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ओबीसी आरक्षण पर सर्वोच्च न्यायालय में सुनवाई आज

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-छत्तीसगढ़ की लंबित याचिकाओं के साथ होगी सुनवाई
भोपाल। प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग को 27 फीसदी आरक्षण देने के नियम के खिलाफ लगाई गईं याचिकाओं पर मंगलवार 22 जुलाई को सर्वोच्च न्यायालय में सुनवाई होगी। मप्र की ओबीसी आरक्षण से जुड़ी सभी याचिकाओं की सुनवाई छत्तीसगढ़ की लंबित याचिकाओं के साथ होगी। मप्र सरकार ने ओबीसी से जुड़ी सभी याचिकाओं को छत्तीसगढ़ मामले से लिंक करा दिया है।
6 साल पहले कांग्रेस सरकार ने ओबीसी को 27 फीसदी आरक्षण देने का नियम बनाया था। इस नियम पर किसी भी न्यायालय से रोक नहीं है। फिर भी ओबीसी को 27 फीसदी आरक्षण नहीं मिल रहा है। हालांक भर्ती विज्ञापनों में 27 फीसदी आरक्षण का उल्लेख होता है। लेकिन नियुक्ति 14 फीसदी आरक्षण के आधार पर ही होती है। 13 फीसदी पद होल्ड किए जा रहे है। ओबीसी एडवोकेट वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा होल्ड अभ्यर्थियों की ओर से सर्वोच्च न्यायालय में याचिकाएं दाखिल की गईं हैं।  वहीं छत्तीसगढ् में तत्कालीन कांग्रेस की भूपेस बघेल सरकार ने आरक्षण की सीमा 50 से बढक़र 58 फीसदी कर दी थी। इस फैसले को विलासपुर उच्च न्यायालय ने निरस्त कर दिया गया था। सरकार ने इसके खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में अपील की। जिस पर रोक लगा दी गई थी। सरकार बदलने के बाद मौजूदा सरकार 58 फीसदी आरक्षण लागू नहीं कर रही है। दोनों राज्यों के ओबीसी आरक्षण से जुड़ी याचिकाओं पर सर्वोच्च न्यायायल में कल सुनवाई होना है।