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मेनिट में स्थापित होगा सार्वजनिक सुरक्षा उत्कृष्टता केंद्र, ग्लोबल एलुमनाई मीट-2025 में मप्र पुलिस और मेनिट के बीच हुआ समझौता हस्ताक्षर
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भोपाल। मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (मेनिट), भोपाल में रविवार को ‘ग्लोबल एलुमनाई मीट-–2025’ का आयोजन हुआ। इस अवसर पर संस्थान के 1986 बैच के पूर्व छात्र एवं वर्तमान पुलिस महानिदेशक, मध्यप्रदेश कैलाश मकवाणा विशेष अतिथि के रूप में शामिल होकर मध्यप्रदेश पुलिस एवं मेनिट के मध्य एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। इस एमओयू के अंतर्गत संस्थान परिसर में ‘सार्वजनिक सुरक्षा उत्कृष्टता केंद्र’ की स्थापना की जाएगी, जिसका उद्देश्य तकनीकी नवाचारों को सार्वजनिक सुरक्षा और पुलिसिंग से प्रत्यक्ष रूप से जोडऩा है।
प्रबुद्ध मंडल और प्रशिक्षण केन्द्र के रूप में काम करेगा केन्द्र
पुलिस महानिदेशक श्री मकवाणा ने अपने संबोधन में कहा कि यह उत्कृष्टता केंद्र एक प्रबुद्ध मंडल (थिंक टैंक) एवं प्रशिक्षण केंद्र के रूप में कार्य करेगा, जो पुलिस और शैक्षणिक जगत के बीच सहयोग का राष्ट्रीय स्तर पर अनुकरणीय मॉडल बनेगा। केंद्र के माध्यम से स्मार्ट पुलिसिंग, साइबर सुरक्षा, डिजिटल फॉरेंसिक, डाटा विश्लेषण, भीड़ प्रबंधन तथा यातायात प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर शोध, नवाचार एवं प्रशिक्षण गतिविधियां संचालित की जाएंगी।
सिंहस्थ जैसे आयोजनों के लिए होगा सहयोगी
श्री मकवाणा ने विशेष रूप से सडक़ सुरक्षा को वर्ष 2026 का प्रमुख लक्ष्य बताते हुए कहा कि मेनिट की सिविल एवं सडक़ इंजीनियरिंग विशेषज्ञता सडक़ दुर्घटनाओं में कमी लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। साथ ही यह केंद्र सिंहस्थ-2028 जैसे विशाल आयोजनों के लिए वैज्ञानिक क्राउड मॉडलिंग, यातायात योजना और सुरक्षा प्रबंधन में भी सहयोग प्रदान करेगा।
राष्ट्रीय स्तर पर अनुकरणीय मॉडल बनेगा उत्कृष्टता केंद्र
डीजीपी ने कहा कि यह ‘सार्वजनिक सुरक्षा उत्कृष्टता केंद्र’ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) जीआईएस मैपिंग, ड्रोन तकनीक एवं उन्नत डेटा विश्लेषण के माध्यम से पुलिसिंग को अधिक पारदर्शी, वैज्ञानिक, स्मार्ट और प्रभावी बनाएगा। इस एनओयू को मूर्त रूप देने में वास्तुकला एवं नियोजन विभाग के डॉ. राहुल तिवारी ने उत्प्रेरक के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह साझेदारी एक सुरक्षा कवच के समान है, जिसमें मेनिट की तकनीकी दक्षता और मध्यप्रदेश पुलिस का व्यावहारिक अनुभव मिलकर समाज को अपराध, दुर्घटनाओं एवं आधुनिक सुरक्षा चुनौतियों से सुरक्षित रखने की दिशा में एक सशक्त, नवाचारी और स्थायी समाधान प्रस्तुत करेगा।
डीजीपी ने बताईं मप्र पुलिस की उपलब्धियाँ
पुलिस महानिदेशक श्री मकवाण ने अपने संबोधन में मध्यप्रदेश पुलिस की प्रमुख उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि प्रभावी रणनीति, सशक्त अभियानों तथा रिकॉर्ड संख्या में आत्मसमर्पण के चलते मध्यप्रदेश अब नक्सल मुक्त प्रदेश बन चुका है। साइबर अपराधों से निपटने के लिए शुरू की गई ई-जीरो एफआईआर व्यवस्था का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि एक लाख रुपये से अधिक के साइबर फ्रॉड मामलों में शिकायत स्वत: एफआईआर में परिवर्तित हो सकेगी, जिससे पीड़ितों को त्वरित न्याय सुनिश्चित होगा। इसके अलावा मप्र पुलिस द्वारा चलाए गए जन-जागरूकता अभियान ‘नशे से दूरी है जरूरी’ को वल्र्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स द्वारा सम्मानित किए जाने की जानकारी भी उन्होंने साझा की। छात्र जीवनकाल की मेनिट से जुड़ी स्मृतियों को भी उन्होंने साथ किया किया। कार्यक्रम में अनेक वरिष्ठ पूर्व छात्र, शिक्षाविद् एवं गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
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