मध्यप्रदेश

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हर पंचायत से लिया जाएगा पानी और हरियाली का हिसाब

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जल की बचत और हरियाली संरक्षण से ही बचेगा जीवन  
भोपाल। शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण, हरियाली क्षेत्र विकास, व्यक्तिगत स्वच्छता और जल बचत को लेकर आम जन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इस मिशन को जीवन से जोडक़र अब वर्ष 2028-29 तक मुख्यमंत्री जनसहभागिता निर्माण योजना एवं ग्रामीण विकास की योजनाओं के माध्यम से फोकस किया जाएगा। प्रदेश के 16 नगर निगम, 99 नगर पालिका परिषद, 264 नगर पंचायत, 52 जिला पंचायत, 313 जनपद पंचायत एवं विकासखंड और 22812 ग्राम पंचायतों में जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। यह प्रयास किया जाएगा कि प्रत्येक निकाय एवं पंचायत में मौजूद तालाबों में पूरे वर्ष पानी रह सके। जिन तालाबों की भूमि पर एक फसली कृषि पट्टा है, उनमें भी नवंबर-दिसंबर तक पानी रखा जाना है। इस पूरे अभियान को जिला पंचायतों के माध्यम से चलाया जाएगा। सोशल ऑडिट के जरिए पंचायत एवं निकायों से हरियाली और पानी का हिसाब लिया जाएगा।  
इस तरह होगी आम जन की सहभागिता
-लोगों को जल संग्रहण में सहयोग के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
-हरियाली संरक्षण, पौधारोपण आदि कार्यों में जन सहभागिता और बढ़ाई जाएगी।
-व्यक्तिगत स्वच्छता को लेकर शहर के साथ ही गांवों में जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे।
ऐसे करेंगे जागरूक
-किसानों को मोटा अनाज, दलहन-तिलहन, सूक्ष्म सिंचाई, वर्षा जल संचयन आदि के लिए प्रेरित किया जाएगा।
-घरेलू उपयोग में आने वाले जल को सावधानी से उपयोग के तरीके बताए जाएंगे।
-तालाबों में जल संग्रहण को लेकर जन चेतना विकसित की जाएगी।
-प्राकृतिक और जैविक खेती के प्रति रुझान बढ़ाया जाएगा।
-स्कूल के बच्चों के माध्यम से उनके अभिभावकों तक पर्यावरण संरक्षण की बात पहुंचाई जाएगी।