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मुख्यमंत्री ने शुरू की सीएम किसान हेल्पलाइन, रविंद्र भवन में हुई कृषि कर्मयोगी उन्मुखीकरण प्रशिक्षण कार्यशाला
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भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव गुरूवार को राजधानी भोपाल के रविंद्र भवन में कृषि कर्मयोगी उन्मुखीकरण प्रशिक्षण एवं कार्यशाला में शामिल हुए। यहां उन्होंने मुख्यमंत्री किसान कल्याण डैशबोर्ड, पैक्स समितियों में सदस्यता वृद्धि का महा-अभियान और किसानों के लिए टोल फ्री- सीएम किसान हेल्पलाइन 155253 का शुभारंभ किया। इसके अलावा उन्होंने सीएम किसान हेल्पलाइन से जुडक़र होकर कृषि संबंधी जानकारी भी ली।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषक कल्याण वर्ष में 16 विभाग एक साथ मिलकर पवित्र भाव से कार्य कर रहे हैं। यह कृषि कर्मयोगी उन्मुखीकरण कार्यशाला हम सभी के लिए नया अनुभव होगा। उन्होंने कहा कि किसान हितैषी कार्यों के लिए मन के पवित्र भाव से संकल्पित होकर कार्य किया जाए। राज्य सरकार ने अपनी प्रतिबद्धता के बलबूते कई असंभव कार्यों को लक्ष्य तक पहुंचाया है।
55 साल में 400 बढ़ी थी गेहूं की कीमत, इतनी तीन साल में बढ़ गई
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 1956 में गेहूं का भाव करीब 90 से 100 रुपए क्विंटल था, उसके बाद 55 साल में गेहूं की कीमत सिर्फ 400 रुपए बढ़ी थी। लेकिन, राज्य में हमारी सरकार बनने के बाद 400 रुपए तो बीते तीन साल में हो बढ़ गए। इस वर्ष राज्य सरकार किसानों से 2625 रुपए प्रति क्विंटल गेहूं खरीद रही है। प्रदेश के किसान अब फसल के साथ-साथ एग्री वेस्ट मटेरियल की प्रोसेसिंग कर मक्के के डंठल, गेहूं और धान की नरवाई से भूसा बनाकर लाभ कमा रहे हैं।
इजराइल सीखें कृषक परिवारों के युवा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बारिश के बाद होने वाली रबी की फसल पहले भगवान भरोसे होती थी। लेकिन, आज खेत-खेत तक नहरों के माध्यम से सिंचाई सुविधा और पंप से सिंचाई के लिए बिजली पहुंच गई है। अब हमारे किसान दो नहीं, ग्रीष्मकाल में तीसरी फसल भी लेने लगे हैं। उन्होंने कहा कि कृषक परिवारों से आने वाले युवा डॉक्टर, इंजीनियर बनना चाहते हैं। लेकिन, खेती को भी लाभ का जरिया बनाया जा सकता है। इसके लिए युवाओं को प्रेरित करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इजरायल जैसे देशों में कम बारिश के बाद भी खेती के प्रति ललक देखते ही बनती है। इजरायल ने अपनी क्षमता योग्यता के बल पर खेती को आधुनिक और आय का जरिया बनाया है। मप्र की विभिन्न परियोजनाओं और सरकार के प्रयासों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मप्र भी गुजरात की तरह समृद्ध राज्य हो रहा है।
कृषि कर्मयोगियों के साथ चल रहा मंथन: कंषाना
कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंषाना ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों की खुशहाली के लिए पूरा वर्ष कृषक कल्याण को समर्पित किया है। हर जिले में कृषि मेला आयोजित किए जा रहे हैँ। इस कार्यशाला के माध्यम से कृषि कर्मयोगियों के साथ मंथन हो रहा है।
16 विभागों के 1627 अधिकारियों का चयन
कृषि विभाग सचिव निशांत बरवड़े ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसेवकों को कर्मयोगी की संज्ञा दी है। कृषक कल्याण वर्ष में सभी 55 जिले, विकासखंड, क्लस्टर लेवल और ग्राम पंचायतों से कृषि से जुड़े 16 विभागों के 1627 चुनिंदा अधिकारियों और कर्मचारियों को कर्मयोगी उन्मुखीकरण कार्यशाला में आमंत्रित किया है। इसमें कृषि विभाग, सहकारिता विभाग, मत्स्य पालन विभाग, उद्यानिकी विभाग, कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक, मार्केटिंग फेडरेशन, बीज निगम, कृषि अभियांत्रिकी विभाग एवं अन्य विभाग शामिल हैं।
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