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राजधानी

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समाज एवं कार्य क्षेत्र की महिला प्रतिभा ‘सप्तमातृ’ का सम्मान, विश्वमांगल्य सभा के प्रांत अधिवेशन में पंचपरिवर्तन और सामग्र भारतीय जीवनचर्या पर उद्बोधन

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भोपाल।विश्वमांगल्य सभा द्वारा रविन्द्र भवन में मध्यभारत प्रांत के आयोजित दो दिवसीय अधिवेशन में शनिवार को विधिव सामाजिक एवं कार्यक्षेत्र में उत्कृष्ठ एवं उल्लेखनीय कार्य करने वाली सात महिलाओं ‘सप्तमातृ’ का सम्मान हुआ। इससे पहले पंच परिवर्तन एवं समग्र भारतीय जीवनचर्या पर सत्रों का आयोजन हुआ। 

सप्तमातृ के सम्मान समारोह के मंच पर विश्वमांगल्य सभा के संस्थापक एवं श्रीनाथ पीठाधीश्वर आचार्य स्वामी जितेंद्रनाथ महाराज एवं महर्षि महेश योगी वैदिक विश्वविद्यालय के कुलपति ब्रह्मचारी डॉ. गिरीश चन्द्र वर्मा ने सातों महिला शक्तियों को अंगवस्त्र एवं प्रसस्तिपत्र भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर विश्वमांगल्य सभा की राष्ट्रीय सह-संगठन मंत्री श्रीमती पूजा देशमुख, मध्यप्रदेश की अध्यक्ष श्रीमती सूरज डामोर, विधायक राष्ट्रीय जनसंपर्क प्रमुख एवं अखिल भारतीय संयोजिका अनुराधा यादव, मध्यभारत प्रांत की अध्यक्ष विभा रघुवंशी, कार्यक्रम की कार्यकारी अध्यक्ष श्रीमती लतिका चौहान, श्रीमती बविता अग्रवाल सहित अन्य पदाधिकारी मंच पर उपस्थित रहीं।

प्रथम-द्वितीय सत्र में हुए व्याख्यान 

प्रात: 9 बजे से 9.45 बजे तक पंच परिवर्तन पर व्याख्यान हुआ। इस सत्र की अध्यक्षता तक्षशिला सोसायटी की अध्यक्ष श्रीमती प्रीति उपाध्याय ने की एवं बौद्धिक विश्वमांगल्य सभा की अखिल भारतीय सदाचार सभा संयोजिका सुश्री सोनिया तर्हालकर ने दिया। इसी क्रम में दूसरा सत्र समग्र भारतीय जीवनचर्या पर हुआ, जिसमें ब्रजकिशोर भार्गव, प्रचारक एवं क्षेत्र संयोजक गौसेवा केन्द्र विदिशा ने भारतीय जीवनचर्या से जुड़े भाषा, भूषा, भोजन, भजन, भ्रमण, भवन की व्याख्या एवं इसके महत्व को समझाया गया। दोनों उद्बोधन सत्रों के बाद सांस्कृतिक प्रस्तुतियां हुई एवं सप्तमातृ के सम्मान के साथ अधिवेशन का समापन हुआ। 

इन ‘सप्तमातृ’ का हुआ सम्मान 

दतिया जिले की श्रीमती रमा आर्य को ज्ञान के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया। बैतूल की श्रीमती साधना मिश्रा का कला क्षेत्र में, ग्वालियर की श्रीमती महिमा तारे का समाजसेवा के क्षेत्र में, भोपाल की सुश्री रिषिका आहूजा का उद्यम के क्षेत्र में श्रीमती कोकिला सेठ का मातृत्व के क्षेत्र में और भारतीय प्रशासनिक सेवा की अधिकारी श्रीमती सोनाली पोंकशे वायंगंकर का शक्ति क्षेत्र में तथा नर्मदापुरम की सुश्री प्रज्ञा भारती का धर्मक्षेत्र में सम्मान हुआ। सुश्री प्रज्ञा भारती के स्थान पर उनके प्रतिनिधि ने सम्मान प्राप्त किया। 

मंत्री भूरिया ने भेजा वीडियो संदेश 

मप्र की महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती निर्मला भूरिया कार्यक्रम में उपस्थित नहीं हो सकीं। उन्होंने अपना वीडियो संदेश भेजा तथा महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में विश्वमांगल्य सभा के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए हर संभव सहयोग का भरोसा दिया।  

इन पदाधिकारियों की हुई नियुक्ति

कार्यक्रम में अलग-अलग पदों पर सभा के पदाधिकारियों की घोषणा की गई। श्रीमती सपना शर्मा को शिवपुरी जिले की उपाध्यक्ष, श्रीमती गायत्री रघुवंशी को गंजबासौदा जिले में सदस्य, श्रीमती रिया सिंह मालवा प्रांत की कार्यकारिणी सदस्य, श्रीमती अर्चना शर्मा को श्योपुर जिले की संयोजिका, श्रीमती किरण कुशवाह को दतिया जिले की संयोजिका घोषित किया गया।  

संघर्ष के लिए नहीं, आनंद के लिए है जीवन: ब्रह्मचारी डॉ. वर्मा 

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महर्षि महेश योगी वैदिक विश्वविद्यालय के कुलपति ब्रह्मचारी डॉ. गिरीश चन्द्र वर्मा ने कहा कि दिनचर्या और ऋतुचर्या मिलकर योगचर्या बनाती है। इन दोनों ही चर्याओं में साधना का महत्व है, लेकिन आज दिनचर्या में साधना का अभाव स्पष्ट नजर आता है। साधना साधन को जुटाने का बीज है। उन्होंने कहा कि महिलाएं आत्मनिर्भर बनने के लिए संघर्ष कर रही हैं। लेकिन यह जीवन संघर्ष या दुख के लिए नहीं आनंद के लिए हैं। जहां देखों जीवन में आनंद ही आनंद है। काम में संघर्ष नहीं, आनंद की अनुभूति हो। उन्होंने आत्म अनुभव और आत्माभिमान की व्यख्या करते हुए आत्मा को अनुभव करने, आत्मा में ही स्थिर होकर काम करने का संदेश दिया। 

सम्मानित ‘सप्तमातृ’ का समाज में योगदान 

सुश्री ऋषिका अहूजा, भोपाल: ‘उद्यम’ क्षेत्र में उत्कृष्ठ कार्य  के लिए सम्मानित किया गया है। यूरोप से पढ़ी सुश्री ऋषिका ने वर्ष 2017 में तीन कर्मचारियों के साथ ‘आर बी एसोसिएट्स’ कंपनी स्थापित की और आज कंपनी के माध्यम 20 हजार से अधिक कर्मचारियों को रोजगार दे रही हैं। वे इन कर्मचारियों को ही अपना परिवार मानती हैं। कंपनी की स्थापना से पहले भोपाल मंडी में भी कैंटीन का कारोबार किया, जहां 5 रुपये में भोजन जैसी परिकल्पना को साकार किया तथा किसानों को राष्ट्रीय कृषि बाजार का प्रशिक्षण दिया। उद्यम के साथ समाजसेवा में भी सक्रिय हैं। 

श्रीमती कोकिला शेठ, भोपाल: ‘मातृ’ क्षेत्र में ने अपने वंश की चार पीढिय़ों को संयुक्त परिवार में साथ जोडक़र रखा है। गुजरात में जन्मी श्रीमती शेठ शिक्षिका रहीं हैं। उनके पढ़ाए कई छात्र महत्वपूर्ण पदों पर हैं। 

श्रीमती सोनाली पोंकशे वायंगंकर, भोपाल : शक्ति के क्षेत्र में सम्मानित किया गया है। वे भारतीय प्रशासनिक सेवा की अधिकारी हैं। शासन-प्रशासन के कई महत्वपूर्ण पदों पर रही हैं। वर्तमान में सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन विभाग में मुख्य सचिव के पद पर हैं।

श्रीमती महिमा तारे, ग्वालियर : महिलाओं के आर्थिक, सामाजिक एवं बौद्धिक सशक्तिकरण एवं हुनरमंद महिलाओं को रोजगार के उद्देश्य से कोरोनाकाल में महिला समूह ‘स्वयंसिद्धा’ बनाया। महिलाओं द्वारा बनाए गए परंपरागत व्यंजनों की मार्केटिंग भी समूह स्वयं करता है। समूह में 350 महिलाएं जुडक़र अपने हुनर को पहचान दे रही हैं। समूह सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी करता है। श्रीमती तारे ने शिक्षा और समाजसेवा के विविध क्षेत्रों में भी अपना योगदान दिया है। 

प्रज्ञा भारती, नर्मदापुरम : ‘धर्म’ क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए सम्मानित किया गया है। मूलत: वृंदावन में जन्मी सुश्री प्रज्ञा भारती कथा-प्रवचनों के माध्यम से धर्म-प्रचार के माध्यम से समाज में नई चेतना का संचार कर रही हैं। 

श्रीमती रमा आर्य, दतिया: ‘ज्ञान’ क्षेत्र में सम्मानित हुईं श्रीमती रमा आर्य पीताम्बरापीठ संस्कृत महाविद्यालय दतिया में प्राध्यापक एवं शासी निकाय कममेटी में सदस्य हैं। कई-पत्र-पत्रिकाओं में संपादन किया है। झांसी में बसाए जा रहे ‘लेखक गांव’ के ट्रस्ट में सदस्य एवं गुरूकुल, गोवर्धन की संस्थापक ट्रस्टी हैं। गुरूकुल परंपरा, शास्त्रों और संस्कृति के पुनस्र्थापन के लिए प्रयासरत हैं। विद्यालय नहीं जाने वाले गरीब बच्चों की शिक्षा अपने खर्च पर करती हैं। 

श्रीमती साधना मिश्रा , बेतूल: कलाक्षेत्र में सम्मानित श्रीमती मिश्रा टीवी शो ‘डांस इंडिया डांस’ सुपर मॉम टीवी शो कार्यक्रम के दूसरे सीजन-3 वर्ष 2022 की प्रथम विजेता होकर मध्यप्रदेश से चुनी गईं थीं। विगत 10 वर्षों से लगातार गरबा-सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन कर रही हैं। अलग-अलग विधाओं में नृत्य प्रशिक्षण भी दे रही हैं।