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पुलिस छावनी बनाकर हटाई मानसभवन से सटी अवैध झुग्गी बस्ती, भीड़ लेकर विरोध करने पहुंचे कांग्रेस दो मुस्लिम नेता हिरासत में
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- जनजातीय से ज्यादा मुस्लिम परिवारों का था अवैध कब्जा
भोपाल । राजधानी भोपाल में पॉलीटेक्टिनक चौराहा के पास एवं मानस भवन के पीछे अवैध रूप से बसाई गई झुग्गी बस्ती को जिला प्रशासन की टीम ने पुलिस के सहयोग से हटा दिया। इस दौरान भीड़ लेकर कार्रवाई का विरोध करने पहुंचे दो कांग्रेसी मुस्लिम नेताओं पर पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज कर एवं बाद में उन्हें हिरासत में लेकर कार्रवाई जारी रखी।
उल्लेखनीय है कि आदिवासी बस्ती के नाम से पहचानी जाने वाली इस बस्ती को हटाने के लिए प्रशासन लम्बे समय से प्रयास कर रहा है। कांग्रेस नेता आदिवासी बस्ती बताकर राजनीतिक विरोध कर रहे हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि यहां जनजातीय परिवारों से अधिक मुस्लिम अतिक्रमणकारी हैं। विगत 29 दिसम्बर 2025 को भी प्रशासन इस बस्ती में अतिक्रमण हटाने पहुंचा लेकिन कांग्रेस नेताओं के साथ मिलकर अतिक्रमणकारियों के विरोध के बाद कार्रवाई रोकनी पड़ी थी। अगले ही दिन 30 दिसम्बर 2025 को कांग्रेस नेताओं के कार्रवाई के विरोध में न्यायालय में याचिका लगाई गई थी। जिस पर न्यायालय ने कार्रवाई को लेकर स्थगन दे दिया था। न्यायालय से हरी झंडी मिलने के बाद प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी।
प्रशासन ने दिए 12 लाख के आवास
मानस भवन के पीछे की झुग्गियों में रहने वाले 27 परिवारों के लिए जिला प्रशासन मालीखड़ी में प्रधानमंत्री आवास योजना में बने पक्के आवास आवंटित किए हैं। वन बीएचके आकार के प्रत्येक आवास की कीमत लगभग 12 लाख रुपये है। लेकिन ये परिवार झुग्गी छोडक़र इन आवासों में नहीं जा रहे हैं।
पुलिस ने शुक्रवार रात से ही कर दी थी घेराबंदी
अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई के दौरान विरोध की आशंका के चलते पुलिस ने शुक्रवार रात से ही इस क्षेत्र की घेराबंदी कर दी थी। शनिवार सुबह बैरीकेटिंग कर बस्ती की ओर आना-जाना बंद कर दिया। सुबह 7 बजे से कार्रवाई शुरू हुई और दोपहर 3 बजे तक कार्रवाई पुरी हुई। इस बस्ती को हटाने के लिए 95 अधिकारी-कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई थी।
विरोध करने पहुंचे कांग्रेस नेता, दो हिरासत में
प्रशासन की कार्रवाई का विरोध करने कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, पूर्व मंत्री पीसी शर्मा, नगर निगम नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी और आसिफ जकी सहित कई कांग्रेस नेता पहुंचे और धरने पर बैठ गए। इस दौरान एक युवक टॉवर पर भी चढ़ गया। पुलिस ने समझाइश देकर इसे नीचे उतारा। झुग्गी टूटने की जानकारी लगते ही कुछ लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस के साथ धक्का-मुक्की की तो पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज भी किया। इस दौरान पुलिस ने शबिस्ता जकी, आसिफ जकी समेत कुछ लोगों को हिरासत में लिया। कार्रवाई के बाद उन्हें छोड़ दिया गया।
घरों में ताले लगा गए अतिक्रमणकारी
कार्रवाई से पहले कुछ अतिक्रमणकारियों ने अपनी झुग्गी-मकानों पर ताले लगा दिए और बस्ती से बाहर निकल गए। कार्रवाई के दौरान नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी ने पुलिस अधिकारियों को पत्र लिखकर चेतावनी दी कि जिन परिवारों के घर बंद हैं, उनमें कीमती सामान, नकदी और जेवर मौजूद हैं। इन घरों की सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी और यदि किसी प्रकार की चोरी या नुकसान होता है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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