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चंबल के रेत माफिया को किसका संरक्षण? उत्खनन पर प्रतिबंध के बावजूद हर दिन चंबल से रेत खोद रहा माफिया

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- 23 महीने में वन विभाग ने 283, पुलिस ने दर्ज किए कुल 64 प्रकरण  

भोपाल। मप्र में मुरैना जिले की सीमा से निकली चंबल नदी में घडिय़ाल और डॉल्फिन जैसी विलुप्तप्राय जलीय प्रजातियों के संरक्षण के उद्देश्य से यहां रेत खनन पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसके बावजूद चंबल नदी में बड़े स्तर पर अवैध खनन जारी है। चंबल से रेत चोरी और रेत का अवैध परिवहन रोकने के लिए नियुक्त जिम्मेदार वन व खनिज विभाग एवं पुलिस व प्रशसन के दावों के बावजूद राजनीतिक संरक्षण में चंबल से रेत का अवैध खनन निरंतर जारी है। 

ग्वालियर पूर्व विधानसभा सीट से विधायक सतीश सिकरवार द्वारा विधानसभा में पूछे गए प्रश्न के उत्तर में पुलिस और वन विभाग ने अपनी-अपनी कार्रवाई के आंकड़े उपलब्ध कराए हैं। सामान्य वन मंडल की जिन टीमों ने 2024 में रेत उत्खनन और परिवहन पर रेत माफिया के विरुद्ध वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 एवं भारतीय वन अधिनियम 1927 के अंतर्गत कुल 260 प्रकरण पंजीबद्ध किए थे। जबकि वर्ष 2025 के 11 महीनों में कुल 23 प्रकरण ही पंजीबद्ध किए गए। 

रेत चोरी पर तीन वनकर्मियों पर हुई कार्रवाई 

राष्ट्रीय चंबल अभ्यारण्य मुरैना में रेत माफिया से मिलीभगत की शिकायत पर वन विभाग के तीन कर्मचारियों को निलंबित कर विभागीय जांच संस्थापित की गई है। इनमें वनपाल जयनारायण जाटव पर रेल माफिया के साथ संलिप्तता एवं विभागीय कार्यों की जानकारी खनन माफिया तक पहुंचाने के आरोप हैं। जबकि वन रक्षक प्रभाकर शर्मा और आकाश शर्मा पर पर रेत माफिया को संरक्षण, अवैध रेत उत्खनन कराकर वसूली, माफिया के साथ शराब पीकर अधीक्षक कार्यालय में उपद्रव एवं अनुशासनहीनता का आरोप है। 

पुलिस उप निरीक्षक एवं तत्कालीन थाना प्रभारी टैंटरा सुखदेव सिंह, कार्यवाहक सहायक उप निरीक्षक, तत्कालीन चौकी प्रभारी राजौधा नारायण सिंह तोमर, सबलगढ़ थाने के आरक्षक सुभाष गुर्जर और अमर सिंह रावत एवं थाना प्रभारी देवगढ़ एवं आरक्षक अभिषेक सिंह भदौरिया के विरुद्ध भी पुलिस की शिकायत शाखा में शिकायतें दर्ज की गईं। लेकिन इन सभी को अप्रमाणित बताकर खत्म कर दिया गया। 

पुलिस ने दर्ज किए कुल 64 प्रकरण 

मुरैना जिले की पुलिस ने 1 जनवरी 2024 से 11 नवम्बर 2025 के बीच चंबल की रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन के कुल 64 प्रकरण दर्ज किए। 15 प्रकरण मुरैना नगर निगम क्षेत्र के थानों में, जबकि 49 प्रकरण ग्रामीण क्षेत्रों में दर्ज किए गए। 2024 में 39 एवं 19 प्रकरण 2025 में दर्ज हुए हैं। 

पुलिस और वन विभाग ने स्वीकारी चंबल से रेत चोरी 

विधायक सिकरवार द्वारा पूछे गए प्रश्न के उत्तर में मुरैना पुलिस अधीक्षक और वन मंडल अधिकारी दोनों ने ही स्वीकार किया है कि चंबल में उत्खनन के रोक के बावजूद चंबल से माफिया रेत चोरी कर रहा है। पुलिस अधीक्षक का कहना है कि चोरी छुपे अवैध रेत उत्खनन-परिवहन की सूचना पर खनिज विभाग से समन्वय स्थापित कर पुलिस कार्रवाई करती है। पुलिस की मिलीभगत से रेत उत्खनन एवं परिवहन की मिली चारों शिकायतों को जांच के बाद अप्रमाणित माना गया। 

चंबल अभ्यारण्य में रेत उत्खनन से एनजीटी नाराज

राष्ट्रीय चंबल अभ्यारण्य के आसपास रेत के अवैध उत्खनन से नाराज राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने मप्र सरकार से 2024 में हुए उत्खनन और उस पर रोक के उपायों के संबंध में हलफनामा मांगा था। एसीएस पर्यावरण विभाग द्वारा 8 अक्टूबर 2025 को दायर हलफनामे में बताया था कि साल 2024 में कुल 46,118.55 घन मीटर रेत जब्त की गई, और उसमें से 45,799 घन मीटर रेत नष्ट कर दी गई। एनजीटी को बताया गया कि वर्तमान में इस क्षेत्र में दो सीसीटीवी कैमरे सक्रिय हैं। इनके जरिए 6 मामले दर्ज किए गए, और 3 ट्रक, एक डंपर और 2 ट्रैक्टर ट्रॉली जब्त की गई। सभी मामलों की जांच गेम रेंज, देवरी के रेंज ऑफिसर द्वारा की जा रही है। साथ ही बताया गया कि वर्तमान में निगरानी के लिए एक ड्रोन का उपयोग हो रहा है। नए ड्रोन की खरीद का प्रस्ताव 28 फरवरी 2025 को उच्च अधिकारियों को भेजा गया है। ड्रोन के जरिए अब तक 10 मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें एक मामले में 2,960 घन मीटर रेत जब्त की गई।