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तलाकशुदा बेटी को भी मिलेगा परिवार पेंशन का लाभ, अगले पांच साल जारी रहेंगी दो विभागों की योजनाएं, मंत्रि-परिषद ने दी 7133.17 करोड़ की मंजूरी
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भोपाल। मप्र में 2005 के बाद नियुक्त किए गए कर्मचारियों की परिवार पेंशन को लेकर सरकार ने कर्मचारी हित में निर्णय लिया है। मंगलवार को हुई मंत्रि-परिषद परिषद ने राष्ट्रीय पेंशन योजना में परिवार पेंशन के अंतर्गत अब तलाकशुदा को बेटी भी पेंशन का लाभ दिए जाने का निर्णय लिया है। मप्र के कर्मचारियों के लिए अब तक यह व्यवस्था लागू नहीं थी। 2005 के पहले नियुक्त कर्मचारियों के परिवारजनों को इस सुविधा का लाभ मिल रहा था, लेकिन 2005 के बाद नियुक्त कर्मचारियों के परिजन इससे वंचित थे। सरकार के निर्णय से प्रदेश के तीन लाख से अधिक कर्मचारियों के परिजनों को लाभ मिलेगा।
मप्र के एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप ने मंत्रि-परिषद के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश सिविल सेवा (राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली का कार्यान्वयन) नियम 2026 तथा मध्यप्रदेश सिविल सेवा (राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के अंतर्गत उपदान का संदाय) नियम 2026 का अनुमोदन किया है। यह नियम 1 अप्रैल 2026 से प्रभावशील होंगे। नियम के प्रकाशन के लिए वित्त विभाग को अधिकृत किया गया है। मंत्री श्री कश्यप ने बताया कि अगली कृषि कैबिनेट बालाघाट में होगी।
न्यायालयीन कर्मचारियों को आयु सीमा में छूट
मंत्रि-परिषद ने उच्च न्यायालय और जिला न्यायालय के आईटी संवर्ग में कम्प्यूटर आपरेटर के रूप में कार्यरत कर्मचारियों को तकनीकी संवर्ग की चालू और भविष्य में होने वाली भर्ती प्रक्रियाओं में भाग लेने के लिए सिर्फ एक बार के लिए आयु सीमा में 5 वर्ष की छूट की स्वीकृति दी गई। वर्तमान में अनारक्षित वर्ग के लिए 40 वर्ष और आरक्षित वर्ग के लिए 45 वर्ष की आयु सीमा तय है।
वर्ष 2030-31 तक जारी रहेंगी दो विभागों की योजनाएं
मंत्रि-परिषद ने वर्ष 2026-27 से वर्ष 2030-31 तक जनजातीय कार्य और महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं की निरंतरता के लिए 7,133 करोड़ 17 लाख रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है। जनजातीय कार्य विभाग की पीवीटीजी आहार अनुदान योजना के लिए 2,350 करोड़ रुपए, एकीकृत छात्रावास योजना के लिए 1,703.15 करोड़ रुपये, सीएम राइज विद्यालय योजना के लिए 1,416.91 करोड़, आवास सहायता योजना के लिए 1,110 करोड़ एवं माध्यमिक शिक्षा मण्डल को शुल्क की प्रतिपूर्ति, अनुसूचित जाति जनजाति के अभ्यार्थियों को छात्रवृत्ति, कक्षा-9वीं की छात्रवृत्ति के लिए 522.08 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान की है। इसके अलावा महिला एवं बाल विकास की मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल सेवा योजना के लिए 31.03 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की है।
धरती आवा के लिए 366.52 करोड़ स्वीकृत
मंत्रि-परिषद ने धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान में विद्युत अधोसंरचना विस्तार द्वारा 63 हजार 77 अविद्युतीकृत घरों एवं 650 अविद्युतीकृत शासकीय संस्थानों के विद्युतीकरण के लिए 366 करोड़ 72 लाख रुपये की स्वीकृति दी है। इसमें 220.03 करोड़ केन्द्र का अनुदान तथा 146.69 करोड़ रुपये राज्यांश रहेगा। इसके अलावा म.प्र. ऊर्जा विकास निगम द्वारा 8521 घरों को ऑफ-ग्रिड से विद्युतीकरण के लिए अनुमानित लागत 97 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। भारत सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार वितरण कंपनी स्तर पर निर्धारित सीलिंग कॉस्ट का पालन करते हुए, 2 लाख रुपये प्रति घर तक अनुमानित लागत वाली बसाहटों में राज्य की विद्युत वितरण कंपनियों द्वारा विद्युत अधोसंरचना निर्माण कर ऑन-लाइन प्रणाली से विद्युतीकरण किया जाएगा। खेतों पर बने घरों के साथ ही 5 घरों से छोटी बसाहटें एवं ऐसी दूरस्थ बसाहटें, जहां विद्युतीकरण की औसत लागत 2 लाख रुपये प्रति घर से अधिक है, उनमें म.प्र. ऊर्जा विकास निगम द्वारा एक किलोवाट क्षमता के ऑफ-ग्रिड प्रणाली अर्थात सोलर बैटरी से विद्युतीकरण किया जाएगा।
मंत्रि-परिषद की बैठक में हुआ बजट का प्रस्तुतिकरण
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के समक्ष मंगलवार को को वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट प्रस्तावों का प्रस्तुतीकरण किया गया। मंत्रालय में हुई बैठक में उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, मुख्य सचिव अनुराग जैन, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव वित्त मनीष रस्तोगी और वित्त विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने बजट प्रस्तावों को वर्तमान परिप्रेक्ष्य में बेहतर बताते हुए कहा कि प्रस्तावों में सभी क्षेत्रों और वर्गों के विकास तथा कल्याण का ध्यान रखा गया है। इसके बाद मंत्रि परिषद के समक्ष बजट प्रस्तावों का प्रस्तुतीकरण हुआ। मंत्रि परिषद द्वारा अनुमोदित बजट 18 फरवरी को विधानसभा में उप मुख्यंमत्री जगदीश देवड़ा पेश करेंगे।
मप्र में 41 से घटकर 37 प्रतिशत हुई शिशु मृत्युदर
स्वास्थ्य क्षेत्र में प्रदेश को सकारात्मक परिणाम मिले हैं। मातृ मृत्यु दर 173 से घटकर 142 और शिशु मृत्यु दर 41 से घटकर 37 हो गई है। टीबी उन्मूलन कार्यक्रम में मध्य प्रदेश देश के शीर्ष पांच राज्यों में शामिल है। यह बात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले मंत्रियों को संबोधित करते हुए कही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सिकल सेल उन्मूलन के लिए प्रदेश में व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। आयुष्मान योजना के तहत उपचार उपलब्ध कराने में मध्य प्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है। एयर एंबुलेंस सेवा और राहवीर योजना के क्रियान्वयन में भी निरंतर प्रगति हो रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश में कुल 24 चीते हो चुके हैं। प्रदेश में वन्यजीव रेस्क्यू सेंटर भी बनाए जा रहे हैं।
विक्रमोत्सव और गुड़ी पड़वा का पर्व उल्लास के साथ मनाएं
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी जिलों में विक्रमोत्सव और गुड़ी पड़वा का पर्व उल्लास और उत्साह के साथ मनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इसके तुरंत बाद प्रदेश में जल गंगा अभियान शुरू किया जाएगा, जो तीन महीने तक चलेगा। मुख्यमंत्री ने मंत्रियों को अपने-अपने जिलों में अभियान की गतिविधियों के सुव्यवस्थित संचालन के लिए आवश्यक समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
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