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ईडी ने कुर्क की चिटफंडियों की 25 अचल संपत्तियां

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भोपाल। दोहरे धन घोटाले के मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने चिटफंड कारोबारियों की 2.98 करोड़ रुपये कीमत की 25 अचल संपत्तियों को अनंतिम रूप से कुर्क किया है। 

ईडी ने मप्र के बालाघाट जिले के दो पुलिस थानों में अनियमित जमा योजना प्रतिबंध (बीयूडीएस) अधिनियम, 2019 और आईपीसी, 1860 की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज 3 एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की। इस मामले में पुलिस ने कई व्यक्तियों के खिलाफ आरोप-पत्र दायर किए। ईडी की जांच में पता चला है कि आरोपी व्यक्तियों ने भोले-भाले लोगों को बहला-फुसलाकर बहुत ही कम समय में उनका पैसा दोगुना करने के नाम पर उनकी जमा राशि ले ली और आश्वासन के बदले में कभी-कभी उन्हें परिपक्वता राशि के पोस्ट डेटेड चेक भी दे देते थे। हालांकि, वे वादा की गई राशि वापस नहीं कर सके, इस कारण आरोपियों पर एफआईआर दर्ज की गई। एफआईआर और चार्जशीट दाखिल करने के बाद, ईडी भोपाल ने धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 के तहत जांच के लिए एक ईसीआईआर दर्ज की थी। जांच में पता चला कि आरोपी व्यक्ति निवेशकों से नकद के रूप में या स्वयं के बैंक खातों में पैसा लेते थे। इस पैसे का उपयोग अचल संपत्तियों के अधिग्रहण के लिए किया गया था, जिसे आरोपियों ने अपने नाम पर और अपने परिवार के सदस्यों या एजेंटों के नाम पर हासिल किया था जो उनके लिए काम करते थे। इस मामले में ईडी की जांच अभी जारी है।