Breaking News:
विशेष
अधिकारी की अनुपस्थिति में चल रही वाहन चेकिंग
विशेष
चेकपॉइंटों पर परिवहन आयुक्त के आदेश के प्रदेशभर में उड़ रहीं धज्जियां
भोपाल। मध्यप्रदेश के परिवहन आयुक्त ने विगत 16 अप्रैल को आदेश जारी कर सभी चेकपॉइंट और उडऩदस्ता प्रभारियों को आदेशित किया है कि उनके क्षेत्र में सहायक उप परिवहन निरीक्षक स्तर के अधिकारी की अनुपस्थिति में कहीं भी वाहन चेकिंग नहीं की जाए। अधिकांश जिलों में दो-तीन तक चेकपॉइंट और उडऩदस्ते हैं। जबकि पदस्थापना सिर्फ एक परिवहन उप निरीक्षक अथवा परिवहन निरीक्षक की है। ऐसी स्थिति में एक ही समय में सिर्फ एक ही अधिकारी की अलग-अलग स्थानों पर उपस्थिति कैसे संभव हो पा रही है। आखिर कैसे परिवहन विभाग का मैदानी अमला एक ही अधिकारी को साथ लेकर दिन रात वाहन चेकिंग कर पा रहा है।
सहायक उप निरीक्षक एक भी नहीं, फिर आदेश क्यों?
परिवहन आयुक्त के आदेश में स्पष्ट किया गया है कि वसूली विभाग के सहायक उप निरीक्षक स्तर अथवा उससे ऊपर की श्रेणी की अधिकारी की उपस्थिति में ही जाए। खास बात यह है कि मप्र परिवहन विभाग में वर्तमान में सहायक उप निरीक्षक के 34 पदों के विपरीत एक भी पद नहीं भरा है। फिर आदेश में इस श्रेणी के अधिकारी का उल्लेख क्यों?
विभाग के पास सिर्फ 40 अधिकारी, चेकिंग 55 जगह
एक जुलाई 2024 को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर परिवहन विभाग के सभी 40 चेकपोस्ट बंद किए गए थे और बाद में राजस्व हानि रोकने के लिए 120 अस्थायी चेकपॉइंट और 51 उडऩदस्ते बनाए जाने थे।
हालांकि विभाग में अधिकारियों और सुरक्षा बल की कमी के चलते राज्य के सीमा मार्गों पर कुल 45 चेकपॉइंट और संभागीय मुख्यालयों पर 10 उडऩदस्ते ही बनाए गए। परिवहन विभाग के पास वर्तमान में कुल 24 परिवहन निरीक्षक और 34 परिवहन उप निरीक्षक हैं। इनमें भी 4 आरटीआई एआरटीओ के प्रभार में हैं, तीन स्वास्थ्य कारणों से ड्यूटी पर नहीं हैं और करीब आधा दर्जन कार्यालयों में पदस्थ हैं। इस तरह 45 चेकपॉइंट और 51 उडऩदस्तों के लिए करीब 40 अधिकारियों की पदस्थापना है। संभागीय मुख्यालयों वाले जिलों में पदस्थ आरटीआई और टीएसआई को वहां के सभी चेकपॉइंट और फ्लाइंग का काम एक साथ सौंपा गया है, परिवहन आयुक्त के आदेश के अनुसार इनकी अनुपस्थिति में चेकिंग नहीं होगी। हालांकि जिलों में सभी चेकिंग पॉइंट और फ्लाइंग भी एक ही समय में दिन-रात प्रधान आरक्षकों और आरक्षकों के भरोसे चेकिंग कराई जा रही है।
मंत्री पुत्र के डर से 24 घंटे बंद रहे चेकपॉइंट
मुरैना जिले में गुरूवार की रात परिवहन विभाग के दस्ते द्वारा चेकपॉइंट पर वाहन चेकिंग के दौरान स्थानीय मंत्री के पुत्र ने समर्थकों के साथ धावा बोल दिया। चेकपॉइंट प्रभारी शंकर पचौरी और कटर रामबाबू अग्रवाल सहित पूरे स्टाफ को मंत्री पुत्र ने धमकी और वापस नहीं लौटने की चेतावनी देकर वहां से रात में ही भगा दिया। चेकपॉइंट प्रभारी ने परिवहन आयुक्त सहित विभाग के दूसरे अधिकारियों को इसकी जानकारी दी, लेकिन धमकी के भय से शुक्रवार को पूरे दिन चेकिंग नहीं चली। बताया जा रहा है कि मंत्री पुत्र से परिवहन दस्ते की बातचीत के बाद शुक्रवार रात करीब 8.30 बजे से यहां चेकिंग फिर से शुरू हो सकी। इस संबंध में कार्रवाई को लेकर परिवहन आयुक्त विवेक शर्मा से उनके मोबाइल पर संपर्क कर प्रतिक्रिया लेनी चाही, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका।
‘विभाग में अमले की पर्याप्त कमी है, फिर भी नियम विरुद्ध काम नहीं कराया जा सकता। जल्द ही 29 टीएसआई विभाग को मिल जाएंगे। 35 उप निरीक्षकों की नियुक्ति का प्रस्ताव भी शासन को भेजा गया है। मुरैना में विवाद की सूचना मिली थी, शिकायत नहीं। मैं इस मामले की जानकारी लेता हँू। ’
- विवेक शर्मा
परिवहन आयुक्त, मप्र
अन्य खबर
ट्रेंडिंग खबरें
राजधानी
अंशुमन यादव बने एडीजी इंटेलीजेंस, चंचल शेखर डायरेक्टर खेल विभाग, मप्र में बदलीं वरिष्ठ आईपीएस...
29-08-26
मध्यप्रदेश
ठेकेदार गटक रहे मासूमों का पोषण आहार, ग्वालियर में मासूमों को गर्म भोजन और महिला...
29-08-26
अपराध
बजरंग दल नेता के भाई की गोली मारकर हत्या, ठेले पर मोमोज खाने के दौरान...
27-08-26
मध्यप्रदेश
भोपाल में दो नए होम्योपैथी कॉलेजों की मंजूरी, देशभर में 8 नए होम्योपैथ कॉलेजों की...
19-08-26
राजधानी
सुचिस्मिता सक्सेना गृह विभाग में उप सचिव, मनीषा सेंतिया को पर्यटन भेजा, भारतीय प्रशासनिक सेवा...
19-08-26