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राजधानी

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सदन में सभी को भाया विजयवर्गीय का हास्यपूर्ण अंदाज, मुख्यमंत्री की तरफ देखकर बोले, हमारे कप्तान खुद सूट-बूट में, हम गरीब ऐसे ही बैठे हैं

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भोपाल। मध्यप्रदेश को विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध राज्य बनाए जाने के संकल्प पर चर्चा के दौरान संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का हास्य, व्यंग्य का अंदाज पक्ष और विपक्ष दोनों को भाया। विजयवर्गीय ने सदन में कैलाश जोशी और भगवंत राव मंडलोई को छोडक़र सभी पूर्व एवं वर्तमान मुख्यमंत्री के राज्य के विकास में योगदान का उल्लेख करते हुए दिग्विजय सिंह के कार्यकाल के दौरान कहा कि कई नकारात्मक बातें भी हैं, लेकिन आज वे सिर्फ सकारात्मक बातों का ही उल्लेख करेंगे। 

‘मध्यप्रदेश को विकसित, आत्मनिर्भर तथा समृद्ध राज्य बनाया जाए’ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के संकल्प पर बोलते हुए ऐसा भी अवसर आया जब विजयवर्गीय ने मुख्यमंत्री की ओर देखा और हास्य अंदाज में बोले-‘अध्यक्ष महोदय, अभी ट्वेंटी-ट्वेंटी क्रिकेट चल रहा है। मैंने देखा है कि कप्तान सूर्यकुमार जैसे ही मैदान में उतरे, तो सब खिलाडिय़ों को उन्होंने किट बांटी।  हमारे कप्तान ऐसे हैं कि खुद ही सूट-बूट में आ गए। हम सब गरीब ऐसे ही बैठे हैं। विजयवर्गीय की इस हास्यपूर्ण टिप्पणी पर सदन में उपस्थित सदस्यों ने ठहाके लगाए। कांग्रेस विधायक महेश परमार ने कहा, अध्यक्ष महोदय, किट पूरी 230 होना चाहिए। दोनों तरफ यह किट मिलनी चाहिए। विजयवर्गीय ने कहा अध्यक्ष महोदय, आपकी तरफ से मिलना चाहिए, यह निर्देश होना चाहिए। इसमें आपकी तरफ से कुछ व्यवस्था होनी चाहिए कि अपनी टीम का भी थोड़ा-सा ध्यान रखें। विजयवर्गीय के संबोधन के दौरान विधायक आरिफ मसूद ने कहा गौर साहब (बाबूलाल गौर) की बात आयी है, तो मैं उनके लिये एक बात जरूर कहूंगा कि उन्होंने अतिक्रमण हटाये जरूर, लेकिन लोगों को स्थापित भी किया। यह भी उनकी अच्छी बात थी, वह बुलडोजर मंत्री थे, तब और आज के बुलडोजर मंत्री में अंतर जरूर है। 

मप्र की समृद्धि में सभी मुख्यमंत्रियों, सरकारों का योगदान

विजयवर्गीय ने प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्रियों का नाम लेकर एवं प्रदेश के विकास में दिए गए प्रमुख योगदानों का एक-एक कर उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि किसी एक मुख्यमंत्री या सरकार नहीं, बल्कि सभी के सामूहिक प्रयासों और मंशा से मप्र समृद्ध और आत्मनिर्भन बन रहा है।  

इन विधायकों ने भी रखी अपनी बात 

प्रहलाद पटेल- लोगों ने कांग्रेस की बजाय भाजपा पर भरोसा किया, यह भरोसे की बात है। मध्य प्रदेश आत्मनिर्भर, विकसित और समृद्ध बने, यह हर व्यक्ति चाहता है। अभी भाजपा के लोग चालक की स्थिति में हैं लेकिन विपक्ष के सहयोग के बिना काम पूरा नहीं हो सकता, इसलिए भेदभाव न रखें।       

राजेंद्र कुमार सिंह: नर्मदा नदी के किनारे 5 करोड़ पौधे एक दिन में लगाए जाने का दावा सरकार ने किया था। सरकार बताए कि उनमें से कितने पौधे आज की स्थिति में जिंदा हैं?

बाला बच्चन: सरकार आज जो अपने काम गिना रही है, वह 12 दिन पहले खत्म हुए सत्र को बढ़ाकर भी कर सकती थी। मध्य प्रदेश में पिछले 17 साल से बीजेपी की सरकार है लेकिन विधानसभा सत्रों की संख्या लगातार छोटी होती जा रही है। सरकार लगातार कर्ज के बोझ से दबती जा रही है।

हेमंत कटारे: भाजपा के नेता विजन 2047 की बात करते हैं। विजन 2047 क्या है? क्यों विजन 2047, क्यों नहीं 2026, क्यों नहीं 2028 क्यों नहीं 2033, क्यों विजन 2047। जब हम 2047 में प्रवेश करेंगे तो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 97 साल के हो चुके होंगे। कैलाश विजयवर्गीय 91 वर्ष के हो चुके होंगे। विजयवर्गीय ने टोकते हुए कहा कि मेरी उम्र कोई कैसे बता सकता है। आज भी मेरे बराबर दौड़ नहीं कसते, मेरे से पंजा नहीं लड़ा सकते। मुझे यह बूढ़ा बता रहे हैं। 

अस्पतालों में चूहों पर हुआ हंगामा 

मप्र के अस्पतालों में चूहों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जोरदार बहस हुई। उप मुख्यमंत्री  राजेंद्र शुक्ला के संबोधन के दौरान अस्पतालों में चूहों का मुद्दा उठा। कांग्रेस विधायक हीरालाल अलावा और महेश परमार ने कहा कि क्या सरकार यह साफ कर सकती है कि 2026 में अस्पतालों में चूहों से बच्चों की मौत नहीं होगी? इसके बाद अस्पताल में चूहों को लेकर सदन में शोर-शराबे का माहौल बन गया। सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्य बहस करने लगे।

मंत्रियों ने बताईं विभागीय उपलब्धियां

राज्य सरकार के मंत्रियों ने अपने संबोधन में विगत दो वर्षों में उनके विभाग द्वारा किए गए कामों का हिसाब दिया और भावी कार्योजना पर भी अपनी बात रखी। 

जनता की भलाई के लिए नया इतिहास लिखेंगे: तोमर

मध्यप्रदेश विधानसभा की 70 वीं वर्षगांठ पर आयोजित विशेष सत्र को संबोधित करते हुए विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने अपने उद्बोधन में कहा कि मध्यप्रदेश की सोलहवीं विधान सभा के अध्यक्ष के नाते मुझे विश्वास है कि इस विशेष सत्र में अपने नेक इरादे, साफ नीयत, जनहित और राष्ट्र हित को सर्वोपरि रखकर विजऩ के माध्यम से हम मध्यप्रदेश की जनता की भलाई के लिए एक नया इतिहास लिख सकेंगे। हमारी सहभागिता पहली विधान सभा के संकल्पों के अनुरूप सन् 2047 में मानव विकास के नये प्रतिमानों के साथ विशेष सत्र की धारणाओं को साकार करेगी। हम कह सकेंगे कि मध्यप्रदेश सही अर्थों में भारत का सिरमौर है। इस विशेष सत्र की कार्यवाही को देखने विद्यालयों और महाविद्यालयों से करीब 400 विद्यार्थी विधानसभा पहुंचे। इन विद्यार्थियों से श्री तोमर से भेंट भी की एवं विधानसभा का भ्रमण कर प्रदर्शनी को भी देखा।

कांग्रेस विधायकों ने किया प्रदर्शन 

केन्द्र सरकार द्वारा मनरेगा योजना का नाम बदलने को लेकर कांग्रेस विधायक दल ने बुधवार को विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में विधानसभा परिसर स्तिथ गांधी प्रतिमा के सामने विरोध प्रदर्शन किया। नेता प्रतिपक्ष ने कहा की भाजपा नाम बदलने की राजनीति कर असल मुद्दों से ध्यान भटकाने का काम रही है। गांधी जी के नाम को बदल रही है, क्या भाजपा को बापू से डर लगता है या फिर वो उनका सम्मान नहीं करती ?