Breaking News:

• रेखा यादव ने संभाला महिला आयोग अध्यक्ष का कार्यभार • ‘एक्टिव मोड’ में कार्य करें अधिकारी, लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई, समय सीमा बैठक में कलेक्टर के निर्देश • पश्चिम बंगाल विजय पर भाजपा कार्यालय में मना उत्सव, ढोल-नगाड़ों के बीच झूमे कार्यकर्ता, प्रदेश अध्यक्ष ने मिठाई के साथ खिलाई झालमुड़ी • कौशल शर्मा ने ग्रहण किया महर्षि पतंजलि संस्कृत संस्थान के अध्यक्ष का पदभार • मोदी की झोली में बंगाल की ममता, भगवा हो गया ‘झालमुई’ का रंग, प्रधानमंत्री बोले यह ऐतिहासिक और अभूतपूर्व दिन • रोटेशन नहीं ट्रांसफर हैं ये: चेकपोस्ट व्यवस्था के बाद ही जारी होगी परिवहन विभाग की चक्रानुक्रम (रोटेशन) सूची! अभी मैदानी अमले को मिलना शुरू हुई नई पदस्थापना
राजधानी

Image Alt Text

राजधानी से किसान कल्याण वर्ष 2026 का शुभारंभ, 16 विभागों के समन्वय से लौटाएंगे किसानों का वैभव:मुख्यमंत्री

राजधानी

- सरसों पर भावांतर दिलाने का प्रयास, मूंगफली पर भी देंगे बोनस  

भोपाल। मप्र सरकार द्वारा किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाए जा रहे वर्ष 2026 में किसानों के समग्र कल्याण के लिए हर जरूरी कदम उठाया जाएगा। किसान हितैषी अलग-अलग गतिविधियों और 16 से अधिक विभागों के आपसी समन्वय से सरकार किसानों का वैभव लौटाएगी। सोयाबीन के बाद सरसों पर भी भावांतर दिलाने के लिए मोदी जी को चिट्ठी लिख रहे हैं। गर्मी के मौसम में किसान मूंगफली उगाने का प्रयास करें, सरकार इस पर बोनस दिलाएगी। यह बात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को राजधानी के जम्बूरी मैदान पर आयोजित किसान कल्याण वर्ष 2026 के शुभारंभ अवसर पर बड़ी संख्या में उपस्थित किसानों को संबोधित करते हुए कही। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि आधारित उद्योगों के विकास में किसानों की भागीदारी बढ़ाई जाएगी। ऐसे उद्योग लगाने वालों को सरकार सब्सिडी देगी। प्रदेश में बीज परीक्षण कार्य से जुड़ी सभी प्रयोगशालाओं को और अधिक सशक्त कर सभी मंडियों का भी आधुनिकीकरण किया जाएगा। प्रदेश के किसानों के लिए वर्ष 2026 नई उम्मीदों और नए अवसरों का वर्ष होगा। किसान सम्मेलन में वर्ष 2026 को ‘कृषक कल्याण वर्ष’ के रूप में मनाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने ई-विकास, वितरण एवं कृषि उर्वरक आपूर्ति सामधान प्रणाली (विकास पोर्टल) का भी शुभारंभ किया। कृषक कल्याण वर्ष 2026 पर आधारित लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कृषि विकास प्रदर्शनी एवं गौमाता पूजन एवं उन्हें रोटी खिलाकर सम्मेलन का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदर्शनी के हर स्टॉल में जाकर अवलोकन किया और संबंधितों से चर्चा भी की। प्रदर्शनी में देशी-विदेशी नस्ल के गौवंश का अवलोकन किया। प्रदर्शनी में 65 प्रकार के उन्नत कृषि यंत्रों का प्रदर्शन किया गया। 

किसान वर्ष सरकार का पुनीत संकल्प: खंडेलवाल 

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष, विधायक हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि मध्यप्रदेश के किसानों के उत्पाद अब निर्यात किए जाएंगे। वर्ष 2026 किसानों के कल्याण को समर्पित है। यह एक पुनीत संकल्प है। उन्होंने कहा टमाटर उत्पादन में हमारा प्रदेश, देश में प्रथम और गेहूं उत्पादन में दूसरे नम्बर पर है। यह एक बड़ी उपलब्धि है। कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना ने कहा कि किसानों को मदद देकर मजबूत बनाना हम सबकी जिम्मेदारी है। इस वर्ष पूरी सरकार किसानों के कल्याण के लिए समर्पित होकर काम करेगी। कार्यक्रम को खेल एवं युवा कल्याण तथा सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग और पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में मंत्री नारायण सिंह कुशवाह, एमएसएमई एवं प्रभारी मंत्री चेतन्य काश्यप, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन सिंह पटेल, नारायण सिंह पवार, राज्यसभा सदस्य बंशीलाल गुर्जर, विधायक रामेश्वर शर्मा,भगवानदास सबनानी, सुदेश राय,गोपाल सिंह इंजीनियर, जिपं अध्यक्ष श्रीमती रामकुंवर गुर्जर, महापौर श्रीमती मालती राय, भाजपा किसान मोर्चा अध्यक्ष जयपाल चावड़ा, भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। 

डिण्डोरी में श्रीअन्न, ग्वालियर में सरसों, उज्जैन में चना अनुसंधान केन्द्र 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में श्रीअन्न उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए डिण्डोरी जिले में मध्यप्रदेश राज्य श्रीअन्न अनुसंधान केंद्र की स्थापना की जाएगी। इसी प्रकार ग्वालियर में सरसों अनुसंधान और उज्जैन में चना अनुसंधान केंद्र स्थापित किए जा रहा हैं। इन केंद्रों के जरिए इन फसलों की गुणवत्ता और पैदावार बढ़ाने पर विशेष बल दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हर साल 10 लाख किसानों को और तीन साल में प्रदेश के 30 लाख से अधिक किसानों को सोलर पम्प देकर आत्मनिर्भर ऊर्जादाता बनाएंगे। 

खेत से फैक्ट्री तक किसान को हर सुविधा 

मुख्यमंत्री ने बताया कि कृषि विभाग और मंडी बोर्ड में सभी श्रेणी के रिक्त पदों पर भर्तियां होंगी। माइक्रो इरिगेशन का दायरा बढ़ेगा। किसानों की फसल नुकसान का सर्वे आधुनिक तकनीक से होगा। किसानों को जीरो प्रतिशत ब्याज दर से ऋण प्रदाय योजना जारी रहेगी। कृषि क्षेत्र में निवेश करने वाले उद्यमियों को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। कृषि आधारित स्टार्ट-अप को बढ़ावा दिया जाएगा। मेगा फूड पार्क, कृषि-प्रसंस्करण क्लस्टर और लॉजिस्टिक अधोसंरचना को सुदृढ़ करेंगे। ‘खेत से फैक्ट्री तक’ के विजऩ के तहत किसानों को सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। 

किसान कल्याण के लिए सरकार के 10 संकल्प

कृषि बदलाव की बड़ी परियोजनाओं पर युद्ध स्तर पर काम। किसानों की आय वृद्धि एवं वेस्ट में कमी लाने के प्रयास। प्राकृतिक और जैविक कृषि को मिशन मोड पर बढ़ावा। संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए पर ‘ड्रॉप मोर क्रॉप 2.0’ और मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन को बढ़ावा। कृषि अपशिष्ट से ऊर्जा बनाने के लिए कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट (सीबीजी) की स्थापना। ‘एमपी ग्लोबल एग्री ब्रांडिंग’ और ‘एग्री-हैकाथॉन’ जैसे नवाचारों पर विशेष फोकस। प्रदेश के कृषि उत्पादों की ब्रांडिंग और निर्यात पर फोकस। कृषि आधारित उद्योग और खाद्य प्रसंस्करण इकाई को बढ़ावा। शोध, नवाचार और सशक्तिकरण की दिशा में प्रयास। युवाओं को खेती के लिए प्रेरित किया जाएगा और आधुनिक तकनीक को खेती-किसानी सरकार की प्राथमिकता होगी। 

कृषक-कल्याण वर्ष का कैलेंडर जारी 

फरवरी में कोदो-कुटकी बोनस वितरण, मार्च में प्राकृतिक खेती संगोष्ठी और मई में नर्मदापुरम् का प्रसिद्ध ‘आम महोत्सव’ आयोजित किया जाएगा। अगस्त-सितम्बर में इन्दौर में एफपीओ कन्वेंशन और छिंदवाड़ा में एग्री इंफ्रास्ट्रक्चर निधि पर कार्यशालाएं होंगी। अक्टूबर और नवम्बर के महीने में ‘फूड फेस्टिवल’ और नरसिंहपुर में ‘गन्ना महोत्सव’ आयोजित होगा।