Gossip गुगली

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Hidden picture’s Gossip गुगली : माननीय बेवाकी नहीं, यह बेवकूफी है, अवैध कमाई से धकाधक चल रहे बाबूजी के रेस्टोरेंट

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माननीय बेवाकी नहीं, यह बेवकूफी है 

Hidden picture’s Gossip गुगली : ‘राजनीति में आने से पहले मैं लुटेरा था!’भलां खुद के लिए ऐसे कोई बोलता है। जी हां एमपी के एक माननीय सीना ठोककर यह दावा करते हैं, लेकिन उन विश्वासीनय लोगों के बीच जो दिन रात माननीय की झोली में कमीशन के खोखे पटक रहे हैं। माननीय कहते हैं कि राजनीति में प्रवेश से पहले मैंने गरीबी की इंम्तिहां झेली है। बहुत गरीब था मैं, मैंने भैंसें (चराई नहीं) चुराई हैं, रेलों में चोरियां की हैं। इसलिए कमीशन के कारोबार में मजबूरियां नहीं, गड्डियों का कारोबार अच्छे से समझता हँॅू। वैसे माननीय ने मंत्री पद की कमीशनखोरी का बड़ा कारोबार अपने सुपुत्र के हाथों में सौंप रखा है।रेत चोरी के फेर में राजस्थान की पुलिस पार्टी पर हमला कर तड़ीपार हो चुके माननीय के इस अनपढ़ सुपुत्र की अदा भी अनूठी है। कमीशन के सौदे में जैकट की जेब से बार-बार पेन निकालना और कहना ‘मैं पहले व्यापारी हँू, बाद में कुछ और .... ’नौकरी के करप्शन और कमीशन के कारोबार से हमें क्या दोगे, यह बताओ, बाकी बात बाद में!’ वैसे माननीय का एक फैमश डायलॉग और भी है- ‘हम कऊ से पैलें तो लड़त ना नैं, अगर कोई जबरईं खुज्जतों तो कह देतें, आजा जैसे चाहे वैसें निपट लें। 


वैध कमाई से धकाधक चल रहे बाबूजी के रेस्टोरेंट

स्कूली शिक्षा से जुड़े संचालनालय में भुगतान शाखा संभाले बाबूजी इन दिनों मैडम और विभागीय सरकार के खासमखास होकर दोनों के एजेंट भी बने बैठे हैं। इस विशेष कृपा से बाबूजी ने राजधानी में ही कई आकूत संपत्तियां बना ली हैं। राजधानी के एक फेमस नाम वाले रेस्टोरेंट की फ्रेंचायजी लेकर बाबूजी अपनी काली कमाई को सफेद दिखाने के प्रयास में भी जुटे हैं।  बाबूजी के  शहर में और भी करोबार फैले हैं। विभागीय में तो चर्चा यह भी है कि विभागीय कुरसी से विदायी होने पर बाबूजी माननीय और मैडम की झोली में तीन खोखे डालकर वापस लौटे हैं। सो जी खोलकर खीसा भर रहे हैं। वैसे बता दें कि आउटसोर्स वाली ‘ओम’ पर बाबूजी की अनऑफिसियल और विशेष किरपा बरस रही है। लेकिन बाबूजी की करतूतें भी अब उजागर होती जा रही हैं।  मानसून सत्र बाबूजी की हर करतूत की परत खोलेगा। हाल में पंजा दल के एक नेताजी भी बाबूजी की इस फर्जी फर्म को उजागर करने की चुनौती भी दे चुके हैं। अब देखना है कि बाबूजी की कमाई और करतूतों से पर्दा कब, कैसे और कितना उठ पाता है।