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भोपाल कलेक्टर-एसपी कार्यालय के नवीन भवन का निर्माण कब?

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सांसद की आपत्ति के बाद प्राथमिक काम भी शुरू नहीं करा पा रहा प्रशासन 

भोपाल। राजधानी में प्रोफेसर्स कॉलोनी की 8.006 हेक्टेयर भूमि पर प्रस्तावित नवीन कलेक्ट्रेट एवं पुलिस अधीक्षक सहित अन्य कार्यालय भवनों का निर्माण कार्य एनजीटी से हरी झंडी मिलने के बाद एक बार फिर से अटकता नजर आ रहा है। स्थान को लेकर भोपाल सांसद आलोक शर्मा की आपत्ति के बाद प्रशासन इसके निर्माण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है। 

उल्लेखनीय है कि प्रोफेसर्स कॉलोनी में भोपाल कलेक्टर/एसपी कार्यालय सहित अन्य कार्यालयों का निर्माण होना है। इसके लिए 128 शासकीय  एवं अर्धशासकीय आवासीय बंगलों, क्वार्टर एवं अन्य इमारतों को हटाया जाना है। इसके अलावा स्थल पर जरूरत के हिसाब से अधिकतम 110 पेड़ काटे जाएंगे। योजना में 90 वृक्षों को स्थानांतरित कर अन्य स्थान पर रोपित किया जाना है। जबकि परियोजना के अंतर्गत एक हजार पेड़ भी रोपे जाएंगे। परियोजना में रविन्द्र भवन और उसका परिसर किसी भी तरह से प्रभावित नहीं होगा और न ही कोई निजी भवन या भूमि परियोजना की सीमा में शामिल है। इसलिए यहां भूमि अधिग्रहण जैसी कार्यवाही नहीं होनी है, लेकिन बंगलों और क्वार्टरों को खाली/स्थानांतरित कराने तथा पेड़ों के स्थानांतरण और जरूरत के हिसाब से काटे जाने की कार्रवाई के बाद ही यहां जमीनी काम शुरू हो सकेगा। 

भोपाल सांसद ने क्यों ली आपत्ति? 

परियोजना को एनजीटी से हरी झंडी मिलने के बाद भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने इस पर आपत्ति दर्ज कराई है। शर्मा की आपत्ति नवीन भवन को लेकर नहीं, बल्कि कलेक्टर कार्यालय को पुराने शहर से नए शहर में स्थानांतरित करने को लेकर है। हालांकि बड़े तालाब के किनारे बसी प्रोफेसर्स कॉलोनी को पुराने और नए शहर के बीच की सीमा रेखा माना जा सकता है और जिलाधीश कार्यालय के वर्तमान भवन से इसकी दूरी कुल 4 किमी की है। फिर भी सांसद चाहते हैं कि कलेक्ट्रेट कार्यालय वर्तमान में जिस भूमि पर है। वहीं उसका नवीन भवन तैयार किया जाए।  

नई परियोजना में आवासों के साथ व्यवसायिक उपयोग भी

पुनर्घनत्वीकरण योजना के अंतर्गत प्रोफेसर्स कॉलोनी की जमीन पर प्रस्तावित कलेक्ट्रेट/एसपी सहित अन्य नवीन शासकीय कार्यालयों के साथ-साथ यहां वाणिज्यिक परिसर भी तैयार होगा।  कलेक्टर कार्यालय परिसर कुल 6.9 हेक्टेयर भूमि मेंं से 40 हजार वर्गफीट पर आवासीय परिसर बनेंगे। इसके अलावा अलग-अलग सर्वे नंबरों की कुल 40060 वर्गमीटर भूमि वाणिज्यिक उपयोग में ली जाएगी। इसमें ज्यादातर भूमि पर वर्तमान में शासकीय बंगले और क्वार्टन बने हैं। 

हटने हैं कुल 128 बंगले-क्वार्टर, 9 बी-टाइप 

नवीन कलेक्ट्रेट भवन परियोजना में कुल 128 शासकीय बंगले और क्वार्टर हटाए जाने हैं। इनमें 9 बी-टाइप, एक सी-टाइप व 4-4 डी-टाईप और ई-टाइप  बंगले शामिल हैं। इसके अलावा 94 एफ टाइप, 10 जी-टाइप, 5 एच-टाइप क्वार्टर के साथ राष्ट्रीय अभिलेखागार भी उसी भूमि परिसर में है, जिस पर यह परियोजना प्रस्तावित है। 

‘प्रोफेसर कॉलोनी में प्रस्तावित नवीन कलेक्ट्रेट भवन सहित अन्य शासकीय कार्यालय भवनों का निर्माण कार्य शुरू किए जाने को लेकर  अभी विचार चल रहा है।’

कौशलेन्द्र विक्रम सिंह

कलेक्टर, भोपाल