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राजनीति

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प्रदेश पदाधिकारी बनने नेताओं ने शुरू किए प्रयास

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कार्यकारिणी से पहले कार्यकर्ताओं की नब्ज टटोलेंगे नवनिर्वाचित भाजपा प्रदेश अध्यक्ष

भोपाल । मध्यप्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के नए प्रदेश अध्यक्ष के निर्वाचन के साथ ही प्रदेशभर के कई नेताओं ने प्रदेश कार्यकारिणी में शामिल होने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। प्रदेश में पद पाने के लिए कुछ प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल से सीधे भोपाल पहुुंचकर मिल रहे हैं तो कुछ ने पार्टी के बड़े नेताओं के माध्यम से शिफारिश के प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि प्रदेश अध्यक्ष बनते ही खंडेलवाल ने छोटे और जमीनी कार्यकर्ताओं से सीधे मिलना शुरू किया है। माना जा रहा है कि वे कार्यकर्ताओं से सीधे संवाद का सेतु तैयार कर रहे हैं, जिससे प्रदेश स्तरीय दायित्व की दावेदारी करने वाले नेताओं के जमीनी जुड़ाव को भी आंका जा सकेगा। 

संकेत साफ हैं, चालाक-चापलूस नहीं, सिर्फ समर्पित

नव-निर्वाचित भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री खंडेलवाल ने पदभार ग्रहण करने के साथ ही यह संकेत दे दिए थे कि पार्टी में समर्पित कार्यकर्ताओं को सम्मान मिलेगा। गड़बड़ करने वाले (चालाक-चापलूस) नहीं। सिर्फ बयान नहीं, विगत तीन दिनों में खंडेलवाल की कार्यशैली से स्पष्ट नजर आ रहा है कि वे संगठन को धरातल पर मजबूत करना चाहते हैं। स्वयं आगे बढक़र उपेक्षित अथवा पार्टी कार्यक्रमों से दूरी बनाकर चल रहे नेताओं की नाराजगी दूर करने और पद और प्रतिष्ठा की अपेक्षा छोड़ पार्टी के लिए समर्पित कार्यकर्ता को सम्मान दिए जाने संकेत उन्होंने दिए हैं। 

अंतिम पंक्ति की चिंता का दिया संकेत 

प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद उन्होंने पार्टी कार्यालय में काम करने वाले एक-एक कर्मचारी से मिलकर उसका परिचय और हालचाल जाना। कर्मचारियों के हित में उनका बीमा कराए जाने, उनके बच्चों के भविष्य की चिंता की। भाजपा का विचार ‘अंतिम छोर के व्यक्ति की चिंता’ की यह परंपरा लम्बे समय से नजर नहीं आ रही थी। लेकिन खंडेलवाल ने इस परंपरा को पुनर्जीवित कर संकेत दिए हैं कि पार्टी में अब चिंता ‘अंतिम छोर के कार्यकर्ता’ की भी होगी। 

सरकार के साथ नजर आ रहा पर्याप्त समन्वय 

प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए हेमंत खंडेलवाल के समर्थन में सबसे पहला प्रस्ताव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ही रखा था। निर्विरोध प्रदेश अध्यक्ष चुने जाने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव, केन्द्रीय मंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं के साथ भी उनका पर्याप्त समन्वय नजर आ रहा है। शनिवार को भी मुख्यमंत्री डॉ. यादव और प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल एक साथ पूर्व मंत्री गौरीशंकर शेजवार के घर उनका हालचाल जानने पहुंचे। इस तरह नए-पुराने कार्यकर्ता की पूछ-परख के साथ ही सरकार और संगठन में पर्याप्त सामंजस्य भी नजर आ रहा है। कहा जा सकता है कि जल्द ही डॉ. मोहन यादव की सरकार संगठन के निर्णयों के अनुरूप जनहित की योजनाएं और निर्णय लेगी वहीं संगठन भी जमीनी कार्यकर्ताओं के सहयोग से सरकार की योजनाओं और निर्णयों को धरातल तक उतारने के लिए जी-जान से जुटेगा।