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राजधानी

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सत्तापक्ष बोला लक्ष्य 2047, विपक्ष ने कहा 2026 क्यों नहीं?° विधानसभा के विशेष सत्र में मुख्यमंत्री ने रखा मप्र को विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाए जाने का संकल्प

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भोपाल। मध्यप्रदेश को विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध राज्य बनाए जाने को लेकर आहूत हुए मप्र विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र में सत्तापक्ष और विपक्ष के कई वरिष्ठ सदस्यों ने अपने विचार रखे। सत्तापक्ष ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन-2047 ‘आत्मनिर्भर भारत’ बनाने की दिशा में मप्र की भूमिका और भावी कार्योजना पर विचार विचार रखें, वहीं विपक्ष ने कहा कि 2047 के स्थान पर सरकार 2026-27 के लक्ष्य की बात क्यों नहीं करती। 

विधानसभा की कार्रवाई शुरू होते ही सबसे पहले दिवंगतों के निधन का उल्लेख कर सदन की ओर से मुख्यमंत्री, नेता प्रतिपक्ष सहित अन्य सदस्यों ने श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। कुछ देर मौन के बाद कार्रवाई 5 मिनट के लिए स्थगित हुई। पुन: कार्रवाई शुरू होते ही विधानसभा अध्यक्ष के निर्देश पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ‘मध्यप्रदेश को विकसित, आत्मनिर्भर तथा समृद्ध राज्य बनाया जाए’ संकल्प प्रस्तुत किया। संकल्प प्रस्तुत होने के बाद अध्यक्ष ने सदन में इस पर चर्चा के लिए कुल 7 घंटे का समय निर्धारित किया। दो घंटे मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष के लिए, शेष 5 घंटे अन्य सदस्यों के लिए रखे। गए। 

हमारे पास नेता, नीति और नीयत, दो साल की ऐतिहासिक उपलब्ध्यिां: मुख्यमंत्री 

मुख्यमंत्री ने सदन में अपने संबोधन में कहा कि हमारे पास नेता भी है, नीति भी है और  नीयत भी है। हम ठोक बजाकर पूरे आत्मविश्वास के साथ  विकसित, आत्मनिर्भर  मध्यप्रदेश बनाकर  ही दम लेंगे,  इसके लिए मेहनत की पराकाष्ठा करेंगे, यह संकल्प हमारा है। उन्होंने कहा, मध्यप्रदेश की सरकार ने  पिछले दो वर्षों में  विकास के हर क्षेत्रों  में ऐतिहासिक उपलब्धियां  हासिल कीं। ऐतिहासिक  निर्णयों, नीतियों से मध्यप्रदेश में परिवर्तन  का नया दौर प्रारम्भ हुआ है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह के नेतृत्व में हमने 11  दिसम्बर को नक्सलवादियों के लाल सलाम को  आखिरी  सलाम किया। आतंक,उग्रवाद से जुड़े मॉड्यूल  को भी ध्वस्त किया है। भारतीय मुजाहिदीन, आईएसआई  समर्थक समूह, टेरर फंडिंग, चरस  नेटवर्क इत्यादि सभी पर कार्यवाही करते हुए 20 से अधिक आरोपियों को  हमने गिरफ्तार किया है। मनी लॉन्ड्रिंग के 1300 से अधिक खातों में 2 हजार करोड़ के अवैध लेन-देन का खुलासा  किया है। अवैध हथियार फैक्ट्री को  ध्वस्त कर 1900 से  अधिक   बैरल,  शटल, नालियां, हथियार  बनाने की  सामग्री  सहित  अवैध हथियारों को  बरामद किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने दो वर्ष पूरे किये हैं और मैं यह दावे के साथ कह सकता हूं कि  हम सबने मिलकर के न केवल दूरगामी दृष्टि से निर्णय लिए, बल्कि  ऐसे निर्णय भी लिये,  जो आज तो थोड़े से कम लगेंगे, लेकिन आने वाले समय में मील के पत्थर के रूप में जाने जाएंगे। मुख्यमंत्री ने मप्र सरकार की योजनाओं और कामों से जुड़ी कई उपलब्धियों और भावी योजनाओं का उल्लेख सदन में किया। 

जनता भी देखती 2047 के सपने दिखा रही सरकार: सिंघार 

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने चर्चा का स्वागत करते हुए कहा कि एक दिवसीय सत्र का लाइव टेलीकास्ट होता तो जनता देखती कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार जो वर्ष 2047 लाना चाहती है तो वह भी यह देखती कि क्या सपने दिखाए जा रहे हैं। 17 दिसम्बर 1956 को पहला सत्र हुआ और वह सत्र एक महीना चला। 17 जनवरी तक चला तो क्या आज हम शपथ लेंगे कि विधान सभा सत्र आगे भी लंबा चलेंगे। जनता के कई सवाल होते हैं, लेकिन सिर्फ विकास की घोषणाओं से काम नहीं चलेगा। उज्जैन में लैंण्डपुलिंग योजना की वापसी को लेकर उन्होंने उन्होंने कहा कि किसानों के हित में कांग्रेस इसका विरोध कर रही थी।  हम विकास पर चर्चा करना चाहते हैं, लेकिन सरकार संवाद से डरती है।  वर्ष 2047 के पहले वर्ष 2028 आने वाला है। वह क्यों भूल गये। हमको गारंटी चाहिए लेकिन वर्ष 2047 की गरंटी नहीं चाहिए हमको वर्ष 2026 की गारंटी चाहिए जब हम इस सत्र को मानेंगे। उप नेता प्रतिपक्ष ने मप्र में कानून व्यवस्था सहित अन्य मुद्दे उठाए। सत्तापक्ष की ओर से मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, प्रहलाद पटेल, राजेन्द्र शुक्ला, राकेश सिंह, विपक्ष की ओर से बाला बच्चन, राजेन्द्र सिंह, फूलसिंह बरैया सहित अन्य विधायकों ने अपनी बात रखी।