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राजनीति

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राहुल गांधी की नसीहत, समन्वय से काम करें मप्र कांगेस के नेता

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भोपाल। मप्र कांग्रेस में नेताओं के बीच आपसी गुटबाजी और समन्वय की कमी से पार्टी नेतृत्व भी परेशान है। यही वजह है कि पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को मांडू में चल रहे ‘नव संकल्प शिविर’ में मप्र कांग्रेस के नेताओं को आपसी समन्वय से काम करने की नसीहत देनी पड़ी। राहुल गांधी ने शिविर को वर्चुअली संबोधित किया।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ और युवा नेता सामंजस्य बनाकर मप्र में कांग्रेस को मजबूत करें। इस तरह के आयोजनों को जारी रखते हुए सडक़ पर भी आंदोलन करने की बात राहुल गांधी ने कही। पार्टी नेता राहुल गांधी का मप्र कांग्रेस को लेकर यह बयान ऐसे समय में आया है। जब ‘संगठन सृजन’ अभियान के बाद मप्र कांग्रेस के नेता अपने चहेतों को जिलाध्यक्ष एवं संगठनों में जगह दिलाने के लिए भोपाल से दिल्ली तक गोटियां फिट करने में लगे हैं। मप्र में नेताओं के बीच चल रही गुटबाजी केंद्रीय नेतृत्व के सामने एक बार फिर सामने आ चुकी है। कांग्रेस के भीतर की राहुल गांधी के बयान की चर्चा है। यह भी चर्चा है कि आमतौर पर पार्टी की गतिविधियों में सक्रियता से हिस्सा लेने वाले पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय  सिंह ने मांडू में आयोजित हो रहे ‘नव संकल्प शिविर’ से दूरी क्यों बनाई। इतना ही नहीं दिग्विजय सिंह के विधायक बेटे जयवर्धन सिंह की भी शिविर दूरी पार्टी में ही चर्चा का विषय है।
राहुल गांधी ने धार जिले के मांडू में चल रहे दो दिवसीय नव संकल्प शिविर को पहले दिन वर्चुअली संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था दो चार उद्योगपतियों के हाथ में है। इससे हर वर्ग परेशान है। उन्होंने कहा कि अगर मप्र में कांग्रेस की सरकार बनी तो यहां जातीय जनगणना करवाई जाएगी। शासकीय नौकरियों में अजा, अजजा, पिछड़ों और महिलाओं को मौका दिया जाएगा। राहुल गांधी ने कहा कि महाराष्ट्र के बाद मतदाता सूची में गड़बड़ी करने की योजना है और मप्र में भी चुनाव चोरी हो सकता है। इसलिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं को भिडक़र चुनावी तैयारी करना है।