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नेशनल एग्जिट टेस्ट के बिना डॉक्टर नहीं बन सकेंग आयुष छात्र

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अगले वर्ष पूरी हो रही जिन छात्रों की डिग्री, उन्हें भी देनी होगी प्रवेश परीक्षा

भोपाल। आयुष डिग्री से पहले अब छात्रों को राष्ट्रीय स्तर का नेशनल एग्जिट टेस्ट उत्तीर्ण करना होगा। प्रवेश परीक्षा का यह नियम वर्ष 2021-22 के अध्ययनरत छात्रों के बैच पर भी लागू होगा। बिना नेशनल एग्जिट टेस्ट दिए साढ़े पांच साल की डिग्री पूरी करने पर भी छात्रों को आयुर्वेद, सिद्धा, यूनानी, सोवा-रिग्पा,  होम्योपैथिक आयुष डॉक्टर के लिए पंजीयन संबंधित बोर्ड से नहीं हो सकेगा। न ही रजिस्ट्रेशन नंबर मिलेगा जिससे वह आधिकारिक चिकित्सकीय अभ्यास (प्रैक्टिस) नहीं कर सकेगा। आयुष मंत्रालय भारत सरकार के अवर सचिव मदनलाल मीणा के डिजीटली हस्ताक्षर से विगत 9 सितम्बर 2025 को इस तरह का  परिपत्र जारी हुआ है। 

नेशनल एग्जिट टेस्ट की यह राष्ट्रीय परीक्षा संभवत: वर्ष 2027 में पहली बार होगी जब आयुष पाठ्यक्रम का 2021-22 का पहला बैच प्रशिक्षण (इंटर्नशिप) के साथ अक्टूबर 2027 में निकलेगा। जारी सर्कुलर में भारत सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है। बताया जा रहा है कि भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग (एनसीआईएसएम) और राष्ट्रीय होम्योपैथिक आयोग (एनसीएच) का प्रयास है कि योग्य छात्र ही आयुष मेडिकल प्रैक्टिस में आएं। 

देश में 900 से अधिक कॉलेज, दो लाख से ज्यादा छात्र 

  • मध्यप्रदेश, राजस्थान, गुजरात, उत्तरप्रदेश, बिहार, नईदिल्ली, उत्तराखण्ड, छत्तीसगढ़ समेत देशभर में 900 से ज्यादा आयुर्वेद, होम्योपैथिक, यूनानी, सिद्धा व सोवा-रिग्पा के मेडिकल कॉलेज हैं, जहां दो लाख से ज्यादा छात्र चिकित्सकीय अध्ययन-अध्यापन कर रहे हैं। हालांकि सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि 2021-22 बैच के लिए जहां किसी कारणों से सरकार नेशनल एग्जिट टेस्ट समय पर नहीं करा पाएगी, वहां यह नियम लागू नहीं हो सकेगा और वेकेंसी निकलने पर डिग्री पूरी कर चुके छात्र आवेदन कर सकेंगे।

आयुष सेवाओं में भी योग्य चिकित्सक निकल सकें, संभवत: इसी उद्देश्य से एनसीआईएसएम, एनसीएच व भारत सरकार ने नेशनल एग्जिट टेस्ट का निर्णय लिया है, जो स्वागत योग्य है। परंतु ऐसी परीक्षाएं मेडिकल, डेंटल, वेटरनरी जैसी  विधाओं में भी कराई जानी जानी चाहिए। इस नेक्स्ट परीक्षा में पासिंग नंबर भी 50 प्रतिशत के स्थान पर नीट की तरह 50 पर्सेंटाइल किया जाना छात्रों के हित में होगा।

- डॉ. राकेश पाण्डेय 

राष्ट्रीय प्रवक्ता-आयुष मेडिकल एसोसिएशन