Image Alt Text

भोपाल में हुई माही नेशनल फेडरेशन ऑफ एफपीओ की वार्षिक बैठक, भाकिसं के राष्ट्रीय अध्यक्ष बोले, किसानों नाम पर करोड़ों खा गईं सीबीबीओ संस्थाएं, कठोर कार्रवाई की मांग

मध्यप्रदेश

भोपाल। नेशनल फेडरेशन ऑफ एफपीओ की वार्षिक आम सभा भारतीय किसान संघ के भोपाल स्थित प्रांतीय कार्यालय में हुई। बैठक में फेडरेशन की नई वेबसाइट के उद्घाटन के साथ ही एफपीओ से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई और सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव भी पारित किया गया कि एफपीओ की विशिष्ट संरचना एवं आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए केन्द्र सरकार एक पृथक एवं समर्पित एनजीओ कानून बनाए, जिससे वर्तमान सहकारिता एवं अन्य कानूनों से उत्पन्न असमानताओं और व्यवहारिक कठिनाईयों का समाधान हो सके। 

बैठक की जानकारी मीडिया से साझा करते हुए भारतीय किसान संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष साई रेड्डी ने बताया कि सभा में यह प्रस्ताव भी पारित किया गया कि जिन क्लस्टर आधारित व्यवसायिक संगठनों (सीबीबीओ) ने अपने दायित्वों का समुचित निर्वहन नहीं किया है या जिनके कार्यों में गंभीर अनियमितताएं पाई गई हैं, उनके विरुद्ध निष्पक्ष जांच कर कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि एफपीओ आंदोलन की विश्वसनीयता एवं किसान के हित सुरक्षित रह सकें। उन्होंने बताया कि माही फेडरेशन ने किसानों के प्रशिक्षण, एफपीओ के सशक्तिकरण, मूल्य संवर्धन, प्रसंस्करण एवं विपणन को बढ़ावा देने तथा किसान ऊर्जा दाता सहित केन्द्र सरकार की विभिन्न कृषि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए भारत सरकार के साथ एमओयू करने का भुझाव भी रखा। पत्रकारवार्ता में माही फेडरेशन के अध्यक्ष आदिशेषावतारम, नाफेड नई दिल्ली के निदेशक अशोक ठाकुर सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। 

बदलनी होगी कृषि को अलाभकारी मानने की सोच  

श्री रेड्डी ने बताया कि बैठक में देश में कृषि को अलाभकारी मानने की सोच को बदलना होगा। कृषि, गौआधारित अर्थव्यवस्था एवं कृषि वाणिज्यि को आधार बनाकर खेती में औद्योगिक दृष्टिकोण विकसित करने तथा विस्तार के लिए एफपीओ को व्यापक प्रशिक्षण देना आवश्यक है। उन्होंने माही फेडरेशन के संगठनात्मक विस्तार पर बल देते हुए सुझाव दिया कि सभी राज्यों के फेडरेशनों को केन्द्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं से सीधा जोड़ा जाए तथा विभिन्न क्षेत्रों में एफपीओ के साथ नियमित संवाद एवं बैठकें की जाएं।