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दो करोड़ से बढक़र सौ करोड़ हो जाएगी वक्फ बोर्ड की कमाई
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मप्र वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष बोले नए वक्फ कानून से होगा गरीब मुसलमानों का उत्थान
भोपाल। मप्र में अभी 15 हजार 8 वफ्फ संपत्तियां दर्ज हैं, जिनसे अभी दो करोड़ रुपये की सालाना आय भी बोर्ड को नहीं हो रही है। लेकिन वक्फ कानून में संशोधन के बाद पट्टा नियम के अनुसार इन संपत्तियों से बोर्ड को सालाना सौ करोड़ से अधिक की कमाई होगी।
अभी जिन चंद धनाड्य मुसलमानों ने कब्जा कर रखा है, संपत्तियां उनसे वापस लेकर इन संपत्तियों से होने वाली आय को गरीब और जरूरतमंद मुसलमानों के उत्थान पर खर्च किया जाएगा। वक्फ कानून के समर्थन में यह बात मप्र वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सनवर पटेल ने गुरूवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में पत्रकारवार्ता में कही।
मप्र वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष श्री पटेल ने कहा कि नया वक्फ कानून भाईचारे, देश और समाज के हित में है। नए वक्फ कानून से अवैध कब्जाधारी कुछ धनाड्य मुसलमानों के स्थान पर गरीब, जरूरतमंद मुसलमान इसके सच्चे हकदार हो जाएंगे।
मप्र ने केन्द्र से पहले बनाया पोर्टल, जानकारी अपलोड
पटेल ने कहा कि बिल के आधार पर 15 बिंदुओं की जानकारी भारत सरकार द्वारा बनने वाले वामसी (भारतीय वक्फ प्रबंधन प्रणाली) पोर्टल में दर्ज होना है। लेकिन मप्र वक्फ बोर्ड ने यह जानकारी पहले ही मप्र वक्फ बोर्ड का वामसी पोर्टल बनाकर उस पर दर्ज कर दी है।
कांग्रेस नेताओं के कब्जे में कई वक्फ संपत्तियां
मप्र वफ्फ बोर्ड के अध्यक्ष सनवर पटेल ने कहा कि वफ्फ की कई संपत्तियों पर कांग्रेस नेताओं का कब्जा था। अब उनसे संपत्तियों को वापस लेकर उनसे वसूली की कार्रवाई भी की जा रही है। श्री पटेल ने बताया कि उज्जैन में कांग्रेस नेता रियाज खान ने वक्फ की संपत्तियों की आय से घर भरा, जांच के बाद उन्हें 7 करोड़ 11 लाख रुपये की आर आर सी जारी है। इसी तरह भोपाल, इंदौर सहित तीन अन्य शहरों में भी कांग्रेस नेताओं के विरुद्ध आरआरसी जारी हुई है। उन्होंने बताया कि प्रदेशभर में 50 से अधिक संपत्तियों के कब्जाधारकों के विरुद्ध आरआरसी की कार्रवाई प्रक्रियाधीन है।
बोर्ड ने भरी एक हजार बच्चों की फीस
मप्र वक्फ बोर्ड के आध्यक्ष सनवर पटेल ने बताया कि गरीब और जरूरतमंद मुसलमानों के हित में बोर्ड लगातार काम कर रहा है। पिछले साल ही बोर्ड ने एक हजार ऐसे मुस्लिम बेटे-बेटियों की फीस भी है, जो पैसे के अभाव में पढ़ाई छोडऩे को मजबूर थे। फीस सीधे शिक्षण संस्थानों में जमा कराई गई।
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