मध्यप्रदेश

Image Alt Text

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, मध्यभारत प्रांत के शिक्षा वर्ग प्रारंभ,प्रांत प्रचारक विमल गुप्ता विमल गुप्ता बोले-साधना स्थली हैं संघ शिक्षा वर्ग

मध्यप्रदेश

- शिवपुरी वर्ग में 369, ब्यावरा में 200 और बैतूल में 174 स्वयंसेवक शामिल, 15 दिन चलेगा प्रशिक्षण

भोपाल। संघ शिक्षा वर्ग एक साधना स्थली है, जहाँ शिक्षार्थी साधक के रूप मे नित्य शारीरिक, बौद्धिक एवं व्यवस्थात्मक प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं। यह सभी प्रशिक्षण मन की साधना से ही संभव है। यह बात राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, मध्यभारत के प्रांत प्रचारक विमल गुप्ता ने रविवार को शिवपुरी में संघ शिक्षा वर्ग के उद्घाटन अवसर पर वर्ग में उपस्थित स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कही। 

उल्लेखनीय है कि मध्यभारत प्रांत के विद्यार्थी स्वयंसेवकों के लिए शिवपुरी में, तरुण व्यवसायी स्वयंसेवकों के लिए ब्यावरा में और 40 से अधिक आयुवर्ग के स्वयंसेवकों के लिए बैतूल में संघ शिक्षा वर्गों का आयोजन किया जा रहा है। तीनों ही स्थानों पर संघ शिक्षा वर्ग 16 मई से प्रारंभ हो गए हैं, जिनका औपचारिक उद्घाटन 17 मई को किया गया। संघ शिक्षा वर्ग में शामिल शिक्षार्थियों को शारीरिक, बौद्धिक, योग, सेवा, प्रबंधन और संघ कार्य का प्रशिक्षण प्राप्त होगा। संघ का कार्य व्यक्ति निर्माण का कार्य है। 15 दिन के इस वर्ग में युवा कठोर अनुशासित दिनचर्या का पालन करते हुए अपने व्यक्तित्व को मजबूत करेंगे।

प्रशिक्षण प्राप्त करना सौभाग्य का विषय

शिवपुरी के सरस्वती विद्यापीठ आवासीय विद्यालय फतेहपुर में चल रहे संघ शिक्षा वर्ग के शिक्षार्थियों को संबोधित करते हुए प्रांत प्रचारक विमल गुप्ता ने कहा कि संघ शताब्दी वर्ष में कार्यविस्तार एवं कार्य के दृढ़ीकरण हेतु प्रशिक्षण प्राप्त करना सौभाग्य का विषय है। वर्ग के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि इस वर्ग में प्रशिक्षण प्राप्त करने से समूह में काम करने का स्वभाव बनता है। संघ के वैचारिक अधिष्ठान की स्पष्टता होती है। इसके साथ ही, समय प्रबंधन, आत्मविश्वास, संवेदना, स्वावलंबन और अनुशासन जैसे गुणों का विकास होता है। वर्ग में 24 घंटे की व्यस्ततम दिनचर्या में स्वयं को व्यस्त रखते हुए सीखने के मानस से शिक्षार्थी प्रशिक्षण प्राप्त करता है।  संघ शिक्षा वर्ग मे शिक्षार्थी समय प्रबंधन, मानव प्रबंधन, वित्तीय प्रबंधन, संसाधन प्रबंधन, आपदा प्रबंधन और कार्यक्रम प्रबंधन सीखता है। 

वर्ग केवल प्रशिक्षण नहीं, स्वयं को गढऩे का अवसर: डॉ. सेठी

ब्यावरा में व्यवसायी कार्यकर्ताओं के संघ शिक्षा वर्ग के उद्घाटन सत्र में प्रांत के सह संघचालक डॉ. राजेश सेठी ने कहा कि प्रत्येक स्वयंसेवक किसी न किसी उद्देश्य को लेकर यहां आते हैं। वास्तव में संघ शिक्षा वर्ग व्यक्ति के कौशल विकास, व्यक्तित्व निर्माण और वैचारिक स्पष्टता का केंद्र है। उन्होंने कहा कि अच्छे कार्यकर्ता बनने के लिए केवल शारीरिक क्षमता पर्याप्त नहीं, बल्कि बौद्धिक और भावनात्मक विकास भी आवश्यक है। यही कारण है कि संघ शिक्षा वर्ग में तीनों आयामों पर समान रूप से काम किया जाता है। उन्होंने कहा कि ‘राष्ट्र प्रथम’ केवल नारा नहीं, बल्कि जीवन का मूल भाव होना चाहिए। संघ की कार्यपद्धति वैज्ञानिक, अनुशासित और पूर्ण है, जो भारत को परम वैभव तक पहुंचाने में सक्षम है। इस अवसर पर मंच पर सर्वाधिकारी योगेश गौतम उपस्थित रहे।

शारीरिक एवं आध्यात्मिक विकास में सहायक हैं वर्ग: पांडेय

बैतूल स्थित भारत भारती विद्यालय परिसर में 40 वर्ष से अधिक आयु के स्वयंसेवकों के लिए आयोजित संघ शिक्षा वर्ग के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए प्रांत संघचालक अशोक पांडेय ने कहा कि संघ शिक्षा वर्ग एक साधना है जो शिक्षार्थियों के शारीरिक एवं आत्मिक विकास में सहायक है। उन्होंने स्वयंसेवकों से कहा कि साधना कठिनता से सफल होती हैं। जो कठिनाइयों में जी नहीं सकता वह कभी साधक नहीं बन सकता है। अपने संघ कार्य को मजबूती देने के लिए हम इस वर्ग में प्रशिक्षण ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस वर्ग से देश भक्ति का भाव हमारे अंदर आने वाला है, हमें अपने जीवन में देश भक्ति का भाव हमेशा बनाकर रखना चाहिए। समाज में शाखा की भूमिका जागरण श्रेणी के माध्यम से स्पष्ट हो सके और शाखा समाज परिवर्तन का केंद्र बन सके, इसलिए हम वर्ग में प्रशिक्षण लेने आए हैं। इस अवसर पर सर्वाधिकारी कविंद्र कियावत और मध्य भारत प्रांत के कार्यवाह हेमंत सेठिया भी उपस्थित रहे।

31 जिलों के 743 स्वयंसेवक ले रहे हैं प्रशिक्षण 

संघ की रचना के 31 जिलों के कुल 743 स्वयंसेवक तीनों वर्गों में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। इनमें शिवपुरी में 369, ब्यावरा में 200 और बैतूल में 174 स्वयंसेवक प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। जिन स्वयंसेवकों ने पूर्व में 7 दिन का प्राथमिक वर्ग का प्रशिक्षण प्राप्त किया होता है और जो संघ कार्य में सक्रिय रहते हैं, उनमें से ही चयनित कार्यकर्ताओं को संघ शिक्षा वर्ग में प्रशिक्षण हेतु भेजा जाता है।