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मध्यप्रदेश
भोपाल में खुलेगी योगासन अकादमी, आयोग ने भेजा प्रस्ताव, कॉमनवेल्थ के बाद ऑलम्पिक में भी योग को स्थान दिलाने केन्द्र सरकार कर रही प्रयास
मध्यप्रदेश
भोपाल। खेलों की तरह मध्यप्रदेश में ‘योग’ को भी बढ़ावा देने के लिए ‘योगासन अकादमी’ खोली जाएगी। इस तरह का प्रस्ताव मप्र योग आयोग की ओर से राज्य सरकार को भेजा गया गया है। सूत्रों का कहना है कि जल्द ही इस प्रस्ताव को हरी झंडी दिखा सकती है।
हर जिले में खुलेगा योग प्रशिक्षण केन्द्र
मप्र में अभी मात्र एक प्रदेश स्तरीय योग प्रशिक्षण केन्द्र भोपाल में है। जहां प्रदेशभर से प्रशिक्षण के लिए 2-2 शिक्षकों को बुलाया जाता है। इसमें सरकार का खर्च और समय दोनों की बर्वादी है। योग आयोग के अध्यक्ष राघवेन्द्र शर्मा के निर्देश पर अब हर जिले में मुख्यमंत्री जिला योग प्रशिक्षण केन्द्र खोलने के निर्देश दिए हैं। जहां सभी 55 जिलों के हर ब्लॉक से दो शिक्षकों को प्रशिक्षण देकर हर महीने लगभग 500 मुख्य प्रशिक्षक (मास्टर ट्रेनर) तैयार किए जाएंगे। यह मुख्य प्रशिक्षक योग में रुचि रखने वाले विद्यालयों के शिक्षकों को प्रशिक्षित करेंगे। प्रशिक्षित शिक्षक अपने विषय के अलावा विद्यार्थियों को योग भी सिखा सकेंगे।
योग के लिए अलग से पीरियड का प्रस्ताव
आयोग ने सरकार को प्रस्ताव भेजा है कि हर विद्यालय में योग के लिए अलग से पीरियड तय किया जाए तथा परीक्षा में योग के प्रश्नों को शामिल किया जाए। राज्य सरकार ने योग पाठ्यक्रम तैयार कर लिया है और जल्द ही हर कक्षा में योग की शिक्षा दी जाएगी। अभी मप्र के स्कूल शिक्षा विभाग ने कक्षा 1 से 5वीं तक, 6वीं से 8वीं तक और 9वीं से 12वीं तक की तीन अलग-अलग पुस्तकें तैयार की हैं। मप्र योग आयोग ने भी महर्षि पतंजलि संस्कृत संस्थान के सहयोग से योग की एक पुस्तक तैयार की है।
योग दिवस पर मप्र के 80 लाख लोगों ने किया योग
विगत 21 जून को योग दिवस पर प्रदेशभर में हुए सामूहिक योग कार्यक्रमों में मध्यप्रदेश के लगभग 80 लाख लोगों ने योग किया। हालांकि अब तक 62 लाख लोगों द्वारा योग के आंकड़े आयोग के पास पहुंचे हैं, यह भी सामूहिक योग में देशभर में सर्वाधिक है।
ऑलम्पिक और कॉमनवेल्थ का हिस्सा बनेगा योग
भारत सरकार योग को अन्य खेलों की तरह अंतर्राष्ट्रीय स्पर्धाओं में शामिल करने के लिए प्रयासरत है। इसी क्रम में 2030 के कॉमनवेल्थ खेलों में ‘योगासन’ को शामिल किया जाना तय हो चुका है। केंद्रीय खेल मंत्रालय के अनुसार, भारत द्वारा (अहमदाबाद में) आयोजित किए जाने वाले इन खेलों में योग को एक स्वदेशी खेल के तौर पर जगह दी जाएगी। इसी प्रकार ऑलम्पिक खेलों की सूची में भी योग को शामिल कराने के लिए भारत सरकार प्रयासरत है। मप्र योग आयोग भी प्रयासरत है कि खेलों की तरह योग में भी राज्य और राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कार और सुविधाएं दी जाएं। जब योग में उज्जवल भविष्य का अवसर मिलेगा तो विद्यार्थियों का इस ओर रुझान बढ़ेगा।
‘11 अन्य अकादमियों की तरह ही मप्र में योग अकादमी स्थापित करने के लिए प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा गया है। आशा है कि जल्द ही मुख्यमंत्री इस पर विचार कर सहमति देंगे। आयोग मप्र माध्यमिक शिक्षा मंडल के अलावा केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा मंडल से संबंद्ध विद्यालयों में भी योग के लिए एक विशेष पीरियड आरंभ कराने के लिए प्रयासरत है’
राघवेन्द्र शर्मा
अध्यक्ष मप्र योग आयोग
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