मध्यप्रदेश

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कानून की डिग्री के नाम पर मप्र में बड़ा फर्जीवाड़ा, सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी बनने ड्यूटी के समय पर डिग्री कर गए बाबू !

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- कक्षाओं के समय में कार्यालयों नियमित उपस्थिति, वेतन भी निकला 

भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार के गृह विभाग के अंतर्गत संचालित मप्र लोक अभियोजन संचालनालय में एल.एल.बी. की डिग्री के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। विगत 13 वर्षों में मप्र लोक अभियोजन संचालनालय के अधीन जिला कार्यालयों में पदस्थ करीब डेढ़ सौ से अधिक लिपिक वर्गीय सहायक वर्ग-3 कर्मचारियों ने निदेशक एवं अन्य अधीनस्थ अधिकारियों से अंशकालिक (पार्ट टाइम) कक्षाओं की अनुमति लेकर एल.एल.बी की डिग्री पूरी की हैं। जबकि डिग्री हेतु कई महाविद्यालयों की कक्षाओं के समय ये कर्मचारी शासकीय ड्यूटी कर सरकार से वेतन भी लेते रहे। वहीं कुछ महाविद्यालयों में सिर्फ 1.30 घंटे में छह विषयों की कक्षाएं दिखाकर डिग्री पूरी करा दी। 

उल्लेखनीय है कि मप्र लोक अभियोजन संचालनालय में कम से कम 7-8 वर्ष की सेवा एवं एल.एल.बी. डिग्री पूरी कर चुके कर्मचारियों को विभागीय पदोन्नति देकर सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी (एडीपीओ) बनाया जा सकता है। विगत 13 वर्षों में संचालनालय में पदस्थ रहे निदेशकों ने कुल 162 विभागीय कर्मचारियों को एल.एल.बी. की डिग्री हेतु अनुमति दी। अनुमति सिर्फ उसी स्थिति में दी जा सकती है, जब महाविद्यालयों में लगने वाली कक्षाओं की समय-सारणी शासकीय कार्यालयीन समय से अलग हो। लेकिन अधिकांश प्रकरणों में निदेशकों ने उन जिलों और महाविद्यालयों के कर्मचारियों को डिग्री दे दी, जिनमें कक्षाएं शासकीय कार्यालयीन समय में ही लगती हैं। 

शासकीय और निजी महाविद्यालयों से हुई डिग्री 

शासकीय कर्मचारियों ने एल.एल.बी की डिग्री केवल निजी महाविद्यालयों से नहीं, बल्कि शासकीय विधि महाविद्यालयों से भी पूरी की। हालांकि अधिकांश शासकीय महाविद्यालयों की कक्षाएं शासकीय कार्यालयीन समय में ही संचालित हुईं। 

डिग्री वाले महाविद्यालयों की समय सरणी 

शासकीय पीजी कॉलेज शिवपुरी- सुबह 9.00 से दोपहर 2.00

जवाहर लाल नेहरू विधि महाविद्यालय मंदसौर-सुबह 8.00 से 2.00 

एलएसए महाविद्यालय, धार-सुबह 11.30 से 3.30 शाम 6.00 से 10.00

ग्वालियर विधि महाविद्यालय-सुबह 7.00 से 9.40, दोपहर 2.00 से 5.00

सांदीपनि लॉ कॉलेज, उज्जैन-दोपहर 2.00 से 7.00, शाम 5.30-6.50  

व्हीएएम लॉ कॉजेज, छतरपुर-सुबह 7.30 से 12.00 (4.30 घंटे)

शा. विधि महाविद्यालय, शाजापुर-प्रात: 8.00 से 3.00 (7 घंटे) 

एनईएस विद्यि महाविद्यालय, अनूपपुर-दोपहर 2.00 से शाम 7.00 (2025)

एनईएस विधि महाविद्यालय, अनूपपुर-शाम 6.00 से रात 8.00 (2 घंटे)

चौधरी दिलीप सिंह, लॉ कॉलेज भिण्ड-सुबह 6.40 से 10.20 (2.20 घंटा)

राजीव गांधी कॉलेज, रायसेन-सुबह 7.45 से सुबह 09.15 (डेढ़ घंटा)

लॉ कॉलेज, बैतूल-सुबह 07 से 9.30 (डेढ़ घंटा)

कटनी डिग्री कॉलेज-सुबह 8.15 से 10.15 (दो घंटे)

जनता लॉ कॉलेज,जबलपुर- 6.30 से सुबह 10.00 (2.30 घंटे) 

जवाहर लाल कॉलेज, शाजापुर-सुबह 7.20 से 10.40 (3.20 घंटे)

डीपी चतुर्वेदी विधि महाविद्यालय, सिवनी-सुबह 07 से 9.30 (1.30 घंटा)

उच्च न्यायालय लगा चुका है एसीएस को फटकार! 

विभागीय लिपिक (सहायक वर्ग-2) सीमा महाड़े की याचिका की सुनवाई के दौरान मप्र उच्च न्यायालय वर्ष 2022 में तत्कालीन एससीएस फटकार को एल.एल.बी डिग्री के इस फर्जीवाड़े के लिए फटकार भी लगा चुका है। हालांकि बाद में यह फाइल दब गई और इसी तरह की अनुमतियों का खेल अब भी जारी है। 

‘ड्यूटी के समय में महाविद्यालयों में डिग्री को लेकर कोई सूचना शिकायत आएगी तो जांच के बाद कार्रवाई कराएंगे। हालांकि कार्यालयीन समय के पहले या बाद के लिए अनुमति दी जाती है। इस तरह के दस्तावेज उपलब्ध हैं तो भेजें मैं दिखवाता हँू।’

बी.एल.प्रजापति, निदेशक 

लोक अभियोजन संचालनालय, मप्र