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गौशाला की हर गाय के लिए प्रतिदिन 40 रुपये देगी सरकार
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स्वावलंबी गौ-शालाओं की स्थापना नीति-2025 को मंत्रि-परिषद की मंजूरी
भोपाल। मध्य प्रदेश में निराश्रित गौवंश की समस्या के निराकरण के लिए ‘मध्यप्रदेश राज्य में स्वावलंबी गौशालाओं की स्थापना की नीति-2025’ को स्वीकृति देते हुए मंत्रि-परिषद ने प्रदेश में गौशालाओं की स्थापना को प्रोत्साहित करने के लिए मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार गौ-शालाओं को 20 रुपये प्रति गौवंश प्रति दिवस से बढ़ाकर 40 रुपये प्रति गौवंश प्रति दिन किए जाने का निर्णय लिया है।
डॉ. अम्बेडकर के नाम पर हुई पशुपालन विकास योजना
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में राज्य में पशुपालन एवं डेयरी से संबंधित गतिविधियों में रोजगार के नवीन अवसर बढ़ाने, उत्पादकता बढ़ाने, किसानों की आय बढऩे से जीएसडीपी में वृद्धि और राष्ट्र की जीडीपी में योगदान बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री पशुपालन विकास योजना की निरन्तरता (वर्ष 2024-25 तथा 2025-26) रखते हुए योजना का नाम ‘डॉ. अम्बेडकर पशुपालन विकास योजना’ रखे जाने का निर्णय लिया गया। स्वीकृति अनुसार सहकारिता के माध्यम से पशुपालन गतिविधियों के लिए शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर किसान को क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराए जाएंगे। नस्ल सुधार के लिए भ्रूण प्रत्यारोपण कार्यक्रम और बांझ निवारण शिविरों का आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री डेयरी प्लस कार्यक्रम, चारा उत्पादन कार्यक्रम, प्रदेश की मूल गौवंशीय नस्ल एवं भारतीय उन्नत नस्ल की दूधारू गायों के लिए पुरस्कार कार्यक्रम, मुख्यमंत्री दुधारू पशु प्रदाय कार्यक्रम तथा पशुपालकों को योजनाओं की जानकारी देने एवं उन्मुखीकरण के लिए प्रचार-प्रसार कार्यक्रम की निरन्तरता को स्वीकृति दी गई।
शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने हुआ अनुबंध
मध्यप्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता सुधार के लिए समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत भारत सरकार से संबद्ध संस्था एडसिल (इंडिया) लिमिटेड से अनुबंध (एमओयू) किए जाने के प्रस्ताव को भी मंत्रि-परिषद ने मंजूरी दी है। उल्लेखनीय है कि केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय से संबद्ध संस्था एडसिल (इण्डिया) लिमिटेड (भारत सरकार की मिनी रत्न श्रेणी-1) सेंट्रल पब्लिक सेक्टर एन्टरप्राइजेज (सीपीएसई) संस्था है। संस्था के द्वारा म.प्र. में समग्र शिक्षा अभियान अंतर्गत गुणवत्ता सुधार, एलईपी (कक्षा छटवीं से 12वीं) के अंतर्गत स्वीकृत विभिन्न गतिविधियों को संचालित किया जाएगा। इसमें सीखने में वृद्धि कार्यशालाएँ, सीखने के परिणाम आधारित मूल्यांकन, राज्य के बाहर वैज्ञानिक एक्सपोजर विजिट, शिक्षक विकास, सतत व्यावसायिक विकास और परिणाम शिक्षण रणनीतियों में सुधार शामिल हैं।
मल्हारगढ़ (शिवना) सिंचाई परियोजना को मंजूरी
मंत्रि-परिषद ने पार्वती-कालीसिंध-चम्बल लिंक परियोजना अंतर्गत मंदसौर जिले की मल्हारगढ़ (शिवना) दाबयुक्त सूक्ष्म सिंचाई परियोजना लागत राशि 2932 करोड़ 30 लाख रुपये, सैंच्य क्षेत्र 60 हजार हैक्टेयर की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। स्वीकृत परियोजना से मंदसौर जिले की मल्हारगढ़ तहसील के 32 ग्राम एवं मंदसौर तहसील के 115 ग्राम लाभान्वित होंगे।
मंत्रि-परिषद में यह भी हुए निर्णय
- विद्युत कंपनियों को कार्यशील पंूजी ऋण या नगद साख सुविधा के लिए शासकीय प्रत्याभूति दिए जाने को मंजूरी।
- लोक वित्त से वित्त पोषित कार्यक्रमों के अन्तर्गत परियोजनाओं के परीक्षण और प्रशासकीय अनुमोदन की प्रक्रिया का अनुमोदन।
- प्रदेश में चिकित्सा महाविद्यालयों को पीपीपी मोड पर स्थापित करने संशोधित निविदा प्रपत्र प्रारूप को कार्योत्तर अनुमोदन दिया। निविदा प्रपत्र में आवश्यक परिवर्तन एवं निराकरण के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित राज्य स्तरीय सशक्त समिति को अधिकृत किया गया है।
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