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राजधानी

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भोपाल निगम परिषद ने सर्वसम्मति से पास किया ‘नारी शक्ति वंदन’ अधिनियम के समर्थन का प्रस्ताव, मुखर होकर बोली सत्तापक्ष की महिला पार्षद, विपक्ष ने भी किया समर्थन

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भोपाल।केन्द्र सरकार के ‘नारी शक्ति वंदन’ अधिनियम में संशोधन के लिए आयोजित संसद के विशेष सत्र के बीच भोपाल नगर निगम परिषद ने इस अधिनियम को पूर्ण समर्थन दिया है। गुरूवार को बुलाए गए नगर निगम परिषद के एक दिवसीय विशेष सत्र में सत्ता एवं विपक्ष की ओर से इस विधेयक का स्वागत करते हुए, इसके समर्थन के प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पास किया गया। 

शासन के आदेश पर बुलाया विशेष सत्र 

नगर निगम भोपाल का यह विशेष सत्र मप्र के नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा 12 अप्रैल 2026 को प्रदेश के सभी नगर निगम आयुक्तों को जारी पत्र में उल्लेखित निर्देशों के पालन में बुलाया गया। पत्र में बताया गया कि नारी शक्ति वंदन पखवाड़ा के अंतर्गत 10 से 25 अप्रैल तक विविध कार्यक्रम को लेकर डॉ. भीमराव अम्बेडकर के चित्र पर पुष्पांजलि के साथ ‘नारी शक्ति वंदन’ अधिनियम पर चर्चा की जाए।  

महिला पार्षदोंं के नाम रहा विशेष सत्र 

‘नारी शक्ति वंदन’ अधिनियम पर चर्चा के लिए बुलाया गया भोपाल नगर निगम का विशेष सत्र पूरी तरह महिलाओं के नाम रहा। परिषद की बैठक में ‘नारी शक्ति वंदन’ अधिनियम पर ज्यादातर महिला पार्षदों ने ही बात रखी। सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों ही ओर से अधिनियम का अभिनंदन किया गया। हालांकि नेता प्रतिपक्ष सहित दो विपक्षी पार्षदों ने कुछ सुझावों के साथ विधेयक में  आवश्यक संशोधन की आवश्यकता भी बताई।सत्तापक्ष की ओर से महपौर मालती राय,स्नेहलता रघुवंशी, ममता विश्वकर्मा, बबीता डोंगरे, आरती अनेजा, ज्योति मिश्रा, शिरोमणि शर्मा, अर्चना परमार, उर्मिला मोरे, छाया ठाकुर, कुसुम चतुर्वेदी, रीता विश्वकर्मा, शिखा गोयल, शीला पाटीदार और श्रीमती सरोज सहित अन्य महिला पार्षदों ने अपनी बात रखी। वहींं विपक्ष की ओर से महिला पार्षदों में नेता प्रतिपक्ष शबिस्त जकी, शिरीन खान,लाइका बी ने अधिनियम को समर्थन देकर स्वागत किया। इसी प्रकार विपक्ष एवं सत्तापक्ष के पुरुष पार्षदों मोहम्मद सरवर, गुड्डू चौहान, देवेन्द्र भार्गव, विमलेश ठाकुर, रविन्द्र यति, अशोक पाण्डे ने भी ‘महिला शक्ति वंदन’अधिनियम के समर्थन अपनी बात रखी। 

निगमकर्मी की बेटी को सदन में बधाई

मप्र माध्यमिक शिक्षा मंडल के बुधवार को जारी हुए 12वीं कक्षा के परिणामों में 500 में से 499 अंक लाकर टॉपर रही भोपाल नगर निगम के कर्मचारी दुर्गा प्रसाद राय की बेटी खुशी राय का उल्लेख करते हुए महापौर मालती राय ने उसे सदन की ओर से स्वागत करते हुए उसे बधाई दी। महापौर ने कहा कि हम सरकार और जनप्रतिनिधि ऐसी बेटियों को आगे बढ़ाने के लिए काम करें। राज्य सरकार ने प्रतिभाशाली बेटियों को विदेशों तक में शिक्षा दिलाने के लिए आसान शिक्षा ऋण की व्यवस्था की है। 

सिर्फ कानून नहीं, समाज की सोच से आएगा बदलाव:महापौर  

महापौर मालती राय ने ‘नारी शक्ति वंदन’ अधिनियम का स्वागत करते हुए कहा कि जिस दिन यह अधिनियम संसद में आ रहा है, उसी दिन हमारी परिषद में इसे पूर्ण समर्थन मिलने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर महिलाओं को अवसर देना मजबूत राष्ट्र की ओर उठाया कदम है। लम्बे समय से आ रही असमानताओं को कम करने का प्रयास है। यह अधिनियम राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की भागीदारी को गंभीरता से लिए जाने का प्रमाण है। हर क्षेत्र में आगे बढ़ती महिलाओं-बेटियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण उन्हें उचित भागीदारी के साथ सशक्त बनाएगी। उन्होंने आगे कहा कि केवल कानून बानने से नहीं, बदलाव समाज की सोच बदलने आएगा। महिलाओं-बेटियों को घर-परिवार और आसपास के वातावरण में भी बराबर का सम्मान मिलना चाहिए। बेटियों के सपने पूरे करने की जिम्मेदारी सिर्फ उनके परिवार की नहीं, जनप्रतिनिधियों और शासन-प्रशासन की भी है। 

2031 की जनगणना के साथ लागू हो अधिनियम: शबिस्ता 

भोपाल नगर निगम द्वारा ‘नारी शक्ति वंदन’ पखवाड़ा बनाए जाने पर नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी ने कहा कि यह 10 अप्रैल से शुरू हो चुका है। 6 दिन निकल गए हैं। ऐसे में इसे 30 अप्रैल तक बढ़ाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रस्ताव में विशेष सम्मेलनों को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं की गई। चर्चा के बिन्दु स्पष्ट होना चाहिए। उन्होंने कहा कि पखवाड़ा की जगह महिला आरक्षण की बात एजेंडे में आना चाहिए। जकी ने कहा कि 2010 में जब केन्द्र में कांग्रेस की मनमोहन सिंह सरकार थी तब भी महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण का प्रस्ताव आया था, लेकिन पास नहीं हो सका था।उन्होंने कहा कि प्रस्ताव को कांग्रेस पार्षद दल काा समर्थन है, लेकिन इसे 2011 की जनगणना के आधार पर नहीं, 2031 की जनगणना के आधार पर कराया जाए। उन्होंने कहा कि भोपाल निगम परिषद का कार्यकाल खत्म होने से पहले यह अधिनियम लागू होना चाहिए।